500 मीटर दूर नगरपालिका दफ्तर, फिर भी स्कूल गेट पर अतिक्रमण
कचहरी चैाक से एलआईसी ऑफिस तक ही सिमटी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
सिवनी। शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगरपालिका की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जहां नगरपालिका की टीमें नियमित रूप से कचहरी चैक से एलआईसी ऑफिस तक कार्रवाई करती नजर आती हैं, वहीं नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्कूल गेट से लगी दुकानों और निजी बस स्टैंड परिसर के सामने वर्षों से जमे अतिक्रमण पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हैरानी की बात यह है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्कूल गेट से लगी अतिक्रमणकारी दुकानों की दूरी नगरपालिका कार्यालय से महज लगभग 500 मीटर ही है। इसके बावजूद यहां वर्षों से बने अतिक्रमण को हटाने में नगरपालिका अब तक नाकाम साबित हुई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल के मुख्य द्वार के पास अतिक्रमण के कारण विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सुबह और शाम स्कूल समय के दौरान यहां भीड़ और अव्यवस्था बनी रहती है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सीधा खतरा बना रहता है। नियमों के अनुसार स्कूल परिसरों के आसपास अतिक्रमण हटाना नगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।


इसी तरह निजी बस स्टैंड के सामने बने अतिक्रमण के कारण बसों के खड़े होने और यात्रियों के आवागमन में परेशानी होती है। सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।नगरवासियों का आरोप है कि नगरपालिका की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित होकर रह गई है। जिन स्थानों पर प्रभावशाली लोग या व्यावसायिक हित जुड़े हैं, वहां कार्रवाई से बचा जा रहा है। इससे आम जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है और नगरपालिका की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई वास्तव में जनहित में की जा रही है, तो इसे पूरे शहर में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। विशेषकर स्कूल, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाया जाना जरूरी है, ताकि यातायात सुचारू हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।