सरकारी तनख्वाह और सुविधाये लेने वालो की खुली पोल
सरकारी योजनाओ को धडल्ले से मिलीभगत कर देते रहे लाभ
अधिकारी क्या आॅख बंद कर कार्य करने की तनख्वाह सरकार से लेते है
सिवनी – शासन द्वारा एसटी/एससी के साथ ही अन्य पिछडा वर्ग के लोगों के उत्थान के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के साथ ही इन वर्गो के बच्चों की निर्विध्न शिक्षा की पवित्र मंशा से विभिन्न छात्रवृत्तियाॅ प्रदान की जाती है। इस कल्याणकारी योजना में आपसी मिलीभगत एव षढयत्रपूर्वक सुनी धोखाधडी कर छात्रवृत्ति अन्य लाभ प्राप्त किये जाने का एक स्वप्रमाणित प्रकरण प्रकाश में आया है जिसकी शिकायत जिला कलेक्टर से जनसुनवाई के माध्यम से की गई है।
झूठी और भ्रामक जानकारी दी
टैगोर वार्ड कालीचैक काली मंदिर के पीछे गौडी मुहल्ले में समृद्धि उर्फ गोल्डी पटेल नाम की लगभग 25 वर्षीया एक युवती अपनी माॅ सतीताः सौतेली मा अन्नपूर्णा, सौतेला भाई सुदेश उर्फ शन्नी, सौतेली माभी सुशमा एवं उसके बच्चों तथा एक बुआ के साथ निवास करती है और स्वयं को एचडीएफसी बैंक में कार्यरत बताती है।
समृद्धि नामक इस युवती के समय आईडी पोर्टल आदि शासकीय अभिलेखों में उसकी माता का नाम रातीता पटेल, पिता का नाम अनुज पटेल पता शास्त्री वार्ड सिवनी एवं पिता का व्यवसाय कृषक कृषि और वार्षिक आय 30.000 – दर्ज हैं।
शाला एवं महाविद्यालयीन स्तर पर शासन द्वारा पढ़ाई के लिये दी जाने वाली योजनाओं के सबंध में समृद्धि पटेल / उसके परिवार द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन / ऑफलाइन आवदेनों/म०प्र० शिक्षा पोर्टल / स्कॉलरशिप पोर्टल में भी उक्तानुसार ही समृद्धि की माॅं का नाम सतीता पटेल, पिता का नाम अनुज पटेल, व्यवसाय कृषक कृषि वार्षिक आय 30.000 – और पता 445/3. शास्त्री बाई सिवनी अकित करवाई गई है।
आखिर जन्म तिथी क्यो नही लिखी गई या चैक की गई
उक्त अभिलेखों / जानकारी में कुछ जगह उसके पिता के नाम के आगे या तो रिक्त स्थान छोड दिया गया है या फिर मि.ÛÛÛÛÛ भी लिखा गया है।
उपरोक्त अभिलेखों / जानकारी के आधार पर समृद्धि पटेल द्वारा वर्ष 2013-14 से लेकर 2017-18 तक महात्मा गांधी शास. उच्च.् माध्य शाला सिवनी तथा मिशन कन्या उच्च. माध्य. शाला सिवनी में कक्षा नौवी से बारहवीं तक एव 2019-20, 2020-21 तथा 2021-22 में डीपी चतुर्वेदी कॉलेज सिवनी में अध्ययन करते हुए राज्य शासन पिछडा वर्ग छात्रवृत्ति योजना एवं पोस्ट मैट्रिक पिछडा वर्ग छात्रवृत्ति योजनांतर्गत निरंतर नकद राशि/सायकिल /गणवेश आदि का लाभ लिया गया है।
शिकायत के तथ्य
समय आईडी पोर्टल, शिक्षा पोर्टल पर स्कॉलरशिप पोर्टल आादि समस्त अभिलेखों में समृद्धि के पिता के रूप में दर्ज अनुज पटेल का नाम पूर्णतः मिध्या, भ्रामक और फर्जी है।
अभिलेखो के अनुसार, समृद्धि पटेल के उक्त कथित पिता अनुज पटेल की जन्मतिथि 00/00/2002 तथा समृद्धि पटेल की 00/00/2000 है। अर्थात् पिता अनुज कंपनी ही पुत्री समृद्धि से दो साल छोटा और उसकी बेटी समृद्धि अपने पिता यानि अनुज से भी आयु में दो साल बडी होना पूरी तरह सिद्ध और प्रमाणित है।
मामा के बेटे को पिता के रूप में दिखा दिया
पुष्ट जानकारी के अनुसार समृद्धि पटेल के कथित पिता के रूप में जिस अनुज पटेल का नाम छल-कपट एवं कूटरचनापूर्वक दर्ज करवाया गया है वास्तव में उसका नाम अनुज चंदेल है जो समृद्धि पटेल के सगे मामा का बेटा है। अनुज पटेल अथवा अनुज चन्देल सिवनी जिला केवलारी तहसील के जामुनपानी गाॅव का निवासी है और केवलारी में कार वाशिंग सेन्टर में कार्य करता है।
युवती के वास्तविक पिता का नाम सोहनलाल है।
वस्तुतः प्रमाणित एवं अटल सत्य तो यह है कि समृद्धि पटले के जैविक और वास्तविक पिता का नाम सोहन लाल है। सिवनी शहर और जिला तो दूर सम्पूर्ण भारत में सोहनलाल के पास उसके परिवार के नाम से कहीं भी सुई की नोक बराबर भी कोई कृषि भूषि भूमि पहले कभी थी और अब है। ऐसे में समृद्धि के पिता का कृषक होना और कृषि से 3 हजार की वार्षिक आय सबंधी कथन भी पूरी तरह मिथ्या भ्रामक एंव धोखा है।
सूत्र बताते है कि समृद्धि पटेल सोहन लाल की वैद्य संतान नहीं है। लगभग 25-30 साल पहले सोहनलाल अपनी पत्नी और उससे उत्पन्न पाॅच संतानो होते हुए भी ग्राम जामुनपानी से अपनी सगी साली साली सतीता को ससुराल वालो की मर्जी के खिलाफ ले आया था जिससे उसका विवाह भी नही हुआ है। उक्त सतीता और सोहन से ही समृद्धि का जन्म हुआ था। चूंकि पहली पत्नी और उससे जन्मे पाॅच – पाॅच बच्चो और जीवनयापन के लिये एकमात्र आटा चक्की के अलावा अन्य कोई जरिया ना होने के कारण 09-10 लोगों की आजीविका और पढ़ाई आदि के लिये समृद्धि को सरकारी आर्थिक व अन्य सहायत मिलने में दिक्कते सामने आ सकती थी। संभवतः इसी वजह से सोहनलाल, सत्तीता, समृद्धि और अनुज व अन्य ने एक राय होकर स्कूल,काॅलेज प्रंबधन संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत एवं षडयंत्रपूर्वक इस धोखाधडी भरे कृत्य को अंजाम दिया होगा। जो उच्च स्तरीय सूक्ष्म व गहन जांच के उपरांत ही सत्य सामने आ सकता है।
समृद्धि की माताजी सतीता पटेल का जो आयुष्मान कार्ड बना हुआ है जिसमें उसका पता 000,मेम्बर आईडी क्रमांक 1036241226 तथा समग्र परिवार आईडी नं 39104406 दर्ज है जबकि यही समग्र आईडी अनुज पटेल की मा राधा बाई की भी है। सतीता की स्वयं की समग्र परिवार आईडी नं. 48826251 है। क्या सही है. शोध का विषय है।
यद्यपि यह जांच/कार्यवाही की विषयवस्तु में सम्मिलित नहीं है किंतु यह उल्लेख करना आवश्यक है कि समृद्धि के पिता सोहन लाल का भी आर्थिक, चारित्रिक अनियमितताओं व दूसरों की संपत्तिया कब्जाने का अपना एक इतिहास रहा है जिनकी फेहरिस्त काफी लंबी चैडी है जिसे एकत्रित करने का उपक्रम जारी है।
युवती ने एक पत्रकार के साथ भी की थी जालसाजी
यह भी एक उल्लेखनीय तथ्य है कि समृद्धि पटेल नामक उक्त युवती लगभग तीन बरस पहले लखनादौन निवासी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ भी करीब तीन लाख रुपयों की जालसाजी कर चुकी है। विधिवत् शिकायत आदि के बाद माफीनामा और जालसाजी की रकम वापिस करने एव समझौता होने पर मामला शांत हो पाया।
प्रार्थना
यद्यपि वर्णित्त उपरोक्त आधार एवं तथ्यों से यह पूर्णत सिद्ध व प्रामाणिक है कि शासकीय छात्रवृत्तियों तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिये समृद्धि, उसके परिवार एवं अनुज चन्देल द्वारा छल-कपटपूर्वक कूटरचित मिथ्याकथन कर शासन के साथ घोखाधडी की गई और राजस्व को क्षति पहुंचाई गई। इस कृत्य में शास.महात्मा गांधी उच्च. माध्य. शाला, मिशन कन्या उच्च.माध्य.शाला और डीपी चतुर्वेदी महाविद्यालय के प्रबंधन सहित स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग अल्पसख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की भी पूर्ण संलिप्तता और सहभागिता रही है जिनके द्वारा प्रांरभ से ही किसी भी स्तर पर दस्तावेजो का मूल्याकन नहीं किया गया और अपराध में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।





