गेहूं उपार्जन में लापरवाही नहीं चलेगी अधिकारियों को सख्त निर्देश – कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना
संभावित बारिश को लेकर केंद्र प्रभारियों को पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश
सिवनी कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने गुरुवार 30 अप्रैल को गेहूं उपार्जन व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिसमें जिला उपार्जन समिति के सदस्य कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उपस्थित रहे, जबकि खंड स्तरीय अधिकारी एवं उपार्जन केंद्रों के प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े थे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी उपार्जन केंद्र में गेहूं खुले में नहीं रहना चाहिए। गोदाम स्तरीय केंद्रों में प्रतिदिन उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भंडारण गोदाम के अंदर ही सुनिश्चित किया जाए। वहीं प्रांगण स्तरीय केंद्रों से उपार्जित गेहूं का त्वरित परिवहन कर सुरक्षित भंडारण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की क्षति से बचाव हो सके।
उन्होंने आगामी दिनों में संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सभी उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की व्यवस्थित स्टैकिंग कर उसे तिरपाल से कवर कर सुरक्षित रखने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र परिसर में कहीं भी पानी का भराव न हो।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने किसानों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए सभी उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर छन्ना, पंखा, ग्रेडिंग मशीन, बैठने के लिए छाया, पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहे। साथ ही पर्याप्त संख्या में तुलावटी और हम्माल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसानों की उपज का उसी दिन तौल कार्य पूर्ण हो सके और उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पर्यवेक्षण अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे उपार्जन कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।







