बिना अनुमति समूह एकत्र होने एवं प्रदर्शन पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
कानून-व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
सिवनी, – अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सुश्री सुनीता खंडायत द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत कलेक्टर कार्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
ज्ञापन प्रस्तुत करने के इच्छुक व्यक्तियों को पूर्व सूचना अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी सिवनी को देना अनिवार्य होगा।
जारी आदेशानुसार कलेक्टर कार्यालय परिसर में बिना पूर्व अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही परिसर में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस या रैली निकालने तथा बिना अनुमति ज्ञापन देने हेतु प्रवेश करना भी पूर्णतः वर्जित रहेगा। कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा या अन्य किसी प्रकार के हथियार लेकर परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। ज्ञापन प्रस्तुत करने के इच्छुक व्यक्तियों को पूर्व सूचना अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी सिवनी को देना अनिवार्य होगा।
केवल एक अधिकृत प्रतिनिधि ही कार्यालय में प्रवेश करेगा तथा संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी के मार्गदर्शन में ज्ञापन प्रस्तुत करेगा
यदि किसी को ज्ञापन देने की अनुमति प्रदान की जाती है, तो समूह में से केवल एक अधिकृत प्रतिनिधि ही कार्यालय में प्रवेश करेगा तथा संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी के मार्गदर्शन में ज्ञापन प्रस्तुत करेगा। ज्ञापन प्राप्ति कार्यालय के भीतर अथवा बाहर, संबंधित अधिकारी के विवेकानुसार की जाएगी।
परिसर में किसी भी प्रकार के भड़काऊ नारे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे
इसके अतिरिक्त, परिसर में किसी भी प्रकार के भड़काऊ नारे, सामाजिक वैमनस्यता फैलाने वाले कथन या किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करने वाले वक्तव्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। सभी ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय में कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं थाना प्रभारी की उपस्थिति में स्वीकार किए जाएंगे।
शासकीय कर्तव्य पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल, मजिस्ट्रेट तथा शासन द्वारा आयोजित बैठकों में आमंत्रित व्यक्तियों को इससे छूट
यह आदेश कलेक्टर कार्यालय परिसर में आमजन पर लागू रहेगा, शासकीय कर्तव्य पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल, मजिस्ट्रेट तथा शासन द्वारा आयोजित बैठकों में आमंत्रित व्यक्तियों को इससे छूट प्रदान की गई है। उक्त आदेश जारी होने की तिथि से दोभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ( बीएनएसएस ) 2023 की धारा 163, पहले की सीआरपीसी (सीआरपीसी) की धारा 144 का नया रूप है, जो दंगा या उपद्रव की आशंका होने पर शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करती है। इसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों के जमा होने, रैली निकालने, हथियार ले जाने पर रोक और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जा सकती है।
धारा 163 ( बीएनएसएस ) के मुख्य बिंदु – उद्देश्य – खतरनाक स्थिति, उपद्रव या दंगे की आशंका के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखना।
अधिकार – जिलाधिकारी (क्ड), उप-प्रभागीय न्यायाधीश (ैक्ड) या विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट इस धारा के तहत आदेश जारी कर सकते हैं।
प्रतिबंध – एक स्थान पर 5 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते, बिना अनुमति जुलूस/सभा पर रोक, और हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध होता है।
अवधि – यह आदेश आमतौर पर अधिकतम दो महीने तक प्रभावी रहता है, लेकिन राज्य सरकार इसे बढ़ाकर 6 महीने तक कर सकती है।
उल्लंघन – इसका उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध है।
कब लागू होती है – अक्सर त्यौहार, चुनाव, या तनावपूर्ण माहौल में हिंसा को रोकने के लिए इसे लागू किया जाता है।
नोट – यह धारा 144 का नया संस्करण है और इसे सामान्य भाषा में कर्फ्यू या धारा 144 के रूप में भी समझा जाता है।







