सिवनी – विकासखंड छपारा मुख्यालय के शीशगर वार्ड में संचालित मां शारदा शिशु संस्कार विद्यालय की मान्यता नहीं मिलने पर भी धडल्ले से संचालित किया जा रहा है, ज्ञात हो कि नवीन मान्यता हेतु सत्र 2025-26 हेतु उक्त विद्यालय प्रबंधन द्वारा नवीन मान्यता हेतु आवेदन किया गया था, निरीक्षण उपरांत बी आर सी छपारा के द्वारा अभिमत दिया गया की विद्यालय में पूर्ण संसाधन नहीं होने एवं रजिस्टर्ड किरायनामा ना होने कारण विद्यालय को नवीन मान्यता देने हेतु अनुशंसा नहीं की जाती है। इसी अनुशंसा का हवाला देते हुए जिला परियोजना समन्वयक के द्वारा भी मान्यता नहीं प्रदान की गई थी।
नियमों को ताक पर रख चल रहा बिना मान्यता के विद्यालय’
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 के प्रयोजन के लिए निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार का अधिनियम 2011 के नियम 11के उपनियम 4 के अधीन स्कूल को मान्यता में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में उपयुक्त संसाधन नहीं होने की दशा में मान्यता नहीं प्रदान की जा सकेगी किंतु उक्त विद्यालय प्रबंधन के द्वारा लापरवाही पूर्वक और छात्रों के भविष्य को ताक पर रख कर विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
अधिकारियों का संरक्षण कही कर न दे छात्रों का भविष्य बरबाद’
तहसील मुख्यालय में संचालित बिना मान्यता के विद्यालय की खबर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नहीं है उक्त बिना मान्यता के चल रहे विद्यालय में लगभग तीन सैकड़ा से अधिक छात्रों का भविष्य दाव पर लगा हुआ है , यदि उक्त विद्यालय के संचालन की खबर अधिकारियों को है तो क्या यह अधिकारियों का खुला संरक्षण नहीं है।
बच्चे कैसे देंगे बोर्ड परीक्षा’
बिना मान्यता के चल रहे मां शारदा संस्कार विद्यालय में बच्चे किस तरह मैप होंगे और किस तरह से उन्हें छात्रवृत्ति और अन्य सुविधा का लाभ मिलेगा। मान्यता नहीं मिलने की दशा में बच्चे 5 वीं और 8 वी बोर्ड परीक्षा से भी वंचित रह जायेगे। अब देखना यह है कि अधिकारियों के कान में कब तक जू नहीं रेंगती है।
बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों को टी सी जारी करने का दिया गया था नोटिस’
जिला शिक्षा अधिकारी के नोटिस क्रमांक 388ध्मान्यताध्2025 दिनांक 17ध्06ध् 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा आदेश किया गया था कि जिन विद्यालयों की मान्यता नहीं प्रदान की गई है वे अपने अध्ययनरत छात्रों की टी सी और दाखिल खारिज रजिस्टर नजदीकी संकुल केंद्र में तत्काल जमा करवाए किंतु उक्त विद्यालय प्रबंधन के द्वारा मान्यता भी मिलने की स्थिति में भी टी सी नजदीकी संकुल केंद्र में जमा नहीं कराई गई बल्कि कक्षाएं भी लगाई जा रही है जिससे उक्त विद्यालय में अध्ययनरत लगभग 3 सैकड़ा अधिक छात्रों का भविष्य खराब होने की कगार पर पहुंच गया है।
अभिभावकों को दी जा रही झूठी जानकारी’
अभिभावकों के द्वारा बताया गया कि विद्यालय प्रबंधन ने विद्यालय को मान्यता मिल जाने की झूठी जानकारी देकर बच्चो का प्रवेश ले लिया और अब टी सी मांगने पर टी सी नहीं दी जा रहीं है।
अधिकारी आखिर क्यो नही दे रहे ध्यान
अधिकारियो को जिले में कही भी कोई बिना मान्यता के फर्जी तौर पर यदि कोई शिक्षण संस्थान संचालित हो रहा है जिसकी सूचना मिलने पर या स्वयं जाॅच के दौरान दोषियो के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आफिस में बैठकर निपटाते है फाईल
आफिसरो को जिले में कोई असवैधानिक बिना दस्तावेज के कोई भी शिक्षण संस्थान यदि संचालित होता है जिसकी समस्त प्रकार की जानकारी इनके पास होती है लेकिन आखिर जिम्मेदार अफसर ऐसे मामलो में क्यो ध्यान नही देते है।
कही मिलीभगत तो नही
अधिकारियो की कही मिलीभगत के चलते तो कही जिले में ऐसे फर्जी तरीके से बिना मान्यता के शिक्षण संस्थान इन अधिकारियो की मिलीभगत से तो संचालित नही किये जा रहे तभी तो बैखौफ होकर लोग मनमाने तरीके से शिक्षण संस्थान जैसे जिम्मेदार कार्य को अंजाम देते हुए विद्यार्थियो के भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी की क्या जिम्मेदारी है
जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे मामलो में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐसे लापरवाहो के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये ताकि भविष्य में विद्याथियों के भविष्य को बर्बाद होने से बचाया जा सकें।