शिक्षा परिसर सिवनी में अधीक्षक के पद पर दीपक गोस्वामी को खेल परिसर कुरई में सलग्नीकरण बना जाॅच का विषय

प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जॉच किये जाने पर कई मामलो का हो सकता है खुलासा
सिवनी – जनजाति विभाग के अंतर्गत आने वाले शिक्षा परिसर सिवनी में अधीक्षक के पद पर दीपक गोस्वामी को पदस्थ किया गया है। इसके पूर्व आपको बालक खेल परिसर कुरई में संलग्नीकरण का आदेश सहायक आयुक्त एस.एस.मरकाम ने दिया था यह संलग्नीकरण भी जाॅच का विषय है। ऐसे अनेक मामले है जिनकी जाॅच जिला प्रशासन द्वारा किया जाना शेष है। इस पूरे मामले की जाॅच किये जाने की आवाजे भी उठने लगी है। कि वर्ष 2009 में दीपक गोस्वामी व्यायाम अनुदेशक प्राथमिक शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ब्यौहारी घंसौर में पदस्थ थे इसके बाद वर्ष 2015 – 16 में ये एम.पी.एड करने भोपाल गये थे इसी दौरान इनका स्थानांतरण घंसौर से धनौरा कन्या परिसर कर दिया गया। जबकि इनकी मूल पदस्थापना शासकीय उच्च.माध्यमिक विद्यालय ब्यौहारी घंसौर है जो समझ से परे है।
एमपीएड की डिग्री लेने श्री गोस्वामी भोपाल 2015 – 16 में किसके आदेश से गये
श्री गोस्वामी वर्ष 2015 – 16 में एम.पी.एड की मास्टर डिग्री लेने भोपाल गये इसके लिए आवेदन के माध्यम से विभाग के आयुक्त अथवा भोपाल के विभागीय उपायुक्त से स्वीकृति का प्रावधान है। लेकिन इन्होने किसी से भी अनुमति नही ली।
श्री गोस्वामी दो वर्षो तक भोपाल में रहकर विभाग से वेतन लेते रहे
यहा पर हम आपको बताना चाहेंगें कि एम.पी.एड डिग्री के लिए नियमित कोर्स करना पडता है। इसे प्राईवेट करने का प्रावधान नही है,जिनके पास विभाग द्वारा अवकाश की अनुमति नही होती उन्हे यह कोर्स नही कराया जा सकता। श्री गोस्वामी दो वर्षो तक भोपाल में रहकर विभाग से वेतन लेते रहे है इसकी जाॅच में सभी चीजो का खुलासा हो सकता है।
विभागीय सूत्रो की माने तो श्री गोस्वामी जनजातिय कार्य विभाग में पदस्थ सभी 15 व्यायाम अनुदेशक पी.टी.आई की वरिष्ठता की सूची में है।
फिर भी इनका वर्ष 2018 – 19 में सलंग्नीकरण कर ( तीन स्थानो में ) कर दिया गया। जिसकी जाॅच की जाना चाहिए।
श्री गोस्वामी वर्तमान में उपप्राचार्य के निवास पर कब्जा जमाये हुए है
इतना ही नही श्री गोस्वामी वर्तमान में कनिष्ठ प्राथमिक शिक्षक होते हुए कन्या शिक्षा परिसर में उपप्राचार्य के निवास पर कब्जा जमाये हुए है,इस पर सम्बन्धित जन कोई कार्रवाई नही कर रहे हैं। जिसकी जाॅच की मांग की गयी है।
पीटीआई की लापरवाही से बच्चो का भविष्य अधंकार में
इनके द्वारा खिलाडियों का मनोबल गिराने के लिए कहा जा रहा है कि विभागीय भ्रष्टाचार के चलते यहा पर उच्च वर्ग के पी.टी.आई द्वारा खेल गतिविधियों का संचालन नही किया जा रहा है। और जिसके कारण यहा खेल परिणाम शून्य है। यहा पर यह बात भी गौर करने की है कि खेल परिसर से वर्ष 2024 – 25 में 18 खिलाडी राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रदर्शन कर चुके है,जो यहां पदस्थ पी.टी.आई की मेहनत का परिणाम है,हम सभी खेल से जुडे लोग चाहते है कि इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन जाॅच के आदेश दे,जिससे इन पी.टी.आई और खिलाडियों की भावना को ठेेस ना पहुॅचे। हम सभी अपने अधिकारी एवं विभाग के विकास क ेलिए समर्पित है।