सिवनी – कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार जिले में अमानक खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा जिलेभर में सतत औचक निरीक्षण किए जा रहे है,लेकिन सूत्र बताते है कि नगर में कई सारी ऐसी खाद्य पदार्थो की दुकाने है जहां पर पैकेट बंद खाद्य सामग्री बेची जा रही है जिसमें ना तो निर्माण की तारीख अंकित होती है और ना ही उस खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट लिखी होती है और ये दुकाने विगत अनेक वर्षो से संचालित है जिनके नाक के नीचे से प्रशासन के लोग दिन में जाने कितने बार गुजरते होंगे लेकिन उनकी आॅखो में ये दुकाने क्यों दिखाई नही पडती यह समझ से परे है कही ऐसा तो नही कि जिन दुकानो में इस तरह की खाद्य सामग्री बेची जा रही है वे दुकाने धनवान और रसूखदार लोगो की है इसलिए इन दुकानो पर कार्रवाई नही होती है या फिर प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करना नही चाहता अब देखना होगा कि प्रशासन की इस तरह की भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली पर कब अंकुश लगता है। और प्रशासन कब ऐसी दुकानो पर कार्रवाई करता है। आपको बता दे जिन दुकानो पर कार्रवाई की गई जिसमें निरीक्षण के दौरान मैजिक बॉक्स की सहायता से मौके पर ही आयोडीन और अन्य रसायनों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची जा रही है।
बरघाट लखनादौन और धनौरा में हुई कार्रवाई
इसी क्रम में दिनांक 06 अगस्त 2025 को बरघाट, लखनादौन एवं धनौरा क्षेत्र के प्रतिष्ठानों से विभिन्न खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए। बरघाट के नैना होटल से खोवा व दूध बर्फी, शिव होटल से कुंदा पेड़ा व मिक्स नमकीन, वैशाली राजस्थान स्वीट्स से खोवा, कलाकंद व मिक्स नमकीनय लखनादौन की बलराम दूध डेयरी, अभिनव जलपान गृह व मुंजा दूध डेयरी से कुंदा पेड़ा, लड्डू एवं दूध के नमूने तथा धनौरा के जोधपुर मिष्ठान भंडार से कलाकंद, कुकीज और नमकीन के नमूने जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए हैं।
87 मामलों में 14,94,000 की जुर्माना राशि अधिरोपित की गई
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सोनू तिवारी ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 से अब तक कुल 91 प्रकरण अपर कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 87 मामलों में 14,94,000 की जुर्माना राशि अधिरोपित की गई है। त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिले में जांच अभियान तेज किया गया है। सभी खाद्य विक्रेताओं को गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री विक्रय एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया है।







