सिवनी – नमस्कार दोस्तो आपने आज तक शराब घोटाला,चारा घोटाला,जीएसटी घोटाला,फर्जी डिग्री घोटाला,गरीबो को मिलने वाला अनाज घोटाला,मनरेगा घोटाला,शिक्षक भर्ती घोटाला,जमीन घोटाला,अपने करीबियो की नियुक्ति घोटाला,पेयजल घोटाला,बिना इन्टरव्यू असिस्टेंट प्रोफेसर घोटाला और स्कूल जाॅब घोटाला ये घोटाला वो घोटाला तो आपने सुना ही होगी लेकिन एक अजीबो गरीब घोटाला आपने नही सुना होगा यह घोटाला सिवनी जिले के केवलारी तहसील में हुआ है जहां वर्ष 2019 अक्टूबर 2022 तक फर्जी तरीके से प्रकरण तैयार कर पैसो के लिए आदमी को साॅपो से डसवाकर एक एक आदमी को कितने बार मारकर फिर उन्हे जिंदा कर लगभग 11 करोड 26 लाख रूपयो का घोटाला किया गया है इस मामले में वित्त व लेखा विभाग ने अपनी जाॅच पूर्ण कर ली है। प्रतिवेदन सिवनी कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन को लगभग एक माह पूर्व ही भेजा जा चुका है।

लेखा विभाग की जाॅच के बाद इस घोटाले में शामिल अधिकारियो के नाम भी स्पष्ट हो चुके है
इस घोटाले में मुख्य आरोपी सचिन दहायत व जिला कोषालय में पदस्थ लिपिक दुर्गेश पारधी सहित सात आरोपियो की गिरफतारी हो चुकी है। लेखा विभाग की जाॅच के बाद इस घोटाले में शामिल अधिकारियो के नाम भी स्पष्ट हो चुके है। सर्पदंश का फर्जी प्रकरण स्वीकृत किया जाकर कुछ बैक खातो में कई बार सहायता राशि लगभग 11 करोड 26 लाख रूपयो का भुगतान कोषालय सिवनी के माध्यम से किया गया था इस मामले में तत्कालीन सिवनी कलेक्टर डा.राहुल हरिदास फटिंग ने मजिस्ट्रियल जाॅच के आदेश दिये थे।

इस मामले में मुख्‍य रूप से सात आरोपी है जिन्‍होने बार – बार आदमी को मारकर उनका पैसा खाया
इस मामले में जिन शासकीय अमलो पर कार्रवाई होनी है उनके नाम कुछ इस प्रकार है 1. अमित सिंह बम्हरोलिया – तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, 2. गौरीशंकर शर्मा – तत्कालीन तहसीलदार, 3. शेख इमरान मंसूरी – तत्कालीन तहसीलदार, 4. मो.सिराज – तत्कालीन तहसीलदार, 5. हरीश लालवानी – तत्कालीन तहसीलदार,6. सैयद हैदर अली – सहायक ग्रेड 3 और सचिन दहायत ये भी सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारी है।

46 अशासकीय व्यक्तियो के नाम भी इस घोटाले में शामिल है जिनके उपर कार्रवाई होनी है
इसके अलावा 46 अशासकीय व्यक्तियो के नाम भी इस घोटाले में शामिल है जिनके उपर कार्रवाई होनी है। आपको बता दे इस घोटाले में एक नही बल्कि कई कर्मचारी और अधिकारियो की मिलीभगत लेखा विभाग की जाॅच रिपोर्ट में सामने आई है। सबसे खास बात यह है कि इस मामले में 46 अशासकीय व्यक्तियो के विरूद्ध भी कार्रवाई की जानी है शासकीय अमले में तत्कालीन एसडीएम अमित सिंह और पाॅच तहसीलदारो की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

आपको बताते है किसको कितने बार मारा गया
आपको बता दे यदि किसी की मृत्यु सर्प के काटने से होती है तो उसे सरकार द्वारा 4 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाता है।
घोटाले में आपको बताते है किसको कितने बार मारा गया रमेश नाम के व्यक्ति को 30 बार मारकर 1 करोड बीस लाख का घोटाला,रामकुमार को 19 बार मरा दिखाकर 38 बार फर्जी रिकार्ड के जरिए 81 लाख रूपये का घोटाला किया गया। शासन की राशि को पहचान के कई खातो में ट्रासफर किये जाने का यह घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ है।