सांसद पर लगाए गए आरोप न केवल निराधार हैं बल्कि प्रमाण को भी झूठा साबित करने वाले हैं – संजू मिश्रा

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BY – SATISH MISHRA

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SEONI M.P INDIA

सिवनी { संवाद दूत } – सांसद डॉक्टर ढाल सिंह बिसेन की राजनीति सदैव विकास परक रही है। रेलवे संघर्ष समिति के स्वयंभू राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सांसद बिसेन पर जो आरोप लगाए गए हैं वह न केवल निराधार हैं बल्कि प्रमाण को भी झूठा साबित करने वाले हैं। अर्थलिप्सा का जहां तक सवाल है तो यह सर्वविदित है कि डॉ बिसेन के इतने लंबे राजनीतिक जीवन में उन पर आज तक भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है।
उक्त आशय की बात भाजपा जिला मंत्री एवं सिवनी विधानसभा के सांसद प्रतिनिधि श्री संजीव मिश्रा ने रेलवे संघर्ष समिति के स्वंभू राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप बेस पर पलटवार करते कही। श्री मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2019 में जब डॉक्टर बिसेन को जनता ने सांसद बनाया तो जनता के विश्वास को कायम रखते हुए उन्होंने अमान परिवर्तन के कार्य को प्राथमिकता दी। रेलवे के अधिकारियों के साथ निरंतर बैठक कर विस्तार से जानकारी ली। सिवनी स्टेशन की बिल्डिंग को मॉडल स्वरूप दिलवाया साथ ही एक अतिरिक्त माडल भवन भी स्वीकृत कराया।
श्री मिश्रा ने कहा कि,सिवनी में व्यापार बढ़े इसके लिए रैक प्वाइंट स्वीकृत करवाया। सांसद बनने के बाद सिवनी एवं बालाघाट में चल रहे आमान परिवर्तन कार्य के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध हो इसका प्रयास किया। नैनपुर से समनापुर एवं कटंगी से तिरोड़ी रेल लाइन पूरी होना सांसद के प्रयासों का ही परिणाम है ।भोमा से सिवनी और चौरई से सिवनी के बीच ब्रॉडगेज का कार्य जल्दी पूरा हो इसके लिए सांसद डॉ बिसेन अधिकारियों से सतत संपर्क में है एवं कार्य में जो भी दिक्कत आई उसे दूर करने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किया है। चाहे वह अर्थवर्क के लिए मुरम की जरूरत हो या ब्लास्टिंग की या फिर अतिक्रमण हटाने की यह सभी कार्य उनके प्रयासों से ही हुए हैं।
श्री मिश्रा ने कहा कि, कोरोनाकाल और ठेकेदार दोनों की वजह से कुछ विलंब जरूर हुआ है बावजूद इसके यह कार्य कैसे तेजी से पूर्ण हो इसके लिए वे निरंतर जुटे हुए हैं। श्री मिश्रा ने कहा कि रेलवे ठेकेदार को सांसद का संरक्षण होने की बात सफेद झूठ है। आरोप लगाने वाले अज्ञानी यह नहीं जानते कि यदि ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करा दिया जाता है तो पुनः टेंडर प्रक्रिया करनी होगी। जिसमें कम से कम एक वर्ष का समय लग सकता है। जबकि सांसद बिसेन की सोच यह है कि ठेकेदार को बदलने की बजाय उस पर दबाव बनाकर कार्य जल्दी से जल्दी पूरा कराया जाए ताकि अगली कार्य योजना सिवनी कटंगी रेल लाइन के लिए प्रयास किए जा सकें।
श्री मिश्रा ने कहा कि, स्वंय को ब्रॉड गेज रेलवे संघर्ष समिति का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करने वाले श्री बैस यह बताएं कि भारत के किस किस प्रांत में उनके प्रदेश अध्यक्ष हैं? और उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना किसने है? वास्तविकता यह है कि, ये कांग्रेस के नेता हैं जो बालाघाट और सिवनी जिले में श्रेय लेने की राजनीति करते हैं इसके लिए ये रेलवे संघर्ष समिति के स्वयंभू राष्ट्रीय अध्यक्ष बन बैठे हैं। जहां भी इन्हें लगता है , सिवनी अथवा बालाघाट जिले में रेलवे का यह कार्य पूरा होने वाला है उसके पूर्व ही ये लोगों को गुमराह करके यह जताने का प्रयास करते हैं कि यह कार्य इनकी वजह से हुआ है। जबकि रेलवे विस्तार के लिए जब भी संघर्ष का समय आया यह सदैव गायब रहे हैं।
श्री मिश्रा ने आरोप लगाया कि सिवनी जिले में भी श्री बैस द्वारा सांसद बिसेन का केवल विरोध करने के नाम पर एक समूह को एकत्रित किया गया है जो एक तरफ तो सांसद बिसेन पर ओछे आरोप लगा रहा है, वहीं यह भी स्वीकार कर रहा है कि सांसद द्वारा ब्रॉडगेज के कार्य का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। यही नहीं ये लोग यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि सांसद के प्रयासों से रेलवे ट्रैक के आसपास के सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जहां नदी थी वहां ट्रैक बन गया। जहां पहाड़ थे वहां काम पूरा हो गया। जहां जंगल से वहां फॉरेस्ट लैंड का क्लियरेंस मिल गया। इस विरोध प्रदर्शन के दोहरे चरित्र का अपने आप खुलासा हो जाता है।

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