भ्रष्टाचार में लिप्त रोजगार सहायक का क्यो साथ दे रही जनपद सीईओ

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सिवनी – राष्ट्र की रीढ देश का गरीब मेहनतकश गरीब मजदूर और किसान है और आज देश की अािर्थक स्थिति यदि मजबूत हुई है तो सिर्फ गरीब मजदूर एवं किसान की वजह से है इस बात को भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपती मूर्मू ने भी स्वीकारी है प्रदेश की सरकार द्वारा सरकार की योजनाओ का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक मिल सके और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओ का लाभ मेहनतकश हर गरीब किसान को मिल सके इसके लिए भरसक प्रयास किये जा रहे है।


कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिलकर शासन की योजनाओ को पलीता लगाने से चूक नही रहे
कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिलकर शासन की योजनाओ को पलीता लगाने से चूक नही रहे ऐसा ही कुछ मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत छीतापार में देखने को मिल रहा है जहां रोजगार सहायक शिवकुमार चंद्रवंशी से ग्रामवासी परेशान है इस बात की शिकायत ग्राम पंचायतवासी एवं सरपंच द्वारा जनपद सीईओ को की जाती है तो उनके द्वारा सरपंच पति को इंजीनियर पीसीओ को दबाव देकर फर्जी प्रकरण में फसाने की बात की जा रही है।
ऐसा भ्रष्ट सचिव और सीईओ अधिकारी मेरी उम्र में पहली बार देखा
सूत्र बताते है कि ऐसा भ्रष्ट सचिव और सीईओ अधिकारी मेरी उम्र में पहली बार देखा जो भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती है जिसने 1920 20-21 में स्वीकृत खेत तालाव जो की हितग्राही का नाम एक हरिजन विधवा महिला है जिसके साथ शिवकुमार चंद्रवंशी द्वारा ना इंसाफी की जा रही है।
हरिजन विधवा महिला के साथ भी किया फर्जीवाडा
रोजगार सहायक द्वारा 48000 फर्जी मास्टर भरकर सरपंच का फर्जी दूसरे हाथ से हस्ताक्षकर कर फर्जी मूल्यांकन करवा कर पेमेंट कर लिया गया जिससे महिला एक हरिजन और असहाय होने के कारण उसके साथ अन्याय किया जा रहा है ऐसे ही जी मियां भाई जो की खमरिया निवासी है इसके नाम से भी तालाब निर्माण के नाम पर लाखों का घोटाला किया गया।
रहता है अनुपस्थित लेकिन वेतन मिलता है पूरा
ऐसे ही दो महिने से पंचायत में यह रोजगार सहायक अनुपस्थित रहता है और अपने फर्जी कामों के नाम में जाने वाले ग्रेस ने पहले भी 6.30 लाख के घोटाला में फंसा हुआ था इसके पहले प्रधानमंत्री आवास में 115000 का घोटाला करके 9 महीना तक सस्पेंड रहा फिर भी ऐसे जीआरएस को प्रशासन और सिवनी जनपद सीईओ क्यों मेहरबान है जो उसको काम न करने पर भी महीने में बराबर वेतन देती है शिकायत तो यह भी है कि रोजगार सहायक 2 महीने से अनुपस्थित रहने पर सरपंच द्वारा साइन भी नहीं किए गए लेकिन वेतन रोजगार सहायक को जनपद सीईओ की मेहरबानी से पूरा मिल रहा है रोजगार गारंटी के भी सारे अधिकारी भ्रष्टाचार में उसके साथ लिप्त है यहां तक की 10 दिन से प्रधानमंत्री आवास में नाम जोड़ना है आज रिकॉर्ड उठा कर देखें एक भी आदमी का नाम आज तक आवास प्लस में नहीं जोड़ा गया। जब इस देश में महिला सरपंच के साथ एक दंबग रोजगार सहायक द्वारा ठगी की जा रही है जिसमें सूत्र बताते है कि इसमें अधिकारियो की सांठगाॅठ सारे कामो को अंजाम दिया जा रहा है तो सोचिये कितना बडा गिरोह मिलकर भ्रष्टाचार को बढावा देने का काम कर रहा है अब देखना होगा इस मामले में जिले की कलेक्टर क्या कार्रवाई करती है।