सिवनी। शहरवासियों में दशहत फैला रहे भूकंप व कंपन की घटनाओं के कारणों का पता लगाने प्रशासन ने गंभीरता से प्रयास शुरू कर दिए हैं। अगले एक सप्ताह के लिए जिले के सभी स्टोर क्रशर में ब्लास्टिंग पर रोक लगा दी गई है। साथ ही जिले में भूकंपीय (सिस्मोलाजी) मीटर स्थापित करने की तैयार की जा रही है। जिले के लखनादौन व कुरई में भूकंपीय मीटर लगाए जा सकते हैं, ताकि लगातार हो रही कंपन की घटनाओं का सही आंकलन हो सके।
नियमों का हो रहा उल्लंघनः मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर बंडोल समेत जिले में एक सौ से अधिक स्टोन क्रशर चल रहे हैं। आधे से ज्यादा क्रशर तय किए गए मापदंडों व नियमों के विपरीत चल रहे हैं। जिले में संचालित ज्यादातर क्रशर में तय मापदंड से ज्यादा गहराई तक खुदाई करने के साथ ही हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है। इससे आसपास के गांवों के आवासों व फसलों पर असर पड़ रहा है। जिले में 128 गिट्टी खदानें लीज पर दी गई हैं। इनमें से 8 बंद हैं, जबकि 120 गिट्टी खदानें चालू हैं।
बार-बार कंपन से दहल रहे नगरवासीः मुख्यालय में बार-बार धरती में हो रहे तेज कंपन से नगरवासी दहल रहे है। मंगलवार सुबह 4.10 बजे रिक्टर पर 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इससे कुछ देर पहले व बाद में शहरवासियों ने 8 से 10 धरती हिलने (कंपन) के झटके महसूस किए थे। बुधवार शाम एक बार फिर डूंडासिवनी इलाके में शाम करीब 5.06 बजे लोगों को कंपन का हल्का झटका महसूस हुआ। हालाकि यह झटका कमजोर होने के कारण शहर के अन्य हिस्सों में यह कम लोगों ने महसूस किया। स्टोन क्रशर में होने वाली हैवी ब्लास्टिंग थमने के बाद उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन झटकों की तीव्रता व इसके कारणों का सही आंकलन कर सकेगा।

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