तुम शिकायत लेकर मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री के पास चले जाओ कार्रवाई तो मुझे ही करनी है
सिवनी – सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियो कों देशभक्ति जनसेवा के कार्य के एवज में पर्याप्त तनख्वाह के अलावा मेडिकल आवास से लेकर अन्य सुविधाये प्रदान की जाती है इसके बावजूद भी कुछ ऐसे अधिकारी होते है जिनका पेट जब तक रिश्वत ना ले लें निवाला उनके गले नही उतरता है ऐसा ही कुछ कारनामा कोतवाली में पदस्थ एएसआई दिनेश रघुंवशी ने किया शिकायतकर्ता नंदकिशोर चैरसिया निवासी छीतापार थाना कुरई ने उक्त एएसआई से परेशान होकर लोकायुक्त का सहारा लिया उसके बाद जो हुआ आपको हम बताने जा रहे है।
मामला क्या था
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देश एवं पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर लोकायुक्त इकाई की इस ट्रेप कार्यवाही में शिकायतकर्ता नंदकिशोर चैरसिया पिता चंदन लाल चैरसिया उम्र 54 साल निवासी ग्राम छितापार, थाना कुरई जिला सिवनी ने दिनेश रघुवंशी पिता स्व तुकरसिंह रघुवंशी उम्र -57 वर्ष, पद- कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक, थाना कोतवाली जिला सिवनी के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि आवेदक नंदकिशोर चैरसिया के बेटे अभिषेक चैरसिया को नौकरी दिलाने एवं सरकारी विभाग में गाड़ी लगाने का झांसा देकर फर्जीवाडा एवं ठगी होने पर उसके द्वारा थाना कोतवाली में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सही रिपोर्ट और फर्जी हस्ताक्षर की जाॅच के एवज में मागे तीस हजार रूपये
नंदकिशोर चैरसिया जब एफआईआर के संबंध में जानकारी लेने के लिए जांच अधिकारी दिनेश रघुवंशी, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक थाना कोतवाली, से मिले तो दिनेश रघुवंशी द्वारा सही रिपोर्ट बनाने एवं फर्जी सिग्नेचर की जांच करवाने के ऐवज में 30000 रु रिश्वत की मांग की जा रही थी, आवेदक द्वारा बातचीत करने पर अनावेदक दिनेश रघुवंशी 20000 रुपए रिश्वत लेने तैयार हो गया।
एसएसआई रिश्वत की पहली किश्त 20 हजार रूपये लेते हुए पकडे गए
आज दिनांक 13 मई 26 को आरोपी दिनेश रघुवंशी, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक थाना कोतवाली को आवेदक नंदकिशोर चैरसिया से 20000 की रिश्वत लेते हुए चाय की दुकान,बस स्टैंड जिला सिवनी में दिनाॅंक 13 मई 26 की दोपहर रंगे हाथ पकड़ा गया । आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( संशोधन ) 2018 की धारा-7,13 ( 1 ) ठ, 13 ( 2 ) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।
पीडित एएसआई की खातिरदारी में कोई कमी नही करता था
संवाददूत से चर्चा के दौरान पीडित ने दुखडा सुनाते हुए बताया कि आरोपी एएसआई को जब भी चाय नाश्ते की तलब लगती वे पीडित को फोन लगाते साथ ही जब पीडित के साथ पैसा ना होता तब वे साहब को उधारी की चाय पिलाते थे इसके बाद भी एएसआई साहब का दिल नही पसीजा पीडित ने आगे बताया कि कभी – कभी साहब को बाहर खाने का मन करता तो पीडित के पैसो से ही साहब का खाना होता था लेकिन कुछ बात साहब ने ऐसी बोल दी जो पीडित को नागावर गुजरी एएसआई ने पीडित से कहा कि पैसा दो तो काम होगा नही तो नही होगा जब पीडित कहता साहब किश्त जमा करना है आपको देने पैसा कहा से लाये तो साहब कहते यहा मै तुम्हारी कहानी किस्सा सुनने नही बैठा हूॅ।
और पैसा निकाल के बताओ बाल नही उखाड सकते एएसआई द्वारा कही गई बात चुभ गई
और पैसा निकाल के बताओ बाल नही उखाड सकते जो कि पीडित को बहुत चुभ गई इसके अलावा एएसआई को हौसले इतने बुलंद थे उसे ना तो टीआई का भय था और ना ही पुलिस अधीक्षक का आखिर इसके पीछे किस नेता किस अधिकारी का हाथ था जिसके दम पर पर वह बोल रहा था कि तुम मुख्यमंत्री , प्रधानपमंत्री के पास चले जाओ कार्रवाई तो मुझे ही करना है।
लोकायुक्त के छापामार दल में कौन – कौन शामिल
इस कार्रवाई में दल प्रभारी नीतू त्रिपाठी उप पुलिस अधीक्षक,निरीक्षक राहुल गजभिए, टी एल ओ निरीक्षक शशिकला मस्कुले, सदस्य निरीक्षक राहुल गजभिए,उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल का योगदान सराहनीय रहा।
एक जरूरी सूचना
एक जरूरी सूचना लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है कि कोई अधिकारी – कर्मचारी रिश्वत की मांग करे, तो कार्यालय एवं दूरभाष पर संपर्क कर सकते हैं।







