Hyderabad के नीलकंठ बने दुनिया के सबसे तेज ह्यूमन कैलकुलेटर, लंदन में मिला सम्मान

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नई दिल्ली: बच्चे हों या बड़े, अक्सर लोग मैथ के नाम से ही घबरा जाते हैं. स्कूल-कॉलेज में भी आपका सामना ऐसे स्टूडेंट्स से जरूर हुआ होगा, जो मैथ को सिर्फ नापसंद ही नहीं, बल्कि उससे नफरत करते हैं. खैर, दुनिया में अगर मैथ के दुश्मन हैं तो दोस्तों की भी कमी नहीं है. हाल ही में भारत के एक युवा ने गणित का एक बेहद शानदार टाइटल अपने नाम किया है.
जीता कैलकुलेटर का खिताब
हाल ही में लंदन में माइंड स्पोर्ट्स ओलंपियाड (Mind Sports Olympiad) आयोजित किया गया था. इसमें मानसिक गणना विश्व चैम्पियनशिप में (Mental calculation world championship) भारत के 20 वर्षीय नीलकांत भानु प्रकाश ने स्वर्ण पदक जीता है. भारत के लिए पहला स्वर्ण जीतने के बाद हैदराबाद के बीस वर्षीय नीलकंठ भानु प्रकाश दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलेटर के रूप में उभरे हैं. नीलकंठ दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में गणित (ऑनर्स) के छात्र हैं.
उन्होंने इस विश्व रिकॉर्ड के साथ ही दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के लिए लिम्का रिकॉर्ड भी जीता है. नीलकंठ ने एएनआई को बताया कि उन्होंने भारत को गणित के वैश्विक स्तर पर स्थान देने के लिए अपना पूरा प्रयास किया है. उन्होंने यह भी बताया कि वे दुनिया में सबसे तेज मानव कैलकुलेटर होने के लिए 4 विश्व रिकॉर्ड और 50 लिम्का रिकॉर्ड रखते हैं। उनका मस्तिष्क एक कैलकुलेटर की गति की तरह तेज गणना करता है.
इतिहास में दर्ज हैं गणित के पन्ने
अब तक ये रिकॉर्ड्स स्कॉट मैन्सबर्ग और शकुंतला देवी जैसे मैथ मैस्ट्रोस के पास हैं. यूके, जर्मनी, यूएई, फ्रांस, ग्रीस और लेबनान सहित 13 देशों के 57 वर्ष तक के 30 प्रतिभागियों के साथ MSO को आयोजित किया गया था. पहली बार MSO का आयोजन 1998 में किया गया था.

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