महिलाओ को रोगायो के नाम पर दिया गाॅव की नाली सफाई का काम

423

सिवनी – मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन ग्राम पंचायत ताखला जो कि बरघाट जनपद अंतर्गत आती है जहां महिलाओ से गाॅंव की नालियाॅं साफ कराने का काम कराया जा रहा था

महिलाओ को २४५ की जगह दी जाती है २१० रूपये मजदूरी

इसके अलावा महिलाओ ने बताया कि उन्हे पूरी मजदूरी पंचायत द्वारा नही दी जाती है जबकि इस मामले में जब सचिव से बात की गई तो सचिव ने बताया कि पंचायत द्वारा रोगायो में काम करने वालो को 245 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाती है जबकि महिलाओ के लिए इनमें से कुछ योजनाएं कुछ इस प्रकार है जिनमें मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना,लाड़ली बहना योजना,लाड़ली लक्ष्मी योजना,महिला समृद्धि योजना ( एमएसवाई ),समेकित बाल विकास सेवा योजना ( आईसीडीएस ),सुकन्या समृद्धि योजना ( एसएसवाई ),महिला शक्ति केंद्र ( एमएसके ) इन योजनाओं का मकसद महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाना है. इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित किया जाता है और आपात स्थिति में उनकी मदद की जाती है.महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं. इनमें महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए क्रेच, बाल देखभाल सेवाएं, और कार्यस्थल पर शेड जैसी सुविधाएं शामिल हैं.मनरेगा में महिलाओं के लिए की जाने वाली सुविधाएं महिलाओं को समान वेतन दिया जाता है. महिलाओं के लिए मजदूरी दरों की अलग अनुसूची है. क्रेच की सुविधा है. बच्चों के लिए कार्यस्थल पर शेड है. बाल देखभाल सेवाएं हैं.

महिला साथियों की शुरुआत की गई है. मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए, कम से कम एक तिहाई लाभार्थी महिलाएं होने का लक्ष्य रखा गया है. मनरेगा के बारे में जायदा जानकारी मनरेगा का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाना है. मनरेगा के तहत, वयस्क परिवार के सदस्यों को अकुशल मैनुअल काम करने के लिए रोजगार दिया जाता है. मनरेगा के तहत, एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार दिया जाता है। लेकिन पंचायत के सरपंच सचिव ने महिलाओ से गाॅव की नालियो की सफाई कराकर गुड गोबर कर दिया। अब देखना बाकी है कि इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ क्या कार्रवाई करते है।