महिला की मौत छिपाने डीजल डालकर जलाई लाश, आधा किमी दूर ले जाकर नाले की रेत में दबाया

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सिवनी । महिला की मौत को छिपाने आरोपितों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया है जिसे सुनकर पुलिस के होश उड़ गए। 12 जून को जिले के कुरई थाना अंतर्गत खांखरा गांव के नाले में जली हालत में मिली महिला की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। डीजल डालकर महिला का शव जलाने व नाले की रेत में दबाने वाले ओमशंकर पिता लेखराम वर्मा (25) व विष्णु पिता शंभू वर्मा (30) दोनों खांखरा निवासी को पुलिस ने शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। संयोग की बात है कि 19 जून को ओमशंकर वर्मा दूल्हा बनकर शादी के मंडप में बारात लेकर जाने वाला था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने आरोपित ओमशंकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खांखरा गांव निवासी मृतक महिला हिरिया बाई पति रामेश्वर वर्मा (60) के गिरफ्तार आरोपितों की रिश्तेदार है। सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया है।
खेत में लकड़ी काटते वक्त हुआ हादसा- कुरई टीआई केएस मरावी ने बताया कि 9 जून की सुबह ओमशंकर पिता के खेत में विष्णु के साथ पेड़ों की कटाई कर रहा था। खेत में मूंग, बरबटी, धनिया व अन्य सब्जियों के बीच लगे पेड़ को काटने के लिए दोनों ने 100 मीटर दूर स्थित बिजली के खंबे से डायरेक्ट तार जोड़कर खेत तक लाए थे। इलेक्ट्रिक आरे से दोपहर तक पेड़ों की कटाई करने के बाद दोनों लाइट गुल होने पर मशीन व बिजली तारों को उसी स्थिति में छोड़कर खाना खाने घर चले गए। इसी दरम्यान खांखरा गांव निवासी हिरिया वर्मा पैदल मायके पगडंडी के रास्ते जा रही थी। संभवतः बरबटी व सब्जी साथ ले जाने के लिए हिरिया बाई खेत की ओर जा रही थी। तब तक बिजली सप्लाई बहाल हो गई थी। इसी दरम्यान खेत में फैले करंटयुक्त तारों की चपेट में
आने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।शाम को तार समेटते समय देखा शव-पुलिस को दिए बयान में आरोपितों ने बताया कि शाम करीब 3-4 बजे दोनों घर से वापस खेत पहुंचे। शाम तक इलेक्ट्रिक आरे से बची लकड़ी का चिरान करने के बाद जब देर शाम वे बिजली खंबे से कनेक्शन निकालकर तार समेट रहे थे। इसी दरम्यान खेत में महिला मृत दिखाई दी। इससे दोनों घबरा गए और शव को खेत में ही छोड़कर घर लौट गए। देर रात हिम्मत जुटाकर दोनों फिर से खेत पहुंचे और शव को उठाकर पैदल करीब एक किलोमीटर दूर डुंगरिया गांव के एक बंजर खेत में फेंक दिया। इसके बाद दोनों घर लौट गए।
दो दिन बाद डीजल लेकर पहुंचे-मामले का खुलासा होने के डर से शव को जलाने के लिए आरोपित घटना के तीसरे दिन 11 जून की रात एक कुप्पी में तीन लीटर डीजल व माचिस लेकर मौके पर पहुंचे। यहां महिला की लाश पर आरोपितों ने डीजल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। जली हुई लाश को मचान से निकाली गई बल्ली में गमछे की मदद से बांधकर करीब आधा किमी दूर खांखरा नाले पर ले गए। इसी बीच खेत में पड़े महिला के शव को भैंस ढूंढ रहे गांव के शिवकुमार ने देख लिया था। लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। गांव में ही इस बात की चर्चा बनी हुई थी। वहीं सूखे नाले में शव ले जाकर आरोपितों ने रेत में गड्डा खोदकर शव को दफना दिया और घर लौट गए।
तीन दिन बाद बेटे को आई मां की याद-हैरानी की बात है कि 9 जून को खांखरा गांव से पैदल कोटकसा गांव मायके जाने निकली महिला की ना तो पति ने सुध ली ना ही चार बेटों ने 60 वर्सीय मां के सुरक्षित कोटकसा पहुंचने की खबर ली। 12 जून को खेत में पूजन के दौरान अचानक मंझले बेटे रवि वर्मा को मां की याद आई। भाईयों व पिता से पूछने पर पता चला कि महिला 9 जून को मायके गई है। इसके बाद मंझले बेटे रवि वर्मा ने तुरंत कोटकसा गांव में मामा से मोबाइल पर मां को वापस खांखरा साथ लेकर आने की बात कही। मामा ने जब बहन हिरिया बाई के कोटकसा नहीं आने की बात कही तो बेटे के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव में महिला की खोजबीन शुरु की गई जिसके बाद यह पता चली कि गांव के युवक ने खेत में एक लाश देखी थी। परिवार के लोगों ने जब मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो वहां जली हुई जगह व साड़ी का हिस्सा देखकर संदेह होने पर महिला को ढूंढते हुए नाले तक पहुंच गए। तब तक बारिश के कारण नाले में पानी बढ़ गया था। महिला का जला हुआ पैर रेत में दिखाई देने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची कुरई पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया। प्रथम दृष्टया हत्या का मामला नजर आने पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई।
स्वजनों पर घूमती रही संदेह की सुई-अंधी हत्या के मामले में जांच कर रही कुरई पुलिस भी उलझ रही थी। महिला के शरीर में पहने हुए जेवर सुरक्षित थे इसलिए प्रथम दृष्टया पुलिस को हत्या की वजह लूट की बजाए आपसी अनबन नजर आ रही थी। पुलिस को यह भी संदेह था कि महिला की पति से अनबन रहती थी और आर्थिक रुप से मजबूत होने के बाद भी परिवार की 60 वर्षीय महिला पैदल मायके क्यों जा रही थी। इसलिए पुलिस ने पहले महिला के परिवार से जुड़े लोगों से सख्ती से पूछताछ की लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। इसी बीच जब मृत महिला के कोटकसा गांव निवासी भाई बयान दर्ज कराने कुरई थाना जा रहा था इससे पहले वह खांखरा गांव में ओमशंकर के घर पहुंचा। 19 जून को ओमशंकर की शादी होनी थी लेकिन हो रही पूछताछ व पकड़े जाने के डर से वह परेशान था। फूफा के घर पहुंचने पर भयभीत ओमशंकर ने पूरा घटनाक्रम बता दिया। इसके बाद मामले का खुलासा हो सका। शुक्रवार को पुलिस ने खांखरा गांव पहुंचकर घटना स्थल से साक्ष्य एकत्रित करने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल सामग्री जब्त कर ली है।
सनसनाखेज वारदात का हुआ खुलासा-पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने में कुरई थाना प्रभारी केएस मरावी, एसआई रोहित काकोड़िया, एएसआई डीआर शरणागत, प्रधान आरक्षक राजकुमार कुमरे, करतार सिंह, आरक्षक संजय राहंगडाले, हजारी लाल कुड़ापे, ओमकार परतेती, दिलीप कटौते, प्रकाश जंघेला की अहम भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक, एएसपी कमलेश खरपुसे, बरघाट एसडीओपी बीएस धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छानबीन के बाद आरोपितों तक पहुंची है।

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