सिवनी – एक मामले में बरघाट के सूर्यवंषी परिवार के सात लोग जेल में बंद थे इसी दौरान दिनांक 25/02/2024 दिन रविवार से सौरभ उर्फ विक्की सूर्यवंशी जो कि जिला जेल सिवनी में न्यायिक अभिरक्षा में पूर्व से निरूद्ध है आगे अपने आवेदन में परिजनो ने बताया कि दिनांक 10/03/2024 दिन रविवार को जिला जेल, सिवनी में निरूद्ध सौरभ उर्फ विक्की पिता असादूलाल सूर्यवंशी का अत्याधिक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण उसे इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, सिवनी में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था जहां उपस्थित डॉक्टरो द्वारा उसका समुचित उपचार व देखरेख नहीं की गई। विशेषज्ञ डॉ० दीपक अग्निहोत्री द्वारा सौरभ उर्फ विक्की को देखा गया तथा मरीज के परिवारजनों द्वारा डॉ० अग्निहोत्री से विक्की की बीमारी के संबंध में पूछा गया तो डॉ० अग्निहोत्री द्वारा नाराजगीपूर्ण भाव में कहा कि, बार-बार मुझसे बात मत करो, लडाई झगडा करते समय व जेल जाते समय समझ में नहीं आती, विक्की के तरफ इषारा करते हुए कहा कि विक्की जेल में ही रहने लायक है और जेल में ही रहेगा उसे जेल से भेजा गया है हम उसका उपचार व व्यवहार कैदी की तरह करेंगे इसी तरह बार-बार सौरभ उर्फ विक्की सूर्यवंशी द्वारा छाती और पेट में दर्द होना बताया गया तथा सांस लेने में तकलीफ होना बताया गया तब भी डॉ० दीपक अग्निहोत्री द्वारा कहा गया कि, मरीज समान अवस्था में है जब हमारे द्वारा प्रायवेट इलाज कराने या किसी बडे अस्पताल ले जाने के लिये कहा गया तो डॉ० अग्निहोत्री नाराज होकर वहां से चले गये और विक्की की जरूरी जाँच एवं उपचार नहीं किया गया और कहा कि, मरीज हमारी जवाबदारी में हमारे अस्पताल में है आप लोग यहां से भाग जायें जिसके बाद जब स्वयं सौरभ उर्फ विक्की सूर्यवंशी द्वारा डॉ० अग्निहोत्री से स्वयं अपनी छाती के दर्द एवं सांस लेने में तकलीफ होना बताया गया तो भी डॉ० अग्निहोत्री द्वारा अनसुना कर दिया गया जब परिजनों के द्वारा बार-बार इलाज करने की बात कहीं गई एवं छाती में दर्द होने के कारण एंव सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो ऑक्सीजन लगाने के लिये जब स्वयं मरीज व उसके परिजनो के द्वारा कहा गया तो डॉ० दीपक अग्निहोत्री ने कहा कि मरीज झूठ बोल रहा है उसे सांस लेने में कोई तकलीफ नही हो रही है एवं उसकी ई०सी०जी० सामान्य है और इस प्रकार पूरा दिन बीत गया इसके बाद तीसरे दिन दिनांक 12/03/2024 मंगलवार को सुबह जब डॉ० अग्निहोत्री राउन्ड पर आये तो पुनः मरीज व परिजनों द्वारा दर्द की शिकायत पर कह दिया कि रिफर कर रहे है जबलपुर ले जाओं। यहां से जब मेडिकल कॉलेज जबलपुर के लिये मरीज को रिफर किया गया तो परिजनों के द्वारा कहा गया कि, मरीज को एम्बुलेंस में ऑक्सीजन लगाकर भेजिये तब भी डॉ० दीपक अग्निहोत्री द्वारा मरीज को जीवन आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने से मना कर दिया गया था तथा उसे ऑक्सीजन ना लगाते हुये और ना ही विशेषज्ञ डॉक्टर को बिठाकर साथ में लेकर जबलपुर ले जाया गया। इसके पश्चात सौरभ उर्फ विक्की सूर्यवंशी को मेडिकल कॉलेज जबलपुर पहुँचते ही उसे गंभीर हालत में में मेंडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया तथा कुछ ही समय पश्चात सौरभ उर्फ विक्की सूर्यवंशी की मृत्यु हो गई। डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि, जिला चिकित्सालय सिवनी मरीज का समुचित उपचार नहीं हो पाया तथा इलाज में लापरवाही बरती गई है। उक्त सम्पूर्ण घटनाक्रम में डॉ० दीपक अग्निहोत्री के व्यवहार व उनके कार्य करने की शैली तथा कर्तव्य के प्रति संदेह एवं घोर लापरवाही तथा जिला जेल, सिवनी में बंद सौरभ उर्फ विक्की सूर्यवंशी की इलाज से लेकर मृत्यु तक डॉ० दीपक अग्निहोत्री की घोर लापरवाही एवं उपेक्षा स्पष्ट प्रतीत होती है आगे जिला कलेक्टर से परिजनो ने डॉ० दीपक अग्निहोत्री की सेवायें तत्काल समाप्त की जाकर उनके विरूद्ध उचित एवं कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करने तथा उक्त संबंध में सम्मिलित अन्य षडयंत्रकारियों का भी पता लगाया जाकर एवं दण्डित कार्यवाही किये जाने की मांग की है। जिसकी प्रतिलिपि परिजनो ने पुलिस अधीक्षक,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुख्यमंत्री मध्यप्रदेष एवं मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग के नाम मृतक के पिता असाडूलाल सूर्यवंषी निवासी बरघाट ने की है।







