सिवनी – मगंलवार को जनसुनवाई में पहुॅंचे नगरपरिषद छपारा में पदस्थ कर्मचारियो ने कलेक्टर को सौपे ज्ञापन में बताया कि राजपत्र क्रमांक 208 दिनांक 02 जुलाई 2020 को हुआ है, जो 01 अप्रैल 2021 से अरिमें आयी है हम समस्त पंचायतकालीन निश्चित वेतनमान / संविदा/मस्टर / दैनिक वेतन भोगी एवं कर्मचारियों के समस्त में मुख्यतः बिन्दु कुछ इस प्रकार है कर्मचारियो ने बताया कि नगर परिषद गठन उपरांत मूल पंचायतकालीन 41 कर्मचारी वर्तमान में है उक्त पंचायतकालीन मूल कर्मचारियों को श्रेणी (निश्चित वेतनमान/ संविदा/मस्टर/ पारिश्रमिक) अनुसार वेतन में विसंगतियों है। नगर परिषद के गठन उपरांत व अस्तित्व में आने उपरांत उन पंचायतकालीन मूल कर्मचारियों को पुन मस्टर में लेते हुये पूर्वत वेतन प्रदान किया जा रहा है। 04. वर्ष 2021-22 में आउटसोर्स के माध्यम से उक्त पंचायतकालीन कुछ कर्मचारियों को जिनका कार्यकाल 2-5 वर्ष का था उन्हें शामिल कर वर्तमान वर्ष तक कलेक्टर द्वारा जारी दैनिक वेतन भोगी की दर से बिना श्रेणी का निर्धारण कर वेतनमान प्रदान किया जा रहा है। कुछ पंचायतकालीन मूल कर्मचारी जो कि 10-15 वर्ष की सेवा प्रदान कर जिन्हे पूर्वतः निश्चित वेतन/संविदा आधार पर ही वेतनमान प्रदान किया जा रहा है समय-समय पर शासन द्वारा जारी संविदा कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन भोगी को दिये जाने वाले वेतनमान में शामिल नहीं करते हुये, पंचायतकालीन मूल कर्मचारियों के लिये जारी आदेशों का भी स्पष्ट उल्लघंन किया जा रहा है, जिससे की समस्त कर्मचारियों को अपना अधिकार प्राप्त नहीं हो रहा है पंचायतकालीन मूल कर्मचारियों के द्वारा प्रशासक के कार्यकाल से वर्तमान परिषद गठन उपरांत से निरंतर मुख्य नगरपालिका अधिकारी के समक्ष भी अनेकों बार इन विसंगतियों को सुधार कर वेतन प्रदान किये जाने संबंधी निवेदन किया गया है. परंतु सीएमओ के द्वारा इन विसंगतियों पर ध्यान ना देते हुये आज दिनांक तक वेतन की विसंगतियों के आधार पर ही भुगतान दिया जा रहा है आउटसोर्स कर्मचारियों के मध्य से ही चिहिन्त कर्मचारी (शिवदत्त पाठक, विशाल मिश्रा, एवं उदित इरपाची) को आउटसोर्स से पृथक कर पारिश्रमिक का मासिक भुगतान बिल के माध्यम से किया जा रहा है, एवं उनकी ईपीएफ की राशि भी निकाय द्वारा भुगतान की जा रही है जो कि आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आता है, शेष आउटसोर्स कर्मचारियों को जिनकी शैक्षणिक योग्यता इन्ही तीनों कर्मचारियों के समतुल्य है. उन्हे पृथक से आउटसोर्स में अकुशल का वेतनमान देते हुये भुगतान किया जा रहा है, जिनका वर्ष 2021-22 से भविष्यनिधि आदि की सुविधा भी प्रदान नहीं की गई है, जो की आपत्तियों के दौरान वर्ष 2023-24 से शामिल किये जाने की बात संज्ञान में आई है,निकाय में कार्यरत् लेखापाल महोदय, जिन्हें हम समस्त पंचायतकालीन मूल कर्मचारियों के वेतन संबंधी विसंगतियों पूर्ण संज्ञान में है, परंतु उनके द्वारा भी कुछ कर्मचारियों का व्यक्तिगत हित करते हुये शेष कर्मचारियों के प्रति दुराभाव किया जा रहा है. शेष कर्मचारी व्यक्तिगत हित के कर्मचारियों के समकक्ष शैक्षणिक योग्यता रखते हैं, साथ ही इन दैनिक वेतनभोगी / आउटसोर्स के अतिरिक्त हम समस्त पंचायतकालीन मूल कर्मचारी निरंतर 10-15 वर्षों से सेवाप्रदान करते हुये वर्तमान में नगर परिषद गठन उपरांत भी नगर परिषद में सेवा दे रहे है. हम पंचायतकालीन मूल कर्मचारी (भोपत सिंह अहिरवार, अजय कुमार सोनी, दीपक पाठक, श्रीमति विनोद यादव, दुर्गेश यादव, शिवकुमार बघेल, सुभाष यादवी राजेन्द्र शिववेदी) को मजबूरन माननीय उच्च न्यायाधीश, उच्च न्यायालय में प्रकरण क्र. डब्ल्यूपी 25075 वर्ष 2021 में प्रस्तुत किया गया। चॅंूकि गठन उपरांत मुख्य नगर पालिका अधिकारी ( विक्रम सिंह झारिया) एवं प्रशासक नितिन गोंड) के पदस्थ रहते हुये, निकाय की कार्मिक व्यवस्था बनाये जाने हेतु कार्मिक संरचना तैयार कर उक्त पंचायतकालीन मूल कर्मचारियों में से कुछ 4-5 कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ प्रदान किया गया है, जिसमें शामिल 02 पंचायतों के सचिवों (बालकराम उइके एवं भागचंद पंचेश्वर) को बिना जिला जनपद पंचायत की अनापत्ति के सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर नियमित किया गया था, व 04-05 माह वेतन का भी भुगतान किया गया है, और पुनः उनके द्वारा जनपद पंचायत छपारा में अपने मूल (सचिव) पद में पदस्थापना ग्रहण कर ली गई,यदि हम समस्त पंचायतकाली मूल कर्मचारी कार्मिक संरचना के तैयार होने उपरांत मान उच्च न्यायालय की शरण में नहीं जाते तो इनके द्वारा नवीन कार्मिक भर्तियों हेतु विज्ञापन जारी कर नवीन भर्तियों कर ली जाती जिसमें हम समस्त पंचायतकालीन मूल कर्मचारी आरक्षण के साथ जद्दोजहद कर नियुक्ति प्रकिया से बाहर कर दिये जाते. इस हेतु नवीन भर्ती किये जाने के संबंध में स्टे ऑर्डर जारी कराया गया है।
ज्ञापन में आगे बताया गया है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कभी मस्टर में कर दिया जाता है, और कभी आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल कर भुगतान किया जा रहा है. और कुछ कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी/मस्टर में कर बिना श्रेणी निर्धारण व शैक्षणिक योग्यता की विसंगतियों को ध्यान में ना रखते हुये एक समान वेतनमान प्रदान किया जाता है। जिसमें कार्यालय के वार्ड प्रभारी, लिपिकीय कार्य कर रहें श्रमिक व सफाई कर्मी सभी का एक समान वेतन मान दिया जा रहा है। हमारे द्वारा अनेकों बार आउटसोर्स के कर्मचारियों की भर्ती को ले करके सवाल किये गये है, कि उक्त आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती किस आधार पर की गई है, इनकी क्या योग्यता है? इनके नियुक्ति पत्र कहाँ है? और किस श्रेणी के कौन कर्मचारी है? यह संदेहप्रद स्थिति है। इस अवसर पर दीपक पाठक,अजय सोनी,भोयत अहिरवार, फागराम कुशवाहा,मनीष कुमार यादव,सुरेश कुमार फिल्टर,आशिष,अनिल मेश्राम,शिवकुमार,राजेन्द्र कुमार,विजय,अवधेश,दामोदर,सोहन यादव,राजेश सिंह,सुभाष यादव,गणेश झारिया,अजय शिववेदी,आलोक प्रमोद,मंगल समेत सैकडा कर्मचारी उपस्थित रहे
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