लॉक डाउन और सामाजिक दूरी के कारण बच्चों में बढ़ा है इन बीमारियों का खतरा, जान लें और हो जाएं सावधान

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Coronavirus (Covid-19) से निपटने के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लॉकडाउन किया गया और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह दी गई। यह कदम भले ही कोरोना को रोकने में कामयाब हुए हों लेकिन इनकी वजह से बच्चों में दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ गया। एक स्टडी में दावा किया गया है कि लॉकडाउन में घरों में कैद हुए खासतौर पर मोटापे से पीड़ित बच्चों के खानपान, नींद और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पाया गया है। इससे मोटापा और बढ़ने का खतरा हो सकता है।
इससे पूर्व किए गए एक अन्य शोध में पाया गया था कि लंबे समय तक लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों का बच्चों और किशोरों की मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ सकता है। इन्हें लंबे समय तक डिप्रेशन (अवसाद) और व्यग्रता जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका की बफेलो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, यह निष्कर्ष ज्यादा वजन वाले 41 बच्चों पर गत मार्च और अप्रैल के दौरान किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है। इन बच्चों में खानपान और नींद के साथ ही कंप्यूटर, टेलीविजन और फोन पर व्यतीत किए जाने वाले समय का एक साल पहले दर्ज की गई इनकी आदतों के साथ तुलना की गई।
इसमें पाया गया कि बच्चों ने रोजाना अतिरिक्त भोजन का सेवन किया। प्रतिदिन अतिरिक्त आधे घंटे से ज्यादा समय तक सोते रहे। इस अवधि के दौरान इन बच्चों ने कंप्यूटर, टेलीविजन और फोन पर करीब पांच घंटे तक समय व्यतीत किया। यही नहीं इनमें रेड मीट, मीठे पेय पदार्थों और जंक फूड का सेवन भी बढ़ा पाया गया। जबकि दूसरी ओर शारीरिक गतिविधि में कमी पाई गई। हालांकि सब्जियों के सेवन में कोई बदलाव नहीं दिखा।

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