सिवनी – कहते है राष्ट्र निर्माण में शिक्षको की अहम भूमिका होती है क्योकि आने वाले भविष्य के बच्चे ही देश के प्रधानमंत्री से लेकर सासंद विधायक और कलेक्टर से लेकर बाबू और शिक्षक भी बनते है जिसकी नीव हमारे देश के शिक्षक गढते है जब वे ही तनख्वाह पाने के लिए परेशान होने लगे तो आप अंदाजा लगा सकते है कि राष्ट्र का निर्माण कैसे होगा आपको बता दे मंगलवार को जनसुनवाई में अतिथि शिक्षक पहुॅचे जिन्होने बताया कि उन्हे छह – छह महिनो में एक बार इकटठी तनख्वाह मिलती है जब उनसे पूछा गया कि बाकी समय आपका घर कैसे चलता है तो उन्होने बताया कि उन्हे कर्ज लेकर अपना घर चलाना होता है इसके अलावा मुख्यालय से ६० – ६० किलोमीटर दूर शिक्षक पढाने जाते है आगे शिक्षको ने यह भी बताया कि हम सबेरे आठ बजे घर से निकलते है तब जाकर समय पर स्कूल पहुॅच पाते है और सारे नियम कानून सिर्फ हम अतिथि शिक्षको के लिए ही होते है बाकी शिक्षको के लिए नही । आगे शिक्षको ने कलेक्टर के दिये ज्ञापन में अपनी व्यथा सुनाते हुए लिखा कि हमारी छ: महिनो से पेमेन्ट भुगतान नही हुआ है इस कारण सभी अतिथी शिक्षको की पारिवारिक हालत भुखमरी से गुजर रही है। माह अक्टूबर २०२४ से मार्च २०२५ तक आर्थिक तंगी के जूझते हु नियमित काम पर जा रहे है। आगे कलेक्टर से अतिथि शिक्षको ने शीघ्र रूके हुए मानदेय भुगतान की मांग की।
इस अवसर पर श्यामलाल यादव,सचिन सिंह परिहार,सुरेश कुमार उईके,संजय यादव,सोनू डहेरिया,शेरसिंग रजक,कमकेश्वरी पटले,मौसमी राय,श्रद्धा परिहार,महेन्द्र भलावाी उपस्थित रहे।