BY – SATISH MISHRA
CONTACT US – 9425682362,9303282362
EMAIL – [email protected]
SEONI M.P INDIA
सिवनी{ SAMVAD DOOT } – ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले नन्हे-नन्हें विद्यार्थियों को शाला में सारी सुविधाएं मिल सके इसके लिए शासकीय मदद से शाला भवन निर्माण के साथ मध्यान्ह भोजन कक्ष और शौचालय व कमरों का निर्माण कराया जाता है लेकिन स्कूल प्रबंधन, पंचायत की लापरवाही अनदेखी के चलते अच्छे खासे भवन कमरों की दुर्दशा हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा नगर सीमा से सटे ग्राम पंचायत बिठली के ग्राम राघादेही में एक प्राईवेट कंपनी द्वारा तैयार कराया गया आधुनिक सुव्यवस्थित शौचालय अपनी दुर्दशा की कहानी खुद चीख-चीख कर बयां कर रहा है।



टूटा फूटा दरवाजा – शासकीय प्राथमिक शाला राघादेही में लगभग दो वर्ष पूर्व स्कूल परिसर में स्कूल में अध्ययनरत छात्रों के लिए आधुनिक सुव्यवस्थित शौचालय तैयार कराया गया था। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि निजी कंपनी एल एंड टी द्वारा लाखों रुपए की लागत से शौचालय कक्ष का निर्माण कार्य करा स्कूल को निशुल्क हस्तांतरित किया गया। लेकिन प्रबंधन के देखरेख के अभाव में उक्त शौचालय का एक दरवाजा लगभग एक माह से टूटा पड़ा जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है। शौचालय कक्ष में लघु शंका के लिए तीन और हाथ धोने के लिए दो बाशबेसिंन के साथ एक लैट्रिंग सीट के साथ शौचालय कक्ष भी बनाया गया है।जिसके साईड में छात्राओं के लिए भी उचित शौचालय कक्ष बनाया गया है। चीनी मिट्टी के महंगे सीट, पाइप, बिजली फिटिंग, बोर्ड आदि लगाकर अलग-अलग दो कमरे बनाए गए हैं जो अब बदहाल स्थिति अपनी कहानी ऑसु बहाते हुए चिल्ला-चिल्ला के अपनी दुर्दशा की कहानी कह रहे हैं।

शौचालय में आकर जानवर कर रहे शौच – छात्रों के लिए तैयार शौचालय का दरवाजा पिछले एक माह से टूटे होने के कारण इस कमरे में बकरी व अन्य मवेशियों के द्वारा घुसकर शौच किया जा रहा है इंसानों के लिए बनाये गये शौचालय में जानवर शौच कर रहे है। जानवर शौचालय में घुसकर गोबर पेशाब करने से कमरा बुरी तरह गंदगी व दुर्गंध से गंदा हो चुका है। गंदगी इतनी ज्यादा हो गई है कि यहां छात्र अंदर जाने से कतरा रहे है। वही यहां के शौचालय का टूटा दरवाजा किसी के ऊपर कब गिर जाए इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।
बाउंड्रीवॉल विहीन स्कूल परिसर – राघादेही गांव में वर्ष १९७९ को प्राथमिक स्कूल की स्थापना की गई थी,जिसके बाद स्कूल भवन का निर्माण वर्ष १९८५-८६ में किया गया। एक तरफ जहां अनेक सरकारी स्कूलों में बाउंड्रीवाल का निर्माण करा दिया गया है तो वहीं राघादेही स्कूल में आजतक बाउंड्रीवाल तक नहीं बन पाया है। जिसके कारण स्कूल परिसर व शौचालय कक्ष में गंदगी पसरी हुई है।


स्कूल के कमरो में रिस रहा पानी – प्राथमिक स्कूल भवन के चार कमरों में से तीन कमरों की छत से बारिश का पानी अंदर कमरों में रिस रहा है, जिसके कारण कमरो में अध्यापन कार्य में भी परेशानियों का सामना शिक्षकों के अलावा पढने वाले विद्यार्थियो को करना पड़ता है। स्कूल भवन की छत पर गांव के कुछ असामाजिक तत्व चढ़कर इमारत को कमजोर कर रहे है,जिससे छत कमजोर हो चुकी है वही पुराने शौचालय की छत का सीमेंट भी झड़ गया है। व कुछ हिस्सा बाहर लटक कर झूल रहा है जो जिसके गिरने की संभावना से इनकार नही किया जा सकता है। जिसकी चपेट में आने से किसी भी छात्र के साथ अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here