78 दिन बाद हो सकेंगे स्फटिक शिवलिंग के दर्शन,मास्क लगाने वाले श्रद्धालुओ को ही प्रवेश

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सिवनी। गुरुधाम दिघौरी में स्थापित एशिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग के दर्शन श्रद्घालुओं को 78 दिन बाद सोमवार से हो सकेंगे। सोमवार से मंदिर श्रद्घालुओं के लिए खोले जाने से बड़ी संख्या में श्रद्घालु पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए दिघौरी मंदिर समिति ने सुरक्षा के इंतजाम करने की तैयारी कर ली है। हालांकि अब तक मंदिर समिति को प्रशासन से मंदिर खोलने के संबंध में कोई आदेश व निर्देश नहीं मिले हैं।
दिघौरी मंदिर समिति के व्यवस्थापक सागर उपाध्याय ने बताया है कि मंदिर के द्वार श्रद्घालुओं के लिए खोले जाने पर शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए हर दो गज की दूरी पर गोले बनाए जाएंगे। साथ ही मंदिर के द्वार पर सैनिटाइजर रखा जाएगा। एक साथ 5 से ज्यादा श्रद्घालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा के अन्य उपाय किए जाएंगे। मास्क लगाने वाले श्रद्घालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
मातृधाम में ये किए जाएंगे सुरक्षा के उपाय – छिंदवाड़ा रोड स्थित भगवती श्रीराजराजेश्वरी महात्रिपुरसुंदरी मातृधाम मंदिर में माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले भक्तों को एक बार में पांच भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्त मंदिर के घंटा व मूर्ति को स्पर्श नहीं कर सकेंगे। मंदिर प्रभारी अजित तिवारी ने बताया कि दर्शनार्थी अपने साथ लाए प्लास्टिक, थैला व अन्य सामानों को साथ ले जाना होगा। फल-फूल चढ़ा सकते हैं। मंदिर बंद होने से पहले बिना एल्कोहल युक्त कपूर व औषधी से बना स्प्रे कर मंदिर को सैनिटाइज किया जाएगा।

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