सिवनी – हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है, क्योंकि यह समय पितरों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है. इस वर्ष पितृ पक्ष 18 सितंबर से 2 अक्टूबर 2024 तक रहेगा. पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों को तृप्ति मिलती है, और वे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं. हालांकि, पितृ पक्ष के अलावा भी सालभर में कुछ खास अवसर होते हैं, जब श्राद्ध करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है.


पितृ पक्ष में श्राद्ध का महत्व – सिवनी के ज्योतिषाचार्य पंडित देवनारायण मिश्रा ने बताया कि गरुड़ पुराण, विष्णु पुराण, और ब्रह्म पुराण जैसे ग्रंथों में श्राद्ध और तर्पण के महत्व का उल्लेख है. पितृ पक्ष की सर्व पितृ अमावस्या का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस दिन किया गया श्राद्ध तुरंत पितरों को संतुष्ट करता है. अमावस्या, संक्रांति, चंद्र और सूर्य ग्रहण के समय किए गए श्राद्ध को विशेष फलदायी माना जाता है.


खास नक्षत्रों में श्राद्ध का विशेष महत्व – धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, कुछ विशेष नक्षत्रों में किया गया श्राद्ध पितरों को दीर्घकाल तक तृप्त करता है।
अनुराधा, स्वाति, और विशाखा नक्षत्र – इन नक्षत्रों में अमावस्या पर किया गया श्राद्ध 8 वर्षों तक पितरों को तृप्त करता है।
पुनर्वसु और आद्रा नक्षत्र – इन नक्षत्रों में किया गया श्राद्ध 12 वर्षों तक प्रभावी रहता है, जिससे पितर दीर्घकाल तक संतुष्ट रहते हैं और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है.।
पितृ पक्ष के अलावा श्राद्ध करने के विशेष अवसर – पितृ पक्ष के अलावा भी कुछ महत्वपूर्ण तिथियां और अवसर हैं, जब श्राद्ध करना शुभ माना जाता है।


मासिक अमावस्या – हर महीने की अमावस्या पर श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. यह दिन तर्पण के लिए बहुत शुभ होता है।
सूर्य और चंद्र ग्रहण
– ग्रहण के समय श्राद्ध और तर्पण करना विशेष प्रभावी होता है. इस समय किए गए तर्पण से पितरों को तुरंत तृप्ति मिलती है।
संक्रांति – जब सूर्य राशि परिवर्तन करता है, उस समय पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करना विशेष फलदायी माना जाता है।
योग्य ब्राह्मण को भोजन कराना – पितृ पक्ष के दौरान या किसी अन्य शुभ अवसर पर यदि कोई योग्य ब्राह्मण या विद्वान आपके घर आता है, तो उसे श्रद्धापूर्वक भोजन कराना पितरों को प्रसन्न करता है. इससे पितरों की आत्मा को संतोष प्राप्त होता है और परिवार को उनका आशीर्वाद मिलता है।


निष्कर्ष – पितरों की तृप्ति और शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण करना आवश्यक है. पितृ पक्ष, खास नक्षत्र, अमावस्या, और संक्रांति जैसे विशेष अवसरों पर यह अनुष्ठान करना अत्यधिक फलदायी होता है, जिससे पितर दीर्घकाल तक संतुष्ट रहते हैं और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।


26 सितम्बर 2024 को केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह द्वारा अपने गह निवास बर्रा में पितृ पक्ष नवमी तिथि के अवसर पर केवलारी विधायक रजनीश हरवंशसिंह की माताजी स्व.श्रीमति पवन हरवंशंसिंहजी का श्राद्ध पूजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बाकायदा उन्होने अपने घर पर विधि विधान से योग्य ब्राम्हणो के मार्गदर्शन में श्राद्ध किया इसके अलावा उन्होने नदी में जाकर नियम से जो भी श्राद्ध के कार्य होते है वे किये फिर घर पर गौमाता को अन्न खिलाया। इस अवसर पर पूजन में पूरा परिवार शामिल रहा।