सिवनी – हमारे देश समेत पूरे विश्व में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बडे ही धूमधाम से मनाई जाती है क्योकि श्रीकृष्ण परम योगी कहलाते है श्रीमद गीता में भगवान ने अर्जुन को उपदेश देते हुए कहा योगःकर्मसु कौशलम अर्थात योग से कर्म में कुशलता आती है अर्थात निखार आता है योगस्थःकुरू कर्माणी अर्थात योग मे ंस्थित होकर कर्म करो तो हर कार्य में आपको सफलता मिलना निश्चित है कुछ ऐसे ही उपदेश भगवान ने अर्जुन को दिये सोमवार को नगर के सीएमराईज स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया इस अवसर पर स्कूल के बच्चे राधाकृष्ण की वेशभूषा में आये जहां स्कूल की शिक्षिकाओ ने सभी राधाकृष्ण का तिलक पुष्ण अर्पित कर स्वागत किया जिसके बाद बच्चो ने मधुर संगीत पर डांस भी किया आपको बता दे जन्माष्टमी और सोमवार का अद्भुत संयोग कहा जाता है कि अगर जन्माष्टमी सोमवार या बुधवार के दिन पड़े तो यह काफी शुभ और दुर्लभ संयोग कहलाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म बुधवार के दिन हुआ था और 6 दिन बाद सोमवार को श्रीकृष्ण का नामकरण हुआ था. जन्माष्टमी पर इस साल कई शुभ योग रहेंगे. आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि, राजयोग और गजकेसरी योग का निर्माण हुआ है. जन्माष्टमी पर आज चंद्रमा वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे. ठीक ऐसी ही संयोग द्वापर में कृष्ण के जन्म के समय बना था. जन्माष्टमी पर धनिया पंजीरी भोग क्यों लगाते हैं? जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण को धनिया की पंजीरी का भोग जरूर लगाया जाता है, क्योंकि यह कृष्ण के प्रिय भोगों में एक है. कान्हा को धनिया पंजीरी चढ़ाने के बाद इसे प्रसाद स्वरूप भक्तों में भी बांटा जाता है. जो लोग व्रत रखते हैं वह धनिया पंजीरी प्रसाद खाकर ही व्रत खोलते हैं।







