महिला सुरक्षा शाखा जिला सिवनी द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन
” घरेलू हिंसा एवम अन्य महिला संबंधी अपराधो से पीड़ित महिलाओं/बालिकाओं के मेंटल हेल्थ काउंसिलिंग हेतु “
पुलिस मुख्यालय भोपाल महिला सुरक्षा शाखा के निर्देशानुसार महिला सुरक्षा शाखा जिला सिवनी द्वारा पुलिस अधिक्षक सिवनी आईपीएस राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा सिवनी प्रदीप वाल्मीकि द्वारा आज दिनांक 12 मार्च 2024 को स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम सिवनी में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमे सम्पूर्ण सिवनी जिले के महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क ,निर्भया मोबाइल,परिवार परामर्श केंद्र,महिला थाना,रक्षित केंद्र सहित महिला सुरक्षा शाखा सिवनी के 30 से अधिक महिला/पुरुष पुलिस अधिकारी कर्मचारीगण ने अपनी सक्रिय सहभागिता दी,
प्रशिक्षण के दौरान प्रारंभ में उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप वाल्मीकि द्वारा प्रशिक्षण के उद्देश्य बताते हुए कहा कि थाने पर आने वाली प्रत्येक पीड़ित महिला /बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए मानवीय पक्ष को अधिक महत्व दिया जावे, प्रशिक्षण के मुख्य वक्ता रूप में पधारी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुश्री रंजना डोडवे द्वारा पीड़ित महिला/बालिकाओं को विधिक सहायता प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली मदद के संबंध में जानकारी प्रदान की गई, महिला एवम बाल विकास विभाग की वन स्टॉप सेंटर की अतिथि वक्ता सोशल केस वर्कर सुश्री सोनल सक्सेना द्वारा बतलाया कि पीड़ित महिलाओ की मदद हेतु पूरे देश मे कुल 733 वन स्टॉप सेंटर सक्रिय है,साथ ही 300 नवीन वन स्टॉप सेंटर प्रस्तावित है,मध्यप्रदेश राज्य में 52 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं,वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओ /बालिकाओं के अस्थायी रहवास, परामर्श,प्राथमिक चिकित्सा, तात्कालिक काउंसलिंग प्रक्रिया,मानवीय सहायता,विधिक सहायता,पुलिस थानों में रिपोर्ट हेतु सक्रिय भूमिका निर्वहन करता है,
,महिला एवम बाल विकास विभाग की वन स्टॉप सेंटर की एक अन्य अतिथि वक्ता सोशल केस वर्कर सुश्री राजेश्वरी दुबे द्वारा अपराध से पीड़ित महिलाओ एवम बालिकाओं के प्रति सामाजिक लैंगिक भेदभावों के विषय में तथा सुधारालय,संप्रेषण ग्रहों में बालक बालिकाओं के प्रति मानवीय व्यवहार के विषय में जानकारी दी, कार्यक्रम में विशेष अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित मनोवैज्ञानिक Dr मनीषा श्रीवास्तव द्वारा बताया कि किस तरह महिलाएं /बालिकाएं अपराध से पीड़ित होकर मानसिक तनाव के कारणवश सायको सोमेस्टिक डिशॉर्डर से ग्रसित हो जाती है,इसलिए अपराध पीड़ित महिला का मनोबल बेहतर करना चाहिए ,उनके मनोवैज्ञानिक पक्ष को समझकर बेहतर कार्यवाही की जावे, प्रशिक्षण अवसर पर मुख्य आमंत्रित अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ शासकीय महाविद्यालय से पधारी समाजशास्त्री विद्वान Dr फरहत मंसूरी द्वारा अपने वक्तव्य को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अत्यंत ही प्रभावी अंदाज में बतलाते हुए पीड़ित महिलाओ/बालिकाओं के साथ थाने में पुलिस द्वारा रिपोर्ट पर सुनवाई के समय किए जाने वाले बेहतर व्यवहार पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि पीड़िता रिपोर्ट करते वक्त उत्तेजित भी होती है तो पूर्ण संयम , धैर्य के साथ महिला की सुनवाई करे, पुलिस के द्वारा जनता की सेवा में किए जा रहे कठिन कर्तव्य निर्वहन पर भी आपने अपने विचार रखे, कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा शाखा जिला सिवनी के उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप वाल्मीकि द्वारा आगंतुक अतिथि वकागण सहित उपस्थित प्रशिक्षण में उपस्थित समस्त अधिकारी कर्मचारीगण को महिला सशक्तिकरण विषय पर केंद्रित Dr ओजस्विनी जोहरी द्वारा लिखित किताब सौजन्य भेंट स्वरूप प्रदान की गई








