निष्काम सेवा और अटूट श्रद्धा से ही प्रभु तक पहुँचा जा सकता है


केवट प्रसंग के भावविभोर वर्णन से श्रीराम कथा के अष्टम दिवस श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
कोठिया, बिहीरिया गुरुधाम (दिघौरी), जिला सिवनी।श्रीराम कथा के अष्टम दिवस का आयोजन भक्तिरस, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। पूज्य पं. श्री नीलैश शास्त्री जी महाराज ने केवट प्रसंग का अत्यंत मार्मिक, भावविभोर एवं प्रेरणादायी वर्णन करते हुए कहा कि निष्काम सेवा, अटूट श्रद्धा और निर्मल भाव ही भक्त को प्रभु श्रीराम के चरणों तक पहुँचाते हैं। पूज्य शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि केवट द्वारा प्रभु श्रीराम के चरण पखारने की भावना केवल एक कर्म नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और पूर्ण समर्पण की पराकाष्ठा थी। यह प्रसंग समाज को यह सशक्त संदेश देता है कि ईश्वर भक्ति में न तो जाति का भेद है, न पद का अभिमान और न ही वैभव का महत्वकृप्रभु केवल शुद्ध हृदय और सच्ची भक्ति को स्वीकार करते हैं


कथा के दौरान जैसे-जैसे केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन आगे बढ़ा, वैसे-वैसे कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संपूर्ण वातावरण “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो गया और समूचा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो उठा।

आज की कथा में विशेष रूप से सिवनी विधायक दिनेश राय ‘मुनमुन राय’ की गरिमामयी उपस्थिति रही। विधायक जी ने व्यास पीठ पर विराजमान पूज्य कथाव्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रीराम कथा के सफल, अनुशासित एवं भव्य आयोजन की सराहना करते हुए आयोजन समिति को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
आयोजन समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि कल श्रीराम कथा का विश्राम दिवस रहेगा। इस अवसर पर हवन एवं महाप्रसाद का भव्य आयोजन किया जाएगा। समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर हवन में आहुति देने एवं महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्यलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
अंत में सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रीराम कथा के अष्टम दिवस का मंगलमय, भक्तिमय एवं अविस्मरणीय समापन हुआ।