चरित्र संदेह और बेटी ही बेटी पैदा करने की बात को लेकर कर दी हत्या

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सिवनी ( बरघाट ) – दिनांक 06 जनवरी 2025 पुलिस थाना बरघाट आकर परमेन्द्र ठाकुर पुलिस को सूचना देता है कि उसकी पत्नी चित्ररेखा के घर से बिना बताये कही चली गई है जिसकी बाकायदा रिपोर्ट परमेन्द्र ने बरघाट थाने में दर्ज कराई जिसके बाद बरघाट पुलिस के द्वारा गुम इंसान क्रमाँक 01/2025 कायम कर जाँच में लिया गया था जिसके बाद पुलिस जाँच में जुट जाती है और गुमशुदा चित्ररेखा के मायके पक्ष के परिजनो द्वारा पुलिस को गुमशुदा के साथ अनहोनी होने की शंका व्यक्त की गई , उक्त सभी तथ्यो के आधार पर पुलिस जांच कर गुमशुदा की तलाश और जानकारी जुटाने में लग गई जिसके बाद गुमशुदा का शव ग्राम के उमाशंकर बोपचे के खेत के कुंआ के पानी में डूबा हुआ मिला जिस पर मर्ग क्रमाँक 02/2025 धारा 194 बी.एन.एस.एस. का कायम कर जाँच में लिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक सिवनी सुनील कुमार मेहता एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जी.डी. शर्मा के द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश देकर त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ललित गठरे के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी मोहनीश बैस थाना बरघाट के द्वारा थाना स्तर पर पुलिस टीम गठित कर थाना प्रभारी बरघाट के नेतृत्व में मर्ग जांच की गई जांच में पाया गया कि आरोपी परमेन्द्र ठाकुर व्दारा मृतिका चित्ररेखा को लडकी ही लडकी पैदा करती है कहकर प्रताडित करता था एवं घटना दिनांक 04 जनवरी 2025 को रात में चरित्र शंका को लेकर मारपीट कर जान से मारने की नियत से मृतिका का सिर को दिवार में पटकना एवं मृतिका के साथ हाथ पैर से मारपीट करना पाया गया जिससे मृतिका अचेत अवस्था में हो गई थी जिसके फलस्वरूप आरोपी परमेन्द्र के पिता निरंजन ठाकुर एवं माँ निर्मला ठाकुर के साथ मिलकर घटना को छिपाने के उद्देश्य से चित्ररेखा को अचेत अवस्था में घर के ताला लगाकर छिपाकर रखा और दिनांक 05 जनवरी 2025 को आरोपी परमेन्द्र ठाकुर, निरंजन ठाकुर, निर्मला ठाकुर के व्दारा मृतिका को ठिकाने लगाने की षणयंत्रकारी योजना बनाकर दिनांक 06 जनवरी 2025 को प्रातः आरोपी परमेन्द्र ठाकुर एवं उसके पिता निरंजन ठाकुर के व्दारा मृतिका चित्ररेखा को मारने के उद्देश्य से अचेत अवस्था में मोटर साईकल में बैठाकर उमाशंकर बोपचे के खेत में बने कुआ में लेजाकर फेक कर स्वयं को बचाने के उद्देश्य से मृतिका के गुम होने की झूठी रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दिया गया। सम्पूर्ण मर्ग जाँच, घटना के सम्बंध में संकलित सुशंगत तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपी गणों का कृत्य अपराध धारा 103(1), 238,61,3 (5) भारतीय न्याय सहिंता का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस टीम द्वारा आरोपियो की जानकारी जुटाने पता करने के बाद आरोपियो में परमेन्द्र पिता निरंजन ठाकुर उम्र 38 साल दूसरा निरंजन पिता स्व. रामप्रसाद ठाकुर उम्र 68 साल तीसरी निर्मला पति निरंजन ठाकुर उम्र 66 साल तीनो निवासी पिंडरईखुर्द थाना बरघाट को अभिरक्षा मे लेकर जब पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपियो ने हत्या की घटना करना स्वीकार किया। जो आरोपीगणो का कृत्य अपराध धारा 103(1), 238,61,3 (5) भारतीय न्याय सहिंता का पाये जाने से आरोपीगणो को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस पूरे मामले की तह तक पहुॅचकर खोजबीन करने के बाद अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ललित गठरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मोहनीश बैस, उनि. इंजनसिंह मर्सकोले, उनि. सत्येन्द्र उपाध्याय, उनि.नीलू उइके, सउनि. सुबोध मालवीय, प्र. आर. 05 संतोष मर्सकोले, प्र.आर.469 संजय यादव, प्र.आर.372 अमर उइके, आर.249 राजेन्द्र कटरे, आर.449 कपिल कटरे, आर. 597 आभाष, आर. 575 नेपेन्द्र चैधरी, आर. 389 अजय युवनाती, महिला आर. 627 मिथलेश्वरी का विशेष योगदान रहा।