गोपालगंज स्थित एमकेपीएस स्टीम राइस मिल पर केमिकल युक्त अपशिष्ट छोड़ने का गंभीर आरोप, मिल बंद करने की मांग
सिवनी/गोपालगंज : जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली पुण्य सलिला मां बैनगंगा नदी इन दिनों गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। जिला पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोपालगंज से होकर प्रवाहित होने वाली मां बैनगंगा में गोपालगंज–धमनियां रोड पर स्थित एमकेपीएस स्टीम राइस मिल (ऊसना प्लांट) द्वारा केमिकल युक्त जहरीला पानी छोड़े जाने का आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मां बैनगंगा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सिवनी शहर सहित सैकड़ों गांवों की पेयजल आपूर्ति भी इसी नदी के जल से होती है। लोग पूजन-पाठ एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इसी पवित्र नदी के तट पर एकत्रित होते हैं। बावजूद इसके, राइस मिल द्वारा छोड़े जा रहे औद्योगिक अपशिष्ट ने बैनगंगा के जल को जहरीला बना दिया है।
बताया जा रहा है कि यह प्रदूषित जल आगे चलकर भीमगढ़ डेम तक पहुंच रहा है, जहां से सिवनी शहर और समूह नल-जल योजनाओं के माध्यम से लोगों को पीने का पानी सप्लाई किया जाता है। ऐसे में लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
इतना ही नहीं, स्टीम राइस मिल में दहन प्रक्रिया के बाद निकलने वाली राख भी गोपालगंज क्षेत्र के वातावरण को प्रदूषित कर रही है। क्षेत्रवासी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, जिससे सांस संबंधी एवं अन्य गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ती जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य घनश्याम सनोडिया, गोपालगंज सरपंच हरिशंकर साहू, दुर्गेश चक्रवर्ती, पंच राजकुमार बामनिया, रज्जू भाई, पंच शुभम शुक्ला,शरद चौरसिया, दीपक रजक, प्रहलाद चंद्रवंशी, विशाल अबधिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उक्त राइस मिल से क्षेत्र को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल रहा है, उल्टा यह जल और वायु दोनों को प्रदूषित कर रही है। उन्होंने जनहित में इस स्टीम राइस मिल को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग की है, ताकि जिले की जलवायु शुद्ध रह सके और आमजन का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामले पर क्या कार्रवाई करता है।








