साहब! ऐसा खाना तो भिखारी भी नहीं खाते हैं…

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साहब! ऐसा खाना तो भिखारी भी नहीं खाते हैं…
महर्षि स्कूल में बनाए गए श्रमिक ट्रांजिट कैंप में बंट रहा गुणवत्ताहीन खाना
– कई श्रमिकों ने खाने से किया इन्कार, दिनभर रहे भूखे
गुणवत्ताहीन खाने मिलने से कई श्रमिकों ने खाने से कर दिया इन्कार।
छिंदवाड़ा । साहब! भिखारी भी ऐसा खाना पसंद नहीं करते हैं। यह बात महर्षि विद्या मंदिर स्कूल में बनाए गए प्रवासी श्रमिक ट्रांजिट कैंप में बाहर से आए श्रमिकों ने कही। श्रमिकों ने बताया कि खाना के जो पैकेट दिए गए उसमें रोटी पूरी तरह से गली हुई हैं। वहीं कद्दू की सब्जी चावल में मिल। इससे न तो स्वाद था और न ही भोजन खाने लायक था। पैकेट में भोजन ठीक नहीं होने पर कुछ श्रमिकों ने नाराजगी भी जताई।
बता दें कि नागपुर रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर स्कूल में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रवासी श्रमिक ट्रांजिट कैंप बनाया गया है। इस कैंप में रोजाना बाहर से बसों में आ रहे मजदूरों को नाश्ता और भोजन के पैकेट दिए जाते हैं। रविवार को जब दोपहर में भोजन के पैकेट कैंप में पहुंचे तो उसमें आई रोटी पूरी तरह से गल चुकी थी। पैकेट में रोटी, खिचड़ी और कद्दू की सब्जी भी भर दी गई थी। साथ ही पैकेट में रोटी पूरी तरह से गली हुई थी तो खिचड़ी में सब्जी मिल गई थी। इससे न तो खिचड़ी को खाना संभव था और न भिखारी भी नहीं खाते ऐसा खाना अहमदाबाद से आए मजदूरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि खाना ठीक नहीं होने से उन्हें बगैर खाए ही पूरा दिन रहना पड़ा। बता दें कि ट्रांजिट कैंप में दीनदयाल रसोई से भोजन आता है। इस पैकेट को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है कि सब्जी और रोटी के मिलने के कारण भोजन खाने योग्य नहीं रहता है।
भोजन की गुणवत्ता को लेकर समस्या नहीं है। पैकिंग को लेकर समस्या है। पैकिंग व्यवस्थित करने के लिए कहा गया है।ही गली रोटी खाकर पेट की भूख मिटाई जा सकती थी। यह देख अधिकांश श्रमिकों ने खाने से इन्कार कर दिया।

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