दर्जन भर से अधिक यात्रा घायल, बालाघाट से लांजी की ओर जा रही थी यात्री बस
बालाघाट। सरेखा रेलवे फाटक के पहले गुरूनानक पेट्रोल पंप के पास उस वक्त चिख-पुकार मच गई, जब एक यात्री बस ढाबे की दिवार और रेलवे स्टेशन की बाउंड्रीवाल को तोड़ते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
बताया जाता है कि बालाघाट से लांजी की ओर जा रही एस कुमार बस सर्विस की बस क्रमांक एमपी 50 एमएफ 6868 में लगभग 30 से 35 यात्री सवार थे। जैसे ही बस दिवार और बाउंड्रीवाल को टक्कर मारते हुए दुर्घटनाग्रस्त हुई। वैसे ही बस में सवार यात्रियों के बीच चिख-पुकार मच गई और वह बचाओ-बचाओ की आवाज लगाने लगे। इसी दौरान ट्रांसर्पाट एशोसिएशन और पास ही स्थित लाला हॉटल के संचालक शेख अंसार दौड़े और बस में सवार घायल यात्रियों को बाहर निकाला। इस दौरान घायल यात्रियों को निकालने में आ रही दिक्कत के चलते कांच फोडक़र यात्री को बाहर निकाला गया।
सहयोग हॉस्पिटल ने पेश की मानवता की मिशाल
घटनास्थल के पास ही सहयोग हॉस्पिटल का निजी क्लिनिक संचालित है। घटना के बाद निजी अस्पताल का नर्सिंग स्टॉफ ने भी घटनास्थल पहुंचा और घायलों को क्लिनिक लाकर उनका प्राथमिकी उपचार कराया। जहां से उन्हें एम्बुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय लाया गया। सहयोग क्लिनिक के प्रभारी मोहित ने बताया कि घटना के बाद तत्काल ही हमारे नर्सिंग स्टॉफ ने घायलों को प्राथमिकी उपचार पहुंचाया। दुर्घटनाग्रस्त बस से यात्रियों को निकालने वाले मददगार पूरनसिंह भाटिया ने बताया कि बस चालक ने पहले एक स्कूटी चालक को टक्कर मारी और उसके बाद चालक ने दिवार को टक्कर मारी। जिसके बाद बस में सवार यात्रियों की चिख पुकार मच गई। जिन्हें हमने बस से बाहर निकाला। उनकी मानें तो रेलवे फाटक के पास संकरा मार्ग होने के कारण अक्सर दुर्घटना, यहां होती रहती है। युवक शेख अंसार की माने तो पास ही वह दुकान में थे, जैसे ही घटना देखी, दौडक़र लोगों को बसों से बाहर निकाला, इस दौरान एक यात्री के फंसे होने से कांच तोडक़र उसे बाहर निकाला गया। हालांकि यह साफ नहीं है कि चालक ने लापरवाहीपूर्वक टक्कर मारी है या फिर उसे कोई दौरा पड़ गया था, लेकिन बस में सवार टेमनी जा रही महिला सुनीता राठौर की मानें तो बस चालक का सिर एकाएक चकराने लगा और वह सीट पर ही लुडक़ गया। जिससे मिर्गी या हार्ट अटैक की बात कही जा रही है।
चालक और यात्री हुए घायल
बताया जाता है कि बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के दौरान बस में सवार लगभग 30 से 35 यात्री सवार थे। जिसमें सभी को चोटें आई है। जिसमें किसी का पैर टूट गया है तो किसी के सिर पर चोटें है। प्रारंभिक तौर से बस चालक जगदीश परिहार, यात्री हीराबाई पति पीतम लाल, श्रवणलाल पिता अमीलाल गोंडाने, आनंद पिता दिलीप सोनी, रूपवंती पति योगेंद्र मोहारे, चंपाबाई रहांगडाले, गजेंद्र पिता दिलीप पगरवार, मासुम जशिका पिता योगेंद्र मोहारे, तीजा पति, गणेश मस्करे के घायल होने की बात कही जा रही है। जिसमें महिलाए, पुरूष और बच्चे भी शामिल है। जिसमें तीन गंभीर घायलों को रिफर किया गया है।
संवाद दूत बालाघाट दिलेशंकर बिसेन






