सिवनी – गुरू गोविन्द दोउ खडे काकू लागे पाय बलिहारी गुरू आपनो गोविन्द दियो बताया अर्थात कहा गया कि हमारे सामने गुरू और भगवान जब खडे हो तो किसके चरण स्पर्श करना चाहिए तो बताया गया जिसने हमे यह बताया कि यह भगवान है तो हमारे लिए वही भगवान है जिसने हमें ईश्वर का ज्ञान कराया उसका बोध कराया इसलिए सर्वप्रथम गुरू ही पूजनीय है।
इस अवसर पर नगर के ड्रीमलैंड सिटी स्थित डीपीसी रोल माॅडल एक्सीलेंस स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर शाला के प्राचार्य के.के.चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे भविष्य को सवारने का कार्य तीन लोग करते है उसमें बच्चे स्वयं,माता पिता और गुरू तीनो का योगदान बेहद ही महत्वपूर्ण है। प्राचीनकाल से ही गुरू ही महत्वपूर्ण है क्योकि हमारे जीवन में सर्वप्रथम गुरू हमारी माता होती है जिसके बाद दूसरे गुरू हमारे शिक्षक होते है जो हमें जीवन जीने की कला सिखाते है। इस अवसर पर शाला में बच्चो ने अपने गुरूओ के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए अपने – अपने तरीके से उनका सम्मान किया और इस दिन को यादगार बनाने की पूरी कोशिश की ताकी पूरे वर्ष हमारे गुरू इस दिन को भुला ना सकें। बच्चो ने अपने शिक्षको के चरण स्पर्श कर गुरूओ का आर्शिवाद लिया और गुरूओे के प्रति आभार व्यक्त किया।






