लखनादौन – धनककड़ी पंचायत में भ्रष्टाचार का नग्न नृत्य – पशु शेड और खेत तालाब योजनाओं में खुली लूट का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग’
सिवनी, मध्य प्रदेश – आपने कई तरह के भ्रष्टाचार सुने होंगे देखे भी होंगे जिसमें सडको के नाम पर,पुल पुलिया के नाम पर,मेढ बन्घान के नाम के अलावा कई सारे घोटाले भी आपने सुने होगें जैसे शराब घोटाला,चारा घोटाला,जीएसटी घोटाला,फर्जी डिग्री घोटाला,गरीबो को मिलने वाला अनाज घोटाला,मनरेगा घोटाला,शिक्षक भर्ती घोटाला,जमीन घोटाला,अपने करीबियो की नियुक्ति घोटाला,पेयजल घोटाला,बिना इन्टरव्यू असिस्टेंट प्रोफेसर घोटाल और स्कूल जाॅब घोटाला ये घोटाला वो घोटाला तो आपने सुना ही होगी लेकिन एक अजीबो गरीब घोटाला आपने नही सुना होगा यह घोटाला जिले की लखनादौन जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धनककड़ी में शासकीय योजनाओं को किस प्रकार भ्रष्टाचार का पर्याय बना दिया गया है, इसका भयावह खुलासा हुआ है। पशु शेड निर्माण योजना और खेत तालाब योजना में लाखों के गबन के आरोप सामने आए हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। उपसरपंच रमेश नाथ और ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, लखनादौन को पत्र लिखकर इन गंभीर अनियमितताओं की तत्काल और गहन जाँच की मांग की है|

पशु शेड घोटाला कागजों पर बने हवा महल
वर्ष 2020 में धनककड़ी ग्राम पंचायत में पशु शेड निर्माण के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक उन पशु शेडों का निर्माण हुआ ही नहीं। आरोप है कि सहायक सचिव द्वारका राय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी मां के नाम पर भी पशु शेड स्वीकृत करवा लिया, जबकि वे स्वयं धनककड़ी में ही पदस्थ थे। यह सत्ता के दुरुपयोग का एक शर्मनाक उदाहरण है। सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी ने इस घोटाले की परतें खोली हैं, जहाँ कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाया गया है और पूरी राशि भी निकाल ली गई है, जबकि वास्तविकता इससे कोसों दूर है। पात्र हितग्राहियों को वंचित कर अपात्रों और अपने चहेतों के खातों में सीधे राशि उपलब्ध कराने का यह कृत्य शासकीय धन की खुली लूट

खेत तालाब योजना वसूली का नया अड्डा
पशु शेड घोटाले के साथ-साथ, सहायक सचिव द्वारका राय पर खेत तालाब योजना में भी भ्रष्टाचार करने का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि द्वारका राय ने प्रत्येक हितग्राही से 5 से 10 हजार रुपये की अवैध वसूली की है। इस योजना का लाभ भी अपात्रों को दिया गया, जबकि योग्य और जरूरतमंद किसानों को दरकिनार कर दिया गया। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार किस प्रकार योजनाओं के मूल उद्देश्य को ही समाप्त कर देता है।
उच्च स्तरीय जांच की अनिवार्यता
ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सिवनी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत लखनादौन और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, लखनादौन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह जांच केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर होनी चाहिए। सहायक सचिव द्वारका राय और सचिव प्रहलाद कुमार डेहरिया के कार्यकाल की विस्तृत जांच और उनके बैंक खातों की पड़ताल से ही सच्चाई सामने आएगी। इस भ्रष्टाचार के दोषियों को न केवल दंडित किया जाना चाहिए, बल्कि उनसे शासकीय धन की वसूली भी की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी शासकीय सेवक जनता के पैसों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। यह समय है जब श्दूध का दूध और पानी का पानी हो, और गौमाता के लिए छत की व्यवस्था सुनिश्चित हो, साथ ही पात्र हितग्राहियों को उनका हक मिल सके।







