सिवनी – जिले के घंसौर क्षेत्र में बरेला पावर प्लांट से निकलने वाली राख परिवहन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि राख से भरे ओवरलोड डंपरों की तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया सही बात करें तो थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया की मौन स्वीकृति से घंसौर क्षेत्र में स्थित झाबुआ पाॅवर प्लांट प्रबंधन और फलाई ऐश परिवहन करने वाली कंपनियों की मिलीभगत से घंसौर क्षेत्र में नियम विरूद्ध फलाई ऐश का परिवहन किया जाता है जिससे समस्त घंसौर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणो को परेशानियों का सामना करना पड रहा है।
अक्सर पावर प्लांट प्रबंधन की मनमर्जी मीडिया की सुखर््िायां बनते जा रहा है
देखने मंें आ रहा है कि अक्सर पावर प्लांट प्रबंधन की मनमर्जी मीडिया की सुखर््िायां बनते जा रहा है। बावजूद इसके नो तो जिला प्रशासन इस इस तरफ ध्यान दिया और ना ही पुलिस प्रशासन ने। घंसौर पुलिस की मौन स्वीकृति के चलते घंसौर क्षेत्र में ओव्हर लोड फलाई ऐश के डंपर तेज रफतार संडको पर धडल्ले से बेखौफ होकर दौडते है जिसके कारण आए दिन हादसे होते जा रहे है।


इस हादसे में 20 वर्षीय संतोष काकोडिया की मौत हो गई
सोमवार को भी घंसौर थाना अंतर्गत रूपदौन के पास ओवर लोड फलाई ऐश के भरे डंपर ने वहां से गुजर रही एक पिकअप को जोरदार टक्कर मार दिया। हादसे में पिकअप सडक के नीचे गंडढे में उतर गई। इस हादसे में 20 वर्षीय संतोष काकोडिया की मौत हो गई जबकि राहुल उईके 26,सतेन्द्र आर्मो 21, हिमेश आर्मो और शैलेन्द्र घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साऐं ग्रामीणों ने पावर प्लांट के पास चक्का जाम कर दिया और शव का फ्रिजर में रखकर प्रदर्शन करते रहे।
मीडिया कर्मियों को भोजन कराया गया और उपहार प्रदान किया
आपको याद होगा कि 11 अप्रैल 2026 को झाबुआ पावर प्लांट प्रबधंन ने घंसौर से लगभग 70 – 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बरगी के मैकल रिसार्ट मे मीडिया संवाद का आयोजन किया जहां पहुॅचे मीडिया कर्मियों को भोजन कराया गया और उपहार प्रदान करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से उन्हे उपकृत करने का प्रयास किया गया था ताकि उन्हे झाबुआ पावर प्लांट की कमियां दिखाई ना दें। लेकिन उनका यह आयोजन पूरी तरह विफल हो गया।
घसौर थाना प्रभारी और परिवहन विभाग के अधिकारी प्रबंधन के उपर आखिर क्यो मेहरबान है
लगातार अखबारो चैनलो में खबरो के प्रकाशन के बाद भी घसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया और परिवहन विभाग के अधिकारी प्रबंधन के उपर आखिर क्यो मेहरबान है जिनकी मेहरबानी के चलते इस तरह के हादसे हो रहे है। झाबुआ पाॅवर प्लांट से निकलने वाले फलाई ऐश ने एक बार फिर युवक की जान ले ली। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन झाबुआ पाॅवर प्लांट की मनमर्जी में रोक लगा पाता या नही।
इस मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि पावर प्लांट से निकलने वाले राख परिवहन में लगातार नियमों की अनदेखी की जा रही है। ओवरलोड वाहन तेज गति से गांवों और मुख्य मार्गों से गुजरते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार शिकायत और विरोध के बावजूद प्रशासन और कंपनी द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में भारी नाराजगी है।
मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं। ग्रामीण मृतक परिवार को मुआवजा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।