सिवनी – जिले में रंगों का पर्व रंगोत्सव होली बुधवार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। लोगों ने एक दूसरे को रंगों से सराबोर किया तो दोपहर बाद अबीर- गुलाल लगाया और एक दूसरे के गले मिलकर होली की बधाई दी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ढोल, झाल, मजीरा लेकर फाग गीत गाते हुए युवाओं की टोली निकली और एक दूसरे के घरों में पहुंच कर होली मिलन समारोह किया। गांव-गांव में होली गीतों और डीजे की धुन पर युवाओं ने खूब ठुमके लगाए। नगरीय इलाकों में जगह जगह होली मिलन समारोह आयोजित हुए। फ्रीलांसर जर्नलिस्ट जितेन्द्र सिंह ने आगे बताया कि होली खेलने में महिलाएं भी पीछे नहीं रही। होली के लिए विशेष पकवान तैयार करने के बाद एक दूसरे के घर पहुंच कर होली खेली। होली खेल कर सभी एक रंग में रंग गए। इस पर्व में ऊंच नीच, अमीर गरीब, जाति के बंधन मिट गए। इस बार खग्रास चंद्र ग्रहण के कारण सोमवार रात होलिका दहन के बाद बुधवार को धुरेड़ी मनाई गई।बुधवार सुबह होते ही बच्चे बड़े-बुढ़े लोग रंग लेकर निकल पड़े। होली को लेकर बच्चो,युवाओं में विशेष उत्साह दिखा। सबसे पहले होलिका की राख को शरीर पर लगाया। इसके बाद एक दूसरे को रंगों से भिगोने की शुरूआत की। युवाओं ने चेहरे पर पहले से ही पेंट पोत लिया ताकि रंगों का असर न हो, वहीं कुछ युवाओं ने पूरे शरीर में तेल लगा लिया और होली खेलने मैदान में उतरे। बच्चों ने तरह तरह के मुखौटे, टोपी पहन कर अलग ही रंग में नजर आए। कहीं गुब्बारे में रंग भरकर एक दूसरे पर फेंकी तो कहीं पिचकारी की धार से रंगों की बौछार की। युवाओं ने रंगों की पुड़िया हाथों पर मल कर एक दूसरे का चेहरा रंगीन बनाया। वहीं कुछ जगह कपड़े फाड़ होली की भी धूम रही। ग्रामीण, कस्बा और शहरी इलाकों मे युवाओ, बुजुर्गों की टोली इस गली से उस गली घूम कर एक दूसरे को रंग लगाते। वहीं ग्रामीण इलाकों में होलियारों की टीम ढोल, मजिरा, झांझ के साथ जुलूस निकाला और होली गीत गाए। दोपहर बाद रंगों का सिलसिला कुछ कम हुआ। कुछ ने स्नान के बाद नए कपड़े पहन कर अबीर लेकर निकल पड़े और एक दूसरे के घर पहुंच कर होली मिलन किया। घर पर बने पकवान का आनंद उठाया। होली में कुछ अप्रिय घटना नहीं हुई किंतु कुछ अप्रिय ना हो इसके लिए प्रशासन सक्रिय रहा।







