गरीबो के हक की जगह दे दी अमीरो को औेर प्रशासन को भनक तक नही आखिर ऐसे – कैसे

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सिवनी – गरीबो के हक पर किस तरह डाका डाला जाता है और किस तरह प्रशासन की आॅखो पर धूल झौंकी जाती है शायद यही कारण है और आकडे भी चंद फरेबी लोगो के कारण गरीबो की संख्या कम बताई जाती है आईये आपको बताते है किस तरह का कारनामा एक फर्म ने कर दिखाया फर्म मेसर्स रामदेव बाबा एण्ड पद्मावती डेवलपर्स सिवनी की कॉलोनी ड्रीमलैंड सिटी डोरली छतरपुर का ले-आउट 2007 में संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश छिंदवाड़ा द्वारा अनुमोदित था उसमें 44562 वर्ग फुट भूमि ई डब्ल्यू एस हेतु (समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए) आरक्षित रखी गई थी य इसमें 21-21 वर्गमीटर के आवासीय भवन ग्राउंड फ्लोर पर 129 तथा प्रथम तल पर 129 का 258 आवासीय भवन गरीबों हेतु बनाकर फर्म गई उपलब्ध कराना था । फर्म ने 2007 से उक्त कॉलोनी के भूखंड विक्रय तो किया लेकिन उनके चुने गए विकल्प के अनुसार समाज के कमजोर वर्गों के लिए कोई आवासीय भवन नहीं बनाए, 2012 में इसी ले-आउट को दो भागों पार्ट-ए एवं पार्ट-बी में विभाजित करवा लिया गया और पुनः विकास अनुमति प्राप्त की गई।
पार्ट-ए के लेआउट में दिए गए विवरण के अनुसार 22-22 वर्ग मीटर के 39 आवासीय भवन ग्राउंड फ्लोर पर, 39 आवासीय भवन प्रथम तल पर तथा 38 आवासीय भवन द्वितीय तल पर इस प्रकार कुल 116 आवासीय भवन कुल 1740 वर्गमीटर के भूखंड पर समाज के कमजोर वर्गों हेतु बनाए जाकर उपलब्ध कराना स्वीकृत कराया गया।

सी प्रकार कालोनी के पार्ट-बी के लेआउट के अनुसार 25-25 वर्ग मीटर के 36 आवासीय भवन ग्राउंड फ्लोर पर , 35 आवासीय भवन प्रथम तल पर एवं 35 आवासीय भवन द्वितीय तल पर इस तरह कुल 106 आवासीय भवन 1810 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाकर उपलब्ध कराना स्वीकृत कराया गया । कॉलोनी के पार्ट बी के लेआउट में ईडब्ल्यूएस के लिए प्रृथक से आरक्षित भूमि नहीं दर्शाई गई , इस प्रकार स्पष्ट था कि 2007 में जो ले-आउट स्वीकृत था उसमें जो आरक्षित भूमि समाज के कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित की गई थी उसी में पार्ट ए एवं पार्ट बी में समाज के कमजोर वर्गों के लिए प्रस्तावित आवासीय भवन बनाया जाना था, अब अभिलेख से स्पष्ट हुआ है कि फर्म ने संपूर्ण कॉलोनी में कहीं भी एक भी आवासीय भवन समाज के कमजोर वर्गों के लिए नहीं बनाया इसके प्रतिकूल समाज के कमजोर वर्ग हेतु आरक्षित भूमि में से 12,916 वर्ग फुट का बड़ा भूखंड एक मुश्त जयेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सिवनी को दिनांक 14-12-2021 को रजिस्टर्ड बयनामे से विक्रय कर दी, जिसके नामांतरण उपरांत जयेन्द्र श्रीवास्तव(जय श्रीवास्तव काली चैक सिवनी ) ने छोटे -छोटे भूखंड रीना गुप्ता सहित अनेक लोगों को विक्रय कर दिए । समाज के कमजोर वर्गों हेतु आरक्षित कुल भूमि का शेष भाग पंकज मालू द्वारा किसे विक्रय किया गया इसकी जानकारी मिलना शेष है ,विश्वस्त सूत्रो से ज्ञात हुआ है कि फर्म ने एसडीएम को शपथ-पत्र सहित उन कुछ लोगों की सूची प्रस्तुत की है जिन्हें समाज के कमजोर वर्ग के व्यक्ति बताते हुए भूखंड या आवासीय भवन उपलब्ध करा दिए गये हैं , चूंकि मूल अभिलेख न्यायालय कलेक्टर सिवनी को पुनरीक्षण की सुनवाई हेतु भेजा जा चुका था इसलिए उक्त लाभांवित व्यक्तियों की सूची विधिवत प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल सका ,लेकिन इसका खुलासा न्यायालय कलेक्टर के समक्ष सुनवाई में हो जायेगा ,जहां सुनवाई 06 जनवरी 2025 को नियत है ।