filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0; runfunc: 0; algolist: 0; multi-frame: 1; brp_mask:8; brp_del_th:0.0000,0.0000; brp_del_sen:0.0000,0.0000; motionR: null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 2097152;cct_value: 0;AI_Scene: (6, 0);aec_lux: 121.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 29;

बिना नंबर का ट्रक सिवनी तक पहुंचा ७०० बोरी धान लेकर*

सिवनी – (सेलुआ)/ उत्‍तरप्रदेश से सिवनी तक अवैध धान का खेला, बिना नंबर ट्रक, मंडी तंत्र की मिलीभगत से करोड़ों का धान घोटाला मध्यप्रदेश के छोटे से जिले सिवनी में इन दिनों अवैध धान की काला बाजारी अपने चरम पर है। उत्तर प्रदेश से सैकड़ों किलोमीटर दूर से 10 चक्का, 12 चक्का, 16 चक्का ट्रक और भारी कंटेनरों में भरकर अवैध धान सिवनी जिले में धड़ल्ले से धान की कालाबाजारी करने वाले बुलवा रहे है,यह धान सीधे राइस मिलों में उपयोग न होकर, शासन द्वारा निर्धारित धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के नाम पर खपाया जा रहा है। पूरे खेल में धान व्यापारी, मंडी सोसायटी, खरीदी केंद्र, स्व-सहायता समूह और मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत से धान का कालाकारोबार चल रहा है,दिनांक 14 जनवरी 2026 को सिवनी जिले में यह धान की काला बाजारी का बड़ा खेल प्रत्‍यक्ष रूप से दिखाई दिया है जिसमें यू पी से कपासन ट्रेडर्स, सिवनी के नाम से लगभग 700 बोरी धान भरकर लाई जा रही एक भारी ट्रक को बरघाट रोड स्थित सेलूआ ग्राम पंचायत क्षेत्र में, धान उपार्जन केंद्र एवं वेयरहाउस के पास अवैध रूप से खड़ा पाया गया इस संदिग्ध स्थिति की सूचना बरघाट, सिवनी के पत्रकारों द्वारा तत्काल बरघाट एसडीएम संदीप श्रीवास्तव को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तुरंत मामले को में संज्ञान लिया और कृषि उपज मंडी बरघाट के सचिव एम.एन. मालवी तथा मंडी की टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए।

क्‍या कहते है सरकारी दस्‍तावेज और नियम ?

 कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 23 के अंतर्गत अवैध परिवहन, बिना वैध दस्तावेज़ और संदिग्ध वाहन के आधार पर ट्रक को जप्त कर पंचनामा एवं जप्ती आदेश तैयार किया गया।

*जाँच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य:*

ट्रक में 700 बोरी धान, अनुमानित कीमत लगभग ₹10 लाख,धान की बिलिंग कपासन ट्रेडर्स, सिवनी के नाम से ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर घिसा हुआ, प्रथम दृष्टया फर्जी,ट्रक में ड्राइवर व हेल्पर मौजूद,ट्रक को उपार्जन केंद्र में अवैध रूप से खाली करने की मंशा थी लेकिन जब मौके पर मंंडी बोर्ड के अधिकारियो ने चालक के पास मौजूद दस्‍तावेज देखे तो वह दस्‍तावेज कपासन ट्रेडर्स के नाम से थी जिसके बाद कपासन के मालिक से मंडी के अधिकारियो ने बात कि जिसके बाद मालिक के बेटे ने मंडी के अधिकारियो को गुमराह करने की कोशिश की ले‍किन वह चाल कामयाब ना हो सकी*

 *दो दिन बीत जाने पर भी , कार्रवाई अटकी?*

माैैैके पर पंचनामा जप्ती के बाद ट्रक को बरघाट कृषि उपज मंडी परिसर में खड़ा कराया गया, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी न तो चालानी कार्रवाई हुई, न ही धान की नीलामी या, नष्टीकरण जब हमारे पत्रकार ने मंडी सचिव और, एस डी एम से सवाल पूछे, तो जवाबों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए।

*अधिकारियों के बयान*

मंडी सचिव एम.एम. मालवी ने बताया:ट्रक में 700 बोरी धान पाई गई है,वाहन बिना नंबर का है, पंचनामा तैयार किया गया है,धान मालिक के उपस्थित न होने के कारण आगे की कार्रवाई लंबित है।

*बरघाट एसडीएम संदीप श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा*

“ट्रक गलत स्थान पर पाया गया, वाहन बिना नंबर का है। यूपी से एमपी तक अवैध रूप से धान लाया गया। यह गंभीर मामला है,आरटीओ से जानकारी मंगाई जा रही है और ट्रक पर सख्त व राजसात कार्रवाई की जाएगी।

*700 किलोमीटर का सफर, बिना नंबर कैसे?*

सबसे बड़ा सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश तक लगभग 700 किलोमीटर का सफर तय कर, बिना नंबर की गाड़ी,अवैध धान फर्जी लाइसेंस, बिना रोक-टोक,सिवनी तक कैसे पहुँच गई इस मामले में इलाहाबाद से सिवनी तक जाने कितने टोल कितने थाने और मिले होंगे लेकिन इस तरह के वाहन का सिवनी तक पहुॅच जाना देश की सुरक्षा में बहुत बडी चूक को दर्शाता है? सवाल यह भी है कि क्या आरटीओ, मंडी चेक पोस्ट, परिवहन और कृषि विभाग की आँखें बंद थीं?,या फिर नोटों की गड्डियों ने रास्ता आसान बना दिया?

*अब सवाल सरकार से*

क्या दोषी व्यापारी और अधिकारी बचा लिए जाएंगे?,क्या इस ट्रक को “वैध” बताकर छोड़ दिया जाएगा?क्या अवैध धान की पूरी चेन उजागर होगी?,या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?,इस ट्रक की परिवहन श्रृंखला खुलेगी, तभी सिवनी की धान कालाबाजारी का पूरा सच सामने आएगा।