सिवनी – सरकार द्वारा कर्मचारियो को किसी तरह की कमी नही की जाती है सरकारी अधिकारी हो या कर्मचारी उनके पास शासकीय कार्य के अलावा कोई दूसरा कार्य नही होता है लेकिन इसके बावजूद भी इनका पेट शासन द्वारा दी जाने वाली तनख्वाह से नही भरता है इसलिए तो शासकीय कार्य में सेवा देते हुए इन लोगो के द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता है भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए कोई कठोर कानून ना होने के कारण भ्रष्टाचारी अपनी उस परम्परा को कायम रखते हुए नए नए कारनामे कर रहे है। ऐसा कोई विभाग अछूता नही जहां पर भ्रष्टाचार नही यदि कोई जानकारी लेने जाओ तो उसके लिए आपको सालो पापड बेलने पड जाऐंगे लेकिन सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नही मिलेगा। सरकार इनके तनख्वाह के अलावा सरकारी आवास नही तो उसके बदले आवास का किराया भत्ता,बीमार होने पर मेडिकल का खर्चा,कही आना जाना हो तो टीए/डीए दिया जाता है यदि बडे अफिसर है तो उन्हे एसी कार और आफिस में एसी लगा होता है। कहने भर को ये जनता के सेवक है लेकिन जब भी आप किसी आफिस में जायेंगे आप पायेंगे कि वहा सेवक कहा जाने वाला आफिसर एक आलीशान मंहगी चेयर में बैठे पाया जाएगा जहा विलासिता की जैसे एसी पंखे आदि लगे मिलेगे लेकिन जहां जनता होती है वहा एसी तो और आरामदायक चेयर तो छोडिये पंखा लगा मिल जाये वही बडी बात होगी। शासन द्वारा प्रति सप्ताह जिले के हर कलेक्टर को जनसुनवाई का कार्य सौपा गया है लेकिन वहा कितनी शिकायते जनता लेकर आती है कितनो की जाॅच होती है और कितने दोषियो पर कार्रवाई होती है जिसका कोई अता – पता नही। जहां जनता के आस विश्वास और भरोसे पर पानी फेरा जाता है।

भ्रष्टाचार से जुडा एक मामला प्रकाश में आया जहां पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई की ट्रेप कार्यवाही की है। जिसमें पीडित भगतराम खरे पिता स्व.भैयालाल खरे निवासी बोरीखुर्द तहसील बरघाट जिला सिवनी ने महेंद्र बिसेन पिता स्व श्री चैतराम बिसेन उम्र 51 वर्ष पद पटवारी हल्का दव 81,82 धपारा तहसील बरघाट जिला सिवनी के खिलाफ बाकायदा सबूत के साथ लोकायुक्त जबलपुर को शिकायत की जिसके बाद 12 फरवरी .2026 को ट्रैप राशि -6000 रु ( छह हजार रु) घटनास्थल – पटवारी कक्ष राजस्व निरीक्षक मंडल धपारा तहसील बरघाट जिला सिवनी में कार्रवाई की गई है जिसका विवरण कुछ इस प्रकार है पीडित भगतराम खरे की पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता द्वारा ग्राम पंचायत धपारा में खसरा दव 627 में से 1/5 हिस्सा दिया था जिसका सीमांकन करवाया था सीमांकन के बाद पावती देने के एवज में पटवारी द्वारा आवेदक से 6000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा पटवारी के शासकीय कार्यालयीन कक्ष से रंगे हाथों आज दिनांक 12 फरवरी .2026 को पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)ठ, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।
इस कार्य में लोकायुक्त जबलपुर के ट्रेप कर्ता निरीक्षक जितेंद्र यादव,निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल का योगदान सराहनीय रहा।







