बेवफा चाय की दुकान में रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया प्रभारी प्राचार्य

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सिवनी। संवाददूत। आपको बता दें सरकार द्वारा शिक्षको को ही नही सारे सरकारी पद पर बैठे अधिकारियो कर्मचारियो को सारी सुविधाये मुहैया कराती है लेकिन चंद अधिकारी और कर्मचारियो की भूख मेहनत से कमाये तनख्वाह से नही मिटती है जब तक भ्रष्ट अधिकारियो कर्मचारियो की जेब में हराम का पैसा नही चला जाता उन्हे रात को नींद भी ना आती होगी लेकिन कहते है कि सौ दिन का चोर एक ना एक दिन पकड में जरूर आ जाता है

अधिकारियों की सांठगांठ के चलते बीआरसी सतीश साहू को अभयदान मिलता आ रहा है।

कुछ ऐसा ही मामला घटित हुआ आपको बता दें बीआरसी केवलारी सतीश साहू के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगवाकर वसूली कराने का मामला मीडिया की खूब सुर्खियों बना रहा, जिसकी शिकायत भी हुई लेकिन जिला शिक्षा केंद्र के उच्चाधिकारियों व वहां पर पदस्थ कुछेक अधिकारियों की सांठगांठ के चलते बीआरसी सतीश साहू को अभयदान मिलता आ रहा है।


बीआरसी सतीश साहू के द्वारा केवलारी विकासखंड के अनेक शिक्षकों के मामले में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगवाने और फिर संबंधित व्यक्ति से सेटिंग कराने और आर्थिक वसूली करने का मामला बीते दिनों ही सामने आया था जिसमें सिवनी जिला प्रशासन व जिला शिक्षा केंद्र द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।
बीआरसी सतीश साहू की कलाकारी को सीखकर इसी तरह की कार्यप्रणाली का हुनर आदिवासी विकासखंड छपारा के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तुलफ के प्रभारी प्राचार्य मुकेश नामदेव ने भी आजमाया था लेकिन मुकेश नामदेव लोकायुक्त के शिंकजे में फंस गये और 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों धराए गए है। जिले में लोकायुक्त टीम का लगभग दौरा हो रहा है अर्थात कोई न कोई शासकीय कर्मचारी रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों धराया जा रहा है।
बेवफा चाय वाले के यहां मुकेश नामदेव रंगे हाथों पकड़ाये
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई को दिये गये है। इसी के तहत सिवनी जिले में ट्रेप की कार्यवाही गई है। आवेदक ढीलन सिंह बिसेन पिता स्वर्गीय श्री थान सिंह बिसेन, उम्र 61 वर्ष, प्रधान पाठक, शासकीय माध्यमिक शाला बीजा देवरी, विकासखंड छपारा, जिला सिवनी है।
वहीं आरोपी मुकेश कुमार नामदेव पिता श्री जी एल नामदेव उम्र 48 वर्ष, पद माध्यमिक शिक्षक, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तुलफ, जन शिक्षा केंद्र बीजा देवरी (प्रभारी प्राचार्य) विकासखंड छपारा जिला सिवनी को दिनांक 04 अप्रैल 2025 दिन शुक्रवार को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बेवफा चाय वाला नाश्ते की दुकान, बस स्टैंड बखारी, जिला सिवनी में 10 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा है।
लोकायुक्त जबलपुर को मिली थी शिकायत
ढीलन सिंह बिसेन प्रधान पाठक, शासकीय माध्यमिक शाला बीजा देवरी, विकासखंड छपारा, द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को शिकायत की गई थी कि वह माध्यमिक शाला बीजा देवरी, विकासखंड छपारा में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ है। हर वर्ष शाला प्रबंधन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा शाला प्रबंधन समिति के खाते में छात्रों की दर्ज संख्या के हिसाब से लगभग 50,000 – रूपये की राशि आती है। जन शिक्षा केंद्र बीजा देवरी के अंतर्गत कुल 26 स्कूल आते हैं।
आरटीआई का निराकरण कराने 30 हजार की मांगी जा रही थी रिश्वत
प्रभारी प्राचार्य जन शिक्षा केंद्र बीजा देवरी मुकेश कुमार नामदेव के द्वारा अपने हितबद्ध व्यक्ति कमल शुक्ला द्वारा शाला अनुदान की राशि के व्यय के संबंध में आरटीआई लगवाई गई है एवं आरटीआई के आवेदन का निराकरण करने एवं दोबारा आरटीआई न लगवाने के एवज में प्रत्येक प्राथमिक शाला से 1000 तथा प्रत्येक माध्यमिक शाला से 1500 रुपए की राशि सभी स्कूल प्रभारी से एकत्रित कर दबाव डालकर प्रभारी प्राचार्य जन शिक्षा केंद्र बीजा देवरी मुकेश कुमार नामदेव के द्वारा 30,000 – रूपये की मांग की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही
लोकायुक्त की टीम के द्वारा उक्त शिकायत के सत्यापन उपरांत दिनांक 04 अप्रैल 2025 को बण्डोल पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम बखारी में स्थित बेवफा चाय वाला नाश्ते की दुकान में प्रभारी प्राचार्य जन शिक्षा केंद्र बीजादेवरी मुकेश कुमार नामदेव को 10000 – दस हजार रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया है। वहीं आरोपी मुकेश नामदेव के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( संशोधन ) 2018 की धारा-7, 13 (1) इ, 13 (2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।
लोकायुक्त की टीम में ये रहे शामिल
वहीं सूचना के अधिकार को शासकीय कर्मचारियों के द्वारा कमाई का जरिया बनाने का खुलासा और रंगेहाथों पकड़कर कार्यवाही करने में लोकायुक्त जबलपुर की टीम में इंस्पेक्टर श्रीमती रेखा प्रजापति, इंस्पेक्टर नरेश बेहरा, इंस्पेक्टर कमल सिंह उईके एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।