जनपद स्तरीय विशेष – जनसुनवाई में उमड़ा जनविश्वास, 488 आवेदनों की प्रभावी सुनवाई
संभव आवेदनों का हुआ मौके पर निराकरण, जटिल मामलों के लिए तय हुई समय-सीमा
सिवनी – कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की पहल पर जनपद पंचायत लखनादौन में आयोजित जनपद स्तरीय विशेष जनसुनवाई आमजन की सुविधा, सहज पहुंच और त्वरित समाधान के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह पहल प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने और नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

शिकायतकर्ता को सामने कुर्सी में बैठाकर उसकी शिकायत सुनी
देखने में आ रहा था कि दूरदराज दुर्गम क्षेत्रों से गरीब आदिवासी क्षेत्रों से लोग अपनी दिन भर की मेहनत मजदूरी छोडकर मुख्यालय में होने वाली जनसुनवाई में आ रहे थे ग्रामीण क्षेत्रो से आने वाले शिकायतकर्ताओ के लिए कलेक्ट्रेट में ऐसा कोई प्रतिक्षालय भी नही है जहां पर आराम से बैठकर वे अपनी बारी का इंतजार कर सकें। हमने नेताओ को अक्सर यह कहते सुना है कि हम जनता के सेवक है और जनता हमारी भगवान और सरकार के अधीन ही सरकारी अधिकारी होते है चाहे वह कलेक्टर ही क्यों ना हो लेकिन देखने में आता था कि जनता गर्मी की चिलचिलाती धूप में तपती रहती थी और कलेक्टर समेत अधिकारी आफिस में पंखे कूलर और एसी में बैठे शिकायत सुनते थे जिसमें कलेक्टर समेत सभी अधिकारी बैठे रहते थे और शिकायतकर्ता अधिकारी के सामने शिकायत पर कार्रवाई की गुहार लगाता दिखाई दिया करता था लेकिन इस बात को जिले में पहली कलेक्टर ऐसी आई जिन्होने शिकायतकर्ता को सामने कुर्सी में बैठाकर उसकी शिकायत सुनी भी और संबंधित अधिकारी को उस पर जाॅच कर कार्रवाई करने की बात भी की इसके अलावा पहली बार देखने में आया कि कलेक्टर नेहा मीना को लगा कि दूरदराज क्षेत्रो से गरीब जनता आती इतनी दूर मुख्यालय पर आती है जिससे उसका समय और धन दोनो खर्च होते है तो तत्काल उन्होने निर्णय लेते हुए मंगलवार की जनसुनवाई मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर लखनादौन मे ंजाकर जनसुनवाई में शिकायतो को सुना।

पहले जहां लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे
इस विशेष जनसुनवाई में लखनादौन विकासखंड के दूरस्थ ग्रामों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। पहले जहां लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें अपने ही क्षेत्र में कलेक्टर स्तर पर सुनवाई का अवसर मिला। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत हुई, बल्कि प्रशासन के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने स्वयं जनसुनवाई में प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता, संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ सुना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन को प्राथमिकता के साथ लेते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जिन प्रकरणों का तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही निराकरण किया गया, वहीं जटिल मामलों के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए समय-सीमा निर्धारित की गई।

जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, कृषि, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही छत के नीचे उपस्थित रहे। विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए टीमवर्क के माध्यम से समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया गया। कई मामलों में मौके पर ही दस्तावेजों का परीक्षण कर समाधान प्रदान किया गया, जिससे आवेदकों को तत्काल राहत मिली।

बड़ी संख्या में लोगों के चेहरों पर संतोष और विश्वास स्पष्ट दिखाई दिया
कार्यक्रम के दौरान 488 आवेदकों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, समग्र आईडी सुधार, पेंशन, राशन कार्ड, भूमि संबंधी विवाद, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें एवं अन्य जनहित के मुद्दे शामिल रहे। बड़ी संख्या में आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों के चेहरों पर संतोष और विश्वास स्पष्ट दिखाई दिया। जनपद स्तरीय विशेष जनसुनवाई न केवल समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनी, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई।