by
satish mishra
“आयुष मंत्री श्री रामकिशोर कावरे ने दिया स्वागत उदबोधन”
सिवनी 23 अप्रैल 21/मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना काल में एक नई पहल करते हुए ‘योग से निरोग” कार्यक्रम का आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुभारंभ किया गया। मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री आयुष विभाग(स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन विभाग श्री रामकिशोर नानो कावरे ने कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन दिया। राज्यमंत्री श्री कावरे ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में रह रहे कोविड मरीजों का मानसिक, शारीरिक और आत्मिक स्वास्थ्य एवं मनोबल को निरंतर ऊँचा बनाये रखना है। साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करना भी है। आयुष विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग एवं इण्डियन योग एसोसिएशन तथा पतंजलि योग पीठ के संयुक्त तत्वावधान में चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स दिन में 2 बार होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को वीडियो कॉल या फोन कॉल से ऑनलाइन योग, आसन, ध्यान, प्राणायाम आदि का अभ्यास करायेंगे।
प्रत्येक योग प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स को लगभग 10 मरीज आवंटित किये जायेंगे। इसी प्रकार का सामूहिक अभ्यास कोविड केयर सेंटर में भी एक व्यवस्था बनाकर किया जायेगा। यह कार्यक्रम होम आइसोलेशन में रहने वाले और कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों में नई ऊर्जा, उत्साह, मनोबल और सकारात्मक भावों का संचार करेगा, जिससे उन्हें जल्द से जल्द ठीक होने में विशेष मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे योगासन और प्राणायाम काफी कारगर हैं। पहले हमें सावधानी रखना है कि लोग बीमार ही न हों और दूसरा कि अगर बीमार पड़ें तो अस्पताल न जाना पड़े, घर पर ही इलाज हो जाये। इसलिये आज योग से निरोग कार्यक्रम को शुरु किया है। मैं वर्षों से योग कर रहा हूं। मैं भी संक्रमित हुआ, लेकिन वो संक्रमण मेरे लंग्स में कोई असर नहीं डाल पाया। उस दौरान भी मैं बराबर योग करता रहा। मैं अपने अनुभव से बताता हूं कि योग से निरोग हुआ जा सकता है।


समय रहते अगर इसका इलाज और योग का साथ लिया जाये तो 100 प्रतिशत ठीक होने वाली बीमारी है। कोरोना से पीड़ित मानवता की सेवा के लिये बहुत बड़ा अभियान है योग से निरोग। योग के माध्यम से नकारात्मक सोच खत्म करने में मदद मिलेगी। #COVID19 के खिलाफ युद्ध है जिसे बाहर जा के नहीं घर में रहकर जीता जा सकता है। 30 अप्रैल तक घरों से बाहर न निकलें। योग प्रशिक्षकों का रजिस्ट्रेशन और इस व्यवस्था को जितनी जल्दी हम सुचारु कर सकें उतनी जल्दी लोगों को सहूलियत मिलेगी।

दैनिक वेतन की नई दरें निर्धारित
सिवनी 23 अप्रैल 21/श्रमायुक्त म.प्र. शासन इंदौर के आदेशानुसार दैनिक वेतन भोगियों की नई वेतन दरें निर्धारित कर दी गई है। जिसके परिपालन में कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने जिले के शासकीय वेतन भोगी श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिये 1 अप्रैल 21 से 30 सितंबर 21 तक की अवधि के लिए दैनिक वेतन की नई दरें निर्धारित की गई है। इन दरों में परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता भी सम्मिलित है-
नई वेतन दरें इस प्रकार है:-
अकुशल कर्मचारियों के लिये न्यूनतम मूल वेतन 6500 रूपये (प्रतिदिन 216.66), परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता 2200 रूपये (प्रतिदिन 73.33) इस प्रकार कुल प्रतिमाह 8700 रूपये (प्रतिदिन 290.00) निर्धारित किया गया है। अर्ध्दकुशल के लिये न्यूनतम मूल वेतन प्रतिमाह 7057 रूपये (प्रतिदिन 235.23), परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता 2500 रूपये ( प्रतिदिन 83.33) इस प्रकार कुल वेतन 9557 रूपये (प्रतिदिन 319 रुपए )। इसी प्रकार कुशल के लिये न्यूनतम मूल वेतन 8435 रूपये (प्रतिदिन 281.16) तथा परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता 2500 (प्रतिदिन 83.33) इस प्रकार प्रतिमाह 10935 रूपये कुल वेतन देय होगा। उच्च कुशल के लिये प्रतिमाह 9735 रूपये न्यूनतम मूल वेतन तथा 2500 रूपये परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता सहित कुल 12235 रूपये कुल वेतन देय होगा।

मजदूरी निर्धारण में पैसे तथा रूपये के गुणांकों को राउंड अप करके ही दैनिक एवं मासिक मजदूरी निर्धारित की जायेगी। वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार 50 पैसे अथवा उससे अधिक पैसे हो तो उन्हें अगले उच्चतर रूपये में पूर्णाकिंग किया जायेगा और 50 पैसे से कम राशि को छोड दिया जायेगा।

घर पर रहें-आप सुरक्षित-आपका परिवार सुरक्षित’
’घर पर रहें-आप सुरक्षित-आपका परिवार सुरक्षित’

सिवनी 23 अप्रैल 21/कोरोना वायरस जनित कोविड-19 एक नवीन संक्रामक रोग है जिसके बारे में नित नए साक्ष्य प्राप्त हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवीन साक्ष्यों के दृष्टिगत प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों को अद्यतन किया गया है। कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ होने के पश्चात् कुछ रोगियों में थकान, शारीरिक दर्द, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई आदि जैसे लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं। निरन्तर सूखी खांसी अथवा गले में खराश जैसे लक्षण होने पर, नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारे अथवा भाप लेने से आराम मिलता है। खांसी संबंधी औषधियाँ एलोपैथिक डॉक्टर अथवा आयुष चिकित्सक के परामर्श अनुरूप ही लेने की सलाह दी गई है।
तेज बुखार, सांस की कठिनाई, ऑक्सीजन सैचुरेशन (spo-2) 95 प्रतिशत होना, छाती में दबाव, जकड़न, हाल ही में मानसिक भ्रम की शिकायत होना, कमजोरी आदि के लक्षणों के प्रति सजगता रखी जाय एवं उपरोक्त में से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लिया जाये। कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हुए रोगियों के लिए दिशा-निर्देश दिये गये है। कोविड-19 के गंभीर संक्रमण तथा को-मॉर्बिड रोग युक्त व्यक्तियों में रिकवरी अवधि प्रायरू अन्य रोगियों की तुलना में अधिक दीर्घ होती है। ऐसे रोगियों की सुदृढ़ एवं नियमित फॉलो-अप डिस्ट्रिक्ट कोविड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर (डीसीसीसीसी) के चिकित्सकों के द्वारा किया जायेगा ।

जिले में डोर टू डोर सर्वे कार्य निरंतर जारी
सिवनी 23 अप्रैल 21/ कोविड-19 के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए प्रारंभिक स्तर पर ही पता लगाने तथा समुचित इलाज के लिए डोर टू डोर सर्वे का कार्य आशा, एएनएम तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा निरंतर किया जा रहा है। आशा, एएनएम तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर घर जाकर मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली जा रही है। साथ ही थर्मल स्कैनर से फीवर तथा ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सीजन लेवल चेक किया जा रहा है एवं कोविड-19 के संभावित लक्षण मिलने पर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है।
आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए भी जागरुक किया जा रहा है। साथ ही मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाने एवं हाथों को सेनेटाईज करने आदि की सलाह दी जा रही है।

अस्पतालों में ऑक्सीजन के उपयोग और आपूर्ति की निगरानी करेंगे नोडल अधिकारी – मुख्यमंत्री श्री चौहान
प्रदेश की 55 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों ने स्व-प्रेरणा से लगाया जनता कर्फ्यू , मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा
सिवनी 23 अप्रैल 21/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश को मिलने वाले ऑक्सीजन टैंकरों को लगातार ट्रेक किया जाए। हमें सभी स्त्रोतों का पूरी तरह से उपयोग करना है। जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है हमें वैसे प्रयास करने हैं। प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों से मिल सकने वाली संभावनाओं को तलाशें और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता को भी बढ़ाएँ। केन्द्र सरकार से ऑक्सीजन आपूर्ति के संबंध में निरंतर समन्वय जारी है। जिलों में अगले 24 घंटे की ऑक्सीजन की आवश्यकता का आंकलन कर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाए। कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों का इलाज कर रहे सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन के उपयोग और आपूर्ति की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपा जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान निवास से वर्चुअली प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कोरोना की रोकथाम और व्यवस्थाओं के लिए गठित कोर ग्रुप से भी जानकारी ली। बैठक में कटनी और पन्ना जिलों की स्थिति की विशेष समीक्षा की गई।
12 हजार 572 ग्राम पंचायतों ने स्वयं लगाया कोरोना कर्फ्यू
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने में कोरोना कर्फ्यू प्रभावी रहा है। प्रदेश की 12 हजार 572 ग्राम पंचायतों में स्व-प्रेरणा से जनता कर्फ्यू लागू करने का संकल्प लिया गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और अन्य पंचायतें भी अपने क्षेत्रों में स्व-प्रेरणा से कोरोना कर्फ्यू लागू करें।
टेस्टिंग में कमी नहीं आए
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टेस्टिंग में कमी नहीं आए और सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित सभी लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। होम आयसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरंतर संवाद, उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार मेडिकल सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोविड केयर सेंटरों में इस प्रकार की व्यवस्था विकसित की जाए कि कम लक्षण वाले मरीजों के लिए यह सेंटर अस्पताल के विकल्प के रूप में कार्य कर सकें। कोविड केयर सेंटरों में आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित कर उनकी विश्वसनीयता बढ़ाना भी आवश्यक है।
बुरहानपुर में गठित हुआ कोरोना योद्धा सेल
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बुरहानपुर में कोरोना योद्धाओं की मदद के लिए आरंभ किए गए जिला कोरोना योद्धा सेल के नवाचार की प्रशंसा की। यह केन्द्र शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के कोविड संक्रमित होने पर उनके इलाज में मदद करेगा। यहाँ से बेड तथा जीवन-रक्षक दवाओं की उपलब्धता, टेस्टिंग और अन्य सहायता भी उपलब्ध होगी।
होम आयसोलेशन की प्रभावशीलता का आंकलन करें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि होम आयसोलेशन की प्रभावशीलता के आंकलन के लिए यह अध्ययन कराया जाए कि कितने व्यक्ति होम आयसोलेशन में स्वस्थ हुए और कितने मरीजों को होम आयसोलेशन से अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।
छिंदवाड़ा में संक्रमण नियंत्रण के लिए हुई प्रभावी कार्रवाई
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि छिंदवाड़ा में संक्रमण नियंत्रण के लिए टेस्टिंग बढ़ाने के साथ टेस्ट रिपोर्ट जल्दी प्राप्त करने की व्यवस्था करते हुए संक्रमित क्षेत्रों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण नियंत्रण की प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस प्रकार की कार्यवाहियाँ अन्य अधिक संक्रमित जिलों में भी की जाना चाहिए।
9,620 व्यक्ति हुए स्वस्थ
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि प्रदेश में आज 12 हजार 338 पॉजिटिव केस दर्ज हुए हैं। यह कल की तुलना में 850 कम है। इसी प्रकार आज 9,620 व्यक्ति स्वस्थ हुए। प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 23.6 प्रतिशत बनी हुई है।
संपूर्ण प्रदेश में किल कोरोना अभियान-2
बैठक में जानकारी दी गई कि संपूर्ण प्रदेश में किल कोरोना अभियान-2 लागू करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अलीराजपुर में 168, बड़वानी में 323, बैतूल में 432, छिंदवाड़ा में 331, झाबुआ में 308 और खरगोन में 471 टीमों द्वारा गाँव-गाँव सर्वे किया गया। अब इस अभियान के अंतर्गत जिस भी विकासखंड में कोरोना के पॉजिटिव प्रकरण या सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित अधिक व्यक्ति होंगे, वहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा सर्वे किया जाएगा और प्रभावित लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएगी।
141 कोविड केयर सेंटर में 7,437 बेड उपलब्ध
बैठक में जानकारी दी गई कि 141 कोविड केयर सेंटर का संचालन आरंभ हो गया है। जिनमें 07 हजार 437 आयसोलेशन बेड और 523 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। प्रदेश में 55 हजार 506 मरीज होम आयसोलेशन में रह रहे हैं। इनमें से 43 हजार 680 मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई दी गई है और 47 हजार 975 मरीजों से फोन पर सम्पर्क कर आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई। हरदा में निजी नर्सिंग होम के 8 चिकित्सक जिला कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से होम आयसोलेशन में रह रहे मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दे रहे हैं।
भोपाल में आरंभ हुए 38 कोरोना सहायता केन्द्र
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पन्ना और कटनी की अधिक पॉजिटिविटी रेट देखते हुए इन जिलों में विद्यमान परिस्थितियों की समीक्षा की। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने बताया कि भोपाल में 38 स्थानों पर कोरोना सहायता केन्द्र आरंभ किए गए हैं। इन केन्द्रों में प्रात: 10 से सायं 5 बजे तक डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित व्यक्तियों के ऑक्सीजन सेचुरेशन की जाँच कर उन्हें आवश्यकतानुसार दवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

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