घर का सामान जबरन छुड़ाकर ले जाने एवं पैसा नहीं देने पर जान से मरने की धमकी
मैंने ब्रजेश राजपूत को नगदी रकम ब्याज के लगभग 40 लाख रुपये दे चुका हूँ, लेकिन ब्रजेश राजपूत बहुत अधिक ब्याज लगाता था
सिवनी – सूदखोरी का एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें सूदखोर द्वारा किस तरह किसी की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसके द्वारा ली गई मूल रकम से ब्याज की कई गुना राशि वसूली जाती है जिसकी शिकायत के आधार पर दिनांक 15 फरवरी .2026 को एस.डी.ओ.पी. कार्यालय सिवनी से दिनांक 03 फरवरी 26 आवेदक राजेश नारायण पाठक का जांच प्रतिवेदन बंडोल पुलिस को मिला जिसके आधार पर मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक सचिन परते व्दारा की गई है, शिकायत जांच प्रतिवेदन के के जाॅच के बाद ब्रजेश राजपूत स्वदेश सिंह राजपूत दोनो ग्राम मारबोडी के निवासी के उनके विरूध्द अपराध धारा 308(4),296,3 (5) बी.एन.एस., 3.4 मध्यप्रदेश ऋणियो का संरक्षण अधिनियम 1937 का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया है। इस मामले में बताया गया कि ब्रजेश राजपूत एवं स्वदेश राजपूत, निवासी ग्राम मारबोडी, जिला-सिवनी के द्वारा ब्याज के पैसे के लिये जबरन स्कर्पियो गाड़ी, 2 ट्रेक्टर, एक टाªली, सीडड्रिल, रोटावेटर, एक वैगनआर कार को जबरन छुड़ाकर ले जाने एवं पैसा नहीं देने पर जान से मरने की धमकी देने जैसी बात को लेकर राजेश नारायण पाठक पिता श्री जगदीश नारायण पाठक, निवासी ग्राम चैाडा, थाना बण्डोल ने बताया कि ग्राम मारबोड़ी के रहने वाले ब्रजेश राजपूत एवं स्वदेश राजपूत से मैने आवश्यकता पड़ने पर दस लाख रुपये एवं स्वदेश राजपूत से दस लाख रुपये व्याज पर मई 2023 में लिया था, जिसके बदले स्वदेश राजपूत को अपनी एक हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेन्ट एक प्रतिशत के स्टाम्प पर किया था। ब्रजेश राजपूत ने मुझे 10 लाख रुपये चैक से दिया था, जिसके बदले में मैंने ब्रजेश राजपूत को नगदी रकम ब्याज के लगभग 40 लाख रुपये दे चुका हूँ, लेकिन ब्रजेश राजपूत बहुत अधिक ब्याज लगाता था जो ब्याज की राशि अधिक होने से ब्रजेश के दबाव बनाने पर मैने एग्रीमेन्ट की हुई जमीन की उसको रजिस्ट्री कर दिया था । आगे पीडित ने बताया कि स्वदेश राजपूत से भी मैने दस लाख रुपये नगद ब्याज पर लिया था, जिसके बदले भी मैने व्याज के लगभग 50-60 लाख रुपये दे चुका हूँ। आगे पीडित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि, इतनी राशि देने और जमीन का एग्रीमेन्ट करने के बाद भी ब्रजेश एवं स्वदेश राजपूत मुझसे ब्याज की राशि की मांग करते रहते हैं। इतना होने के बाद भी मैं उनको व्याज की राशि दे रहा था जो एक दिन ब्रजेश एवं स्वदेश दोनों ने मुझे सिवनी बुलाया और मुझे धमकाने लगे कि व्याज के पैसे दो और मुझे डरा-धमकाकर मुझसे 12 खाली चैक ले लिये जिसके 8 चैक मेरे कैनरा बैंक के तथा 4 चैक मेरे बेटे आदित्य नारायण पाठक के एच.डी.एफ. सी. बैंक खाते के है। दोनों ने मुझे कचहरी लेकर गये और वहां एक एधीमेन्ट लिखवाकर मुझसे हस्ताक्षर करवायें पीडित ने आगे यह भी बताया कि, व्याज की राशि नहीं चुकाने पर स्वदेश एवं ब्रजेश राजपूत ने मुझे डरा-धमकाकर 1 ट्रैक्टर सोनालिका कंपनी का, 1 ट्रेक्टर फार्मट्रेक कंपनी का ट्राली सहित, 1 वैगनआर कार क्र. एम.पी. 22 सी.ए. 6937, एक रोटावेटर सोनालिका कंपनी का एक सीडड्रिल, एक स्कर्पियो कार क्र. एम. पी. 50 जेड. एफ. 17770 धमकाकर मुझसे ले गये और मेरे बेटे द्वारा गाडी वापिस मांगने पर उसके साथ मारपीट किये हैं। साथ ही ब्रजेश राजपूत और स्वदेश राजपूत दोनों ही गुण्डा प्रकृति के हैं तथा इनका भाई योगेश पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर है। दोनों भाई मुझे अपने भाई योगेश का पुलिस में होने का भय दिखाकर मुझसे जमीन बिकवाये तथा मेरी गाड़ियों को मुझसे छुड़ाकर ले गये हैं। पीडित ने पुलिस अधीक्षक से प्रार्थना करते हुए कहा कि मैं ब्रजेश एवं स्वदेश राजपूत के आतंक से बहुत प्रताड़ित हो चुका हूँ। इनकी गुण्डागर्दी चरमसीमा पर है। इनके व्याज के पैसे देते-देते मैं बहुत त्रस्त हो गया हूँ। श्रीमान् जी से निवेदन है कि मुझे इनके चंगुल से मुक्त करायें तथा मेरी जमीन, चैक, ट्रेक्टर, गाड़ियों एवं अन्य सामान वापिस कराकर वैधानिक कार्यवाही करने की अपील की है।
आपको बता दें गत दिनो बालाघाट पुलिस थाने के मालखाने में पदस्थ मुंशी राजीव पंद्रे द्वारा मालखाने में रखे 55 लाख रूपये और लगभग 15 लाख के सोने चांदी के जेवरात रखे हुए थे जिसमें से राजीव पन्दे्र के द्वारा मालखाने के पैसे सिवनी आकर जुॅए में हार जाने के मामले को लेकर बालाघाट पुलिस को सिवनी के जुॅआ फड का सरगना विवेक श्रीवास्तव उर्फ गोलू लाला को पुलिस ने गिरफतार किया जिसके मोबाईल के व्हाटशाप से सिवनी पुलिस के प्रधान आरक्षक योगेश राजपूत और शेखर का नाम प्रकाश में आया था जिसमें कुछ तथ्य पुलिस के हाथ ऐसे लगे जिससे बालाघाट पुलिस पूरी तरह संतुष्ट हो गई कि सिवनी पुलिस के हवलदार योगेश राजपूत और शेखर की पनाह में सिवनी क्षेत्र में अपराध करने वाले अपराधी बेखौफ होकर अपराध को अंजाम देने का काम कर रहे थे सिवनी पुलिस को इस बात का अंदाजा भी नही था कि हमारे ही विभाग का हवलदार अपने ही विभाग में सेध लगाने का काम कर रहा है जो कि तनख्वाह तो पुलिस विभाग से पा रहा था लेकिन वफादारी पूरी ईमानदारी से अपराधियो की करने का काम कर रहे थे जिसका काला चिटठा एक अपराधी के व्हाटशाप चैट से मिल गया जिसमें अपराधियो द्वारा किस तरह अपने वफादारो को समय समय पर मंहंगे मंहगे गिफट और हर महिने एक मोटी रकम इनके ऐसो आराम और तक्जरी जिंदगी जीने के लिए मिला करते थे कुछ इस तरह की बाते चैक चैराहो पर आम हो गई है जिसके बाद बालाघाट पुलिस गत दिनो सिवनी के योगेश के भैरोगंज स्थित निवास पर बालाघाट पुलिस कोतवाली पुलिस के साथ आधीरात के बाद नोटिस लेकर पहुॅची थी जहां कोतवाली के थानेदार किशोर वामनकर के सामने एक सिवनी पुलिस का प्रधान आरक्षक योगेश राजपूत किस तरह पुलिस के अपने से वरिष्ठ अधिकारियो से अधिकारियो के सामने बात कर रहा था जहा कुछ लोग और मौजूद थे जिनकी वजह से बालाघाट पुलिस को कार्रवाई करने में भारी दिक्कतो का सामना करना पडा और बालाघाट पुलिस को उल्टे पैर वापस लौटना पडा यह पूरा घटनाक्रम एक विडियो में रिकार्ड हो गया जिसके बाद से योगेश राजपूत एक सुसाइड नोट लिखकर लापता हो गए थे बालाघाट पुलिस ने योगेश के उपर पूरे पाॅच हजार का ईनाम भी घोषित किया था। जिसके एक सप्ताह बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर योगेश राजपूत,ब्रजेश राजपूत,नरेन्द्र गुडडु ठाकुर,अखिलेश खेडीकर,ओमप्रकाश महाराज,कुलदीप ठाकुर के अलावा अन्य लगभग आधा दर्जन लोगो के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने आरोप में मुकदमा बालाघाट पुलिस ने कोतवाली में वरिष्ठ अधिकारियो की मौजूदगी में दर्ज किया गया था।





