सिवनी। श्रीराम मंदिर बने तो सही ठंग से बने, नहीं तो हम भूमि (रामजन्म भूमि) की पूजा कर लेते तो अच्छा होता। राममंदिर निर्माण को लेकर ऐसे कई तीखे सवाल ज्योतिष्पीठाधीश्वर व द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने 21 फरवरी रविवार को प्रेसवार्ता में उठाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए किए गए भूमिभूजन में ना तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा गया, ना ही धर्म सम्मत नियमों का। राम मंदिर को लेकर वर्षों से जिन साधु-संतों और धर्माचार्यों ने आवाज उठाई, उन्हीं धर्माचार्यों की उपेक्षा की गई। महज एक ट्रस्ट विशेष को राममंदिर निर्माण का श्रेय दिया जा रहा है, जो गलत है। इस तरह देखा जाए तो यह एक ट्रस्ट विशेष और संस्था विशेष का कार्यालय बनकर रह जाएगा। जगतगुरु शंकराचार्य श्री गुरु रत्नेश्वर धाम दिघौरी में आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में रविवार को मीडिया कर्मियों से बात कर रहे थे।
गो हत्या बंदी के नाम पर बनी वर्तमान सरकारः प्रेस वार्ता में जगतगुरु शंकराचार्य ने वर्तमान भाजपा सरकार पर भी कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने गो हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि गो हत्या बंदी के नाम पर ही तो वर्तमान भाजपा सरकार सत्ता में आई है, लेकिन अपने आप को हिंदू सरकार बताने वाली वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही गो हत्याएं ज्यादा हो रही हैं, गाय मारी जा रही हैं, काटी जा रही हैं। गंगा पाटी जा रही, बांटी जा रही हैं। दूसरी ओर राम मंदिर का निर्माण चल रहा है और वर्तमान सरकार खुद को सबसे बड़ी हिंदू सरकार बताने की कोशिश कर रही है। लेकिन राम मंदिर को स्मारक की तरह बनाया जा रहा हैं।
भूमिपूजन में मोदी का क्या कामः राममंदिर निर्माण के भूमिभूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति पर श्री जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि शिलान्यास कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी का क्या काम, यह काम तो साधु-संतों और धर्माचार्यों का है। भूमिपूजन कार्य किसी धर्माचार्य से कराया जाना चाहिए था। उन्होंने भूमिपूजन के मुहूर्त पर कहा कि, मुहूर्त सिर्फ निर्माण के लिए ही नहीं देखा जाता, बल्कि जो भी निर्माण हो रहा है वह सनातन रहे, उस पर कभी कोई परेशानी ना आए, कोई अनहोनी ना हो, इसलिए भी मुहूर्त देखा जाता है, लेकिन राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन में मुहूर्त का ध्यान नहीं रखा गया।
छह साल में तोड़े गए सबसे ज्यादा मंदिरः मंदिरों को तोड़े जाने को लेकर जगतगुरु शंकराचार्य ने सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि बीते छह सालों में देश में जितने मंदिर तोड़े गए, उतने कभी नहीं तोड़े गए। उन्होंने कहा कि इस दौरान देशभर में करीब 50 हजार से अधिक मंदिर तोड़ दिए गए। जब मोदी गुजरात में मुख्यमंत्री थे, तब से मंदिर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर तोड़ने वाले आज मंदिर बनाने का ढोंग कर रहे हैं।
कोर्ट में हमने रखा अपना पक्षः शंकराचार्य महाराज ने बताया कि राम जन्मभूमि विवाद और राम मंदिर तोड़े जाने को लेकर हमारे वकील ने हमेशा मजबूती हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा। राम मंदिर विवाद में भाजपा का एक भी संगठन पक्षकार नहीं बना। शंकराचार्य महाराज ने आकाट्य प्रमाण कोर्ट में प्रस्तुत किए। 350 से ज्यादा प्रमाण कोर्ट में पेश किए गए। हाई कोर्ट में 90 दिन सुनवाई चली 29 पक्षकारों ने बहस में हिस्सा लिया। 90 दिन में से 24 दिनों तक शंकराचार्य महाराज के वकील ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में आया तो 40 दिन की बहस चली जिसमें 9 दिनों तक शंकराचार्य महाराज के वकील ने मजबूती से कोर्ट में पक्ष रखा। इसमें बताया गया कि जहां मस्जिद तोड़े जाने की बात बताई गई है, वहां कभी मस्जिद थी ही नहीं। इस तरह कोर्ट ने जो निर्णय दिया है, उसमें हमारे पक्ष को मजबूती से जगह मिली। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए जगह दिए जाने की कोई जरुरत नहीं थी, लेकिन सरकार के प्रयास से मस्जिद के लिए जगह दी गई। इससे भविष्य में पुनः टकराव की स्थिति निर्मित होगी।
मुसलमान एक साथ चार शादी कर रहा हैः केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि लोक तंत्र में लोगों की मांग को सरकार कार्यांवित करती हैं। कृषि कानून को गलत ठहराते हुए जगतगुरु ने कहा कि किसानों ने कब मांग की थी, जबरदस्ती हमारे बाप (सरकार) बन गए हैं। जो मकसद बताकर सरकार ने नोट बंदी की थी, वह पूरा नहीं किया गया। हिन्दू को रोक दिया जाता है, एक शादी के बाद दूसरी शादी नहीं कर सकता। जब तक पहली पत्नी का तालाक या मौत ना हो जाए। मुसलमान एक साथ चार शादी कर रहा हैं। यदि इन पर भी एक शादी का कानून लागू कर दिया जाए, तो मुसलमान पाकिस्तान भाग जाएंगे।
नारी हर स्थिति में पूज्यनीयःदेश में महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार और अपराध को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्री जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि नारी हर रूप और हर स्थिति में पूज्यनीय है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में कन्या से लेकर उम्र के अंतिम पड़ाव तक नारी को पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति आदर की भावना थी, वह शिक्षा में आनी चाहिए। जितने भी युद्ध हुए हैं। वह महिलाओं के कारण हुए हैं। सीता हरण के कारण रावण का विनाश हुआ। द्रोपती के अपमान के कारण कौरव कुल का नाश हुआ। बताया जाना चाहिए कि क्या पाप और क्या पुण्य हैं। पुनर्जन्म की थ्योरी केवल सनातन धर्म के अलावा किसी धर्म नहीं हैं।

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