एक लाख ९२ हजार में से केवल १ लाख देकर अधिकारी कह रहे अब और नही ि‍मलेगा पेमेंट

या सिर्फ ये बाते मंचो पर बोलने मे अच्छी लगती है यदि सच है तो महिला क्यो हो रही है परेशान
क्या जिम्मेदार लापरवाहो के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई
सिवनी – भारत ऐसा देश है जहां महिला राष्ट्रपति माननीय द्रोपदी मूर्मू है तो वही देश के प्रधानमंत्री भरे कंठ से महिलाओ को सशक्त बनाने के उददेश्य से कई सारी योजनाये चलाई जा रही है तो वही महिलाओ द्वारा किये जा रहे साहसिक कार्य को लेकर भरे कंठ से तारीफ करते नही थकते तो वही दूसरी ओर प्रदेश के मुखिया जब भी कोई कार्यक्रम होता या कोई नई योजना का प्रारंभ भी कन्यापूजन से करते है तो वही बात करे जिले की तो जिले की कलेक्टर भी सुश्री संस्कृति जैन है जहां कि सांसद भी श्रीमति भारती पारधी है तो वही जिले की भारतीय जनता पार्टी की अध्यक्ष भी श्रीमति मीना बिसेन है अब इसे जिले की दुर्भाग्य कहे या नगर की असफलता इतना होने के बाद भी एक बेटी जिसकी माॅ कैसंर जैसी बीमारी से जॅूझ रही है उसे शिक्षा विभाग द्वारा बच्चो के भोजन का टेंडर दिया जाता है जिसके बाद काम हो जाने के बाद उसे अपने द्वारा किये गए काम के बदले पैसो के लिए कैसे दर – दर सरकारी अफसरो की मौनोपल्ली के चलते भटकाया जा रहा है उसकी फाईल को एक आफिस से दूसरे आफिस और दूसरे आफिस से तीसरे आफिस में भेजा जा रहा जहां फाईल को दबा दिया जाता है यह मामला पूरा की पूरा जनवरी 2025 से लेकर मई 2025 तक पूरे पाॅच महिने क्यो लटकाया जा रहा है आप समझ सकते है आखिर फाईल को क्यो इधर से उधर और उधर इधर किया जा रहा है।
कौन – कौन कर रहे परेशान
इस मामले में सूत्रो की माने तो 15 दिनो में पेमेंट हो जाना चाहिए था लेकिन अधिकारियो की अफसरशाही और मोनोपल्ली के चलते पीडित महिला का पेमेंट नही हो पाया है इस मामले में जनशिक्षा केन्द्र के महेश बघेल और बीआरसी अरूण राय की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
मशक्कत के बाद पीडिता को मिला एक लाख का पेमेंट
इस मामले में पीडिता द्वारा कलेक्टर से शिकायत की गई जिसके बाद पीडिता को एक लाख 92 हजार रूपयो में से मात्र एक लाख रूपये दिये गए जिसके बाद कहा गया कि अब आपका पेमेंट हो गया अब और नही मिलेगा।
कहा – कहां गई फाईल
मामला दिनाॅंक 20 जनवरी 2025 को जनपद शिक्षा केन्द्र द्वारा मिश्रा केटरिंग सर्विस महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल भैरोगंज सिवनी को ओलम्पियाड में उपस्थितो को भोजन पैकेट प्रदान करने के लिए आर्डर दिया जाता है आर्डर में बाकायदा लिखा होता है कि पत्रानुसार विकासखंड स्तरिय ओलम्पियाड सत्र 2024 – 25 जो कि इस विकासखंड की परीक्षा दिनाॅंक 22 एवं 23 जनवरी 2025 को शासकीय हायर सेकेडंरी स्कूल महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में आयोजित होता है जिसमें दो दिनो में परीक्षार्थी,अभिभावको,शिक्षको,जनशिक्षक एवं अन्य अधिकारीध्कर्मचारियो को निर्धारित मीनू के मुताबिक बैठाकर भोजन प्रदान किये जाने के संबंध में सभी फर्मो से प्राप्त दरो में सबसे कम दर प्राप्त होने की स्थिति में भोजन प्रदान करने को आदेश दिया जाता है पत्र के अंत में लिखा होता है कि राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देशानुसार 15 दिवसो में नियमानुसार भुगतान प्रदान किया जायेगा तो वही 15 दिनो की छोडिये पाॅच महिने यानी 150 दिनो से भी अधिक अवधि होने बाद भी आखिर क्यों शिक्षा विभाग द्वारा भुगतान नही किया गया यह बडा सवाल है।
पीडिता की माॅ कैसंर से पीडित है फिर भी नही पसीज रहा अधिकारियों का दिल
इसी बात को लेकर पीडिता ने बताया कि उसके द्वारा 22 एवं 23 जनवरी 2025 को भोजन कराया जाता है जिसके बाद 5 फरवरी 25 को बीआरसी को बिल दिया जाता है जिसके बाद 12 मार्च 25 को वह बिल डीपीसी कार्यालय पहुॅच जाता है जिसके बाद 27 मार्च 25 को वह बिल जिला पंचायत पहुॅच जाता है जिसके बाद वह फाईल जिला पंचायत में दो महिने दबी रहती है जिसके बाद पीडिता शालू मिश्रा ने स्वयं जाकर फाईल 23 मई 25 को निकलवाई परेशान होकर पीडिता ने जिला कलेक्टर से शिकायत की आपबीती सुनाई इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी बीआरसी अरूण राय ने फोन उठाना बंद कर दिया इसके साथ ही 25 मार्च 2025 को जन शिक्षा केन्द्र के महेश बघेल ने दो दिनो में पीडिता को उसके द्वारा किये गए कार्य के बदले पेमेंट कराने का आश्वासन दिया लेकिन फिर भी पेमेंट नही मिला।
पीडिता द्वारा कमीशन नही दिया जा रहा इसलिए पेमेंट निकलने में हो रही है देरी
कही ऐसा तो नही कि इस मामले में अधिकारियो को कमीशन की आश हो इस कारण पेमेंट निकालने में देरी की जा रही है। जिसकी मांग पूरी ना होने की स्थिति में पीडिता के पेमेंट को अटकाकर परेशान किया जा रहा है।
परेशान होकर पीडिता ने कलेक्टर से लगाई गुहार
जिसके बाद पीडिता ने जिला कलेक्टर सिवनी (म.प्र.) को ज्ञापन सौपते हुए ज्ञापन में बताया कि प्रोपाइटर (ओमनी अलका मिश्र) है। दिनांक 22 एवं 23 जनवरी 2025 को शा.म.ल.बा.उ.मा.क. विद्यालय सिवनी में आयोजित ओलंपिया में, डी. पी. सी. के आदेशानुसार लगभग 1780 से अधिक विद्यार्थियों अभिभावकों एवं स्टॉफ के लिये, दो दिन के लिये भोजन व्यवस्था का कार्य हमारे द्वारा किया गया जिसके बिल देयक 12 फरवरी 25 को डी.पी.सी. कार्यालय में जमा कर दिया गया। कार्यालय द्वारा 15 दिन में भुगतान का आरवासन हमें दिया गया था ।
लगभग 5 माह के समय बीत जाने के उपरांत भी हमें डी.पी. सी. समन्वयक भी महेश बघल एवं अरुण राय के द्वारा कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। मेरा भुगतान (192500-00 रु.) आज दिनांक तक नहीं प्राप्त हुआ है।
पीडिता ने आगे बताया कि मुझे कैंसर हो गया है जिसका ईलाज टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई में चल रहा है रेडियेशन एवं कीमोथेरेपी जारी है तथा शीघ्र सर्जरी प्रस्तावित है मैं गंभीर आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक कष्ट से गुजर से गुजर रही हूँ। मेरी फाईल सीईओ जिला पंचायत एवं कलेक्टर कार्यालय से वापिस डी.पी.सी. कार्यालय जा चुकी है। जिसके बिल का भुगतान किया जायें। जब इस मामले में बीआरसी से फोन पर बात की गई तो उन्होने कहा मै अभी मीटिंग में हूॅ बाद में बात करता हूॅ।