Shikshak Bharti :वे शिक्षक जो अधिसूचित जिलों में काम कर रहे हैं, काम करते रहेंगे और उन्हें हाई कोर्ट के फैसले की वजह से परेशान नहीं किया जाएगा।
Shikshak news : देश के साढ़े तीन हजार से ज्‍यादा शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुनवाई करते हुए इन शिक्षकों के पक्ष में आदेश जारी किया है। इसके चलते ये शिक्षक अब नौकरी में बने रह सकेंगे। यह निर्णय रोजगार नीति के संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने कोर्ट 8,423 पदों में से 3,600 से अधिक पदों पर हुई नियुक्तियों को निरस्त कर दिया था। ताजा सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “इस दौरान, वे शिक्षक जो अधिसूचित जिलों में काम कर रहे हैं, काम करते रहेंगे और उन्हें हाई कोर्ट के फैसले की वजह से परेशान नहीं किया जाएगा। सुनवाई की अगली तारीख तक अंतरिम राहत जारी रहेगी।” हालांकि यह अंतरिम राहत है लेकिन इससे हजारों शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के 3,600 शिक्षकों को अंतरिम राहत देते हुए सेवा में बने रहने की अनुमति प्रदान कर दी।
इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने रोजगार नीति-2016 को रद करने संबंधी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर झारखंड सरकार से जवाब मांगा है। असल में, 21 सितंबर को झारखंड हाई कोर्ट ने प्रदेश की “रोजगार नीति-2016” निरस्त कर दी थी। इस नीति के अंतर्गत राज्य के 13 अधिसूचित जिलों में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की शत प्रतिशत सरकारी नौकरियां 10 साल के लिए स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित की गई थीं।
हाई कोर्ट ने फैसले में राज्य के 13 अधिसूचित जिलों में सरकारी स्कूलों में 8,423 सहायक हाई स्कूल शिक्षकों की चार साल पहले शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी थी। इन जिलों में रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़ और जामताड़ा शामिल हैं।
यहां 2613 एसएमसी शिक्षकों को लंबित वेतन देने की तैयारी-हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों के लिए अच्‍छी खबर है। राज्य के सरकारी स्कूलों में एसएमसी आधार पर कार्यरत शिक्षकों को सरकार दिवाली से पहले बड़ी राहत देने की तैयारी में है। ऐसे शिक्षक जो स्कूलों में बच्चों को आनलाइन माध्यम से पढ़ा रहे हैं, उन्हें इसका मानदेय देने की तैयारी है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इसको लेकर शिक्षकों का डाटा तैयार करना शुरू कर दिया है। शिक्षा उपनिदेशक शिमला भाग चंद चौहान की ओर से इस संबंध में सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को सर्कुलर भेजा गया है। एक दिन के भीतर इसका पूरा डाटा तैयार कर उपनिदेशक कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पूछा गया है कि जिला में कितने शिक्षक एसएमसी आधार पर कार्यरत हैं। कितने शिक्षक लगातार बच्चों की आन लाइन कक्षाएं ले रहे हैं। कितने महीनों से इन शिक्षकों को वेतन नहीं दिया गया है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियों को रद कर दिया था। शिक्षकों ने प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। जिसके बाद विभाग ने वेतन का ब्यौरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2613 शिक्षक स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत तैनात किए गए हैं। प्रदेश में करीब 130 स्कूल एसएमसी शिक्षकों के सहारे ही चल रहे हैं। इन शिक्षकों का करार 31 मार्च और 31 दिसंबर को समाप्त हो चुका है।

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