सिवनी – कुशल नेतृत्व अदम्य साहस, मार्गदर्शक के रूप में शहर और प्रदेश में आपका नाम ही.पी. चतुर्वेदी महाविद्यालय के नाम से चलता है। विद्यालय, महाविद्यालयों के संरक्षक के रूप में आपने जिस प्रकार से सभी को एकता के सूत्र में बांधा है उसी प्रकार आपने परिवार को भी एकता के सूत्र में बांधकर रखने वाले शिक्षाविद डा.डी.पी चतुर्वेदी ऐसे विशाल व्यक्तित्व के धनी का जन्म 5 मार्च 1934 को मां कात्यायनी षष्ठी देवी की स्थली कपुर्दा, जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.) में हुआ। पिता श्री जानकी प्रसाद चतुर्वेदी अद्वितीय विश्व युद्ध के महान सेनानी थे। आपने प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कर सन् 1953 में शास. प्रा.शाला डुंगरिया में जिला छिंदवाड़ा में शिक्षक के रूप में शिक्षकीय जीवन की आधारशिला रखी।


स्वाध्याय द्वारा आपने हिन्दी एवं संस्कृत में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। अपने शिक्षकीय जीवन में आपने सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिला के छात्रो को शिक्षा प्रदान तो की साथ ही जीवन के पथ पर सत्य मार्ग को अपनाने की प्रेरणा भी दी। आपने शिक्षकों की दशा पर शिक्षक संगठन का नेतृत्व करते हुए शिक्षकों को उचित सम्मान, वेतन की पहल करते हुए भोपाल में अनशन तक किया। अपने स्वयं के व्यय से शिक्षकों के हित के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए शिक्षा विभाग से संपर्क करते रहते थे। आपके जीवन में छात्र हित शिक्षक हित, शिक्षा हित, समाज हित और राष्ट्र प्रेम की भावना स्पष्ट झलकती हैं। आप वेद उपनिषद के ज्ञाता संगीतप्रेमी के साथ एक कुशल कवि भी रहे हैं आपकी रचनाएं स्कूली में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुनने मिल जाती है। आपकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम अंतम झलकता है। आपका जीवन कई पावन प्रवाहों का संगम है जिसमें गंगा जल जैसी पवित्रता निरंतर प्रवाहित है। आप कुशल संगठक है। शिक्षकीय जीवन में छात्र छात्राओं, शिक्षकों को एक सूत्र में बांधकर रखना आपकी कौशलता का सुंदर उदाहरण देखने मिलता है। त्याग समर्पण छुआछूत से दूर आपकी जीवनशैली रही है आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र घंसौर के सरी ग्राम में सरकार से माध्यमिक स्कूल खोलने की पहल आपके द्वारा ही हुई और वहां के प्रधानाध्यापक पद पर 15 वर्षों तक रहकर क्षेत्र को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया।

कुशल नेतृत्व अदम्य साहस, मार्गदर्शक के रूप में शहर और प्रदेश में आपका नाम ही.पी. चतुर्वेदी महाविद्यालय के नाम से चलता है। विद्यालय, महाविद्यालयों के संरक्षक के रूप में आपने जिस प्रकार से सभी को एकता के सूत्र में बांधा है उसी प्रकार आपने परिवार को भी एकता के सूत्र में बांधकर रखा है।
आप महाकवि तुलसी की वाणी की साकार प्रतिमा है- तुलसी परिवार के मुखिया की विशेषता बताते हुए कहते हैं कि – मुखिया मुख सी चाहिए, खान पान को एक।
पाले पोले सकल अंग, तुलसी सहित विवेक ।।
80 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरांत आज भी आपकी आध्यात्म साधना अनवरत जारी है। वेद पुराण रामायण, गीता, महाभारत के प्रकाण्ड पंडित है किसी भी प्रसंग पर आपकी अमृतमयी धारा प्रवाह वाणी श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर देती है। सरस सागर में डूबकर श्रोता अपने में आनंद महसूस करते है।
आप नगर के महान शिक्षको विदों में अग्रणी रहे है। शिक्षा जगत को आपने एवं आपके परिवार ने जो दिया है वह स्वंय विद्यालयो महाविद्यालयों के माध्यम से अपनी कहानी कह रहे है।
आपके कुशल मार्गदर्शन में श्रीराम आदर्श शिक्षा समिति सिवनी द्वारा संचालित श्री राम आदर्श विद्यालय सिवनी. श्री राम आदर्श विद्यालय डूण्डा सिवनी, ज्ञानदीप विद्यालय सिंगोड़ी अमरवाड़ा जिला छिंदवाड़ा एस.एस.सी महाविद्यालय घंसौर एस.एस.सी शिक्षा महाविद्यालय डोरली छतरपुर (ड्रीमलैंड सिटी सिवनी), डी पी सी रोल मॉडल एक्सीलेंस स्कूल होम लैंड सिटी, डी पी सी मॉ कासेज सिवनी, डी पी सी स्कूल ऑफ नर्सिंग, एवं डी.पी. चतुर्वेदी विज्ञान, वाणिज्य, एवं शिक्षा महाविद्यालय सिवनी। समस्त संस्थाएँ नगर के छात्र/छात्राओं को शिक्षा के बहुआयामी क्षेत्र में अवसर प्रदान कर रही हैं। यह नगर एवं प्रदेश में शैक्षिक जगत में आपके योगदान को सदैव याद रखेगा।
उन्ही की याद में भारत विकास परिषद के तत्वाधान में स्वर्गीय डी.पी. चतुर्वेदी के जन्मदिन पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया इस आयोजन में दिल्ली से आई रजनी श्रीवास्तव ने बुंदेली गीत हास्य तथा श्रंगार की रचनाओ से मंच को ऊंचाइयां प्रदान की वहीं झांसी के पंकज अंगार ने संवेदना के गीतों की प्रस्तुति दी बैतूल के हरीश पांडे ने बेटी को लेकर संवेदनशील रचनाओं की प्रस्तुति दी।
इसी क्रम में रमेश श्रीवास्तव जगदीश तपिश अवनीश पाठक के अतिरिक्त डीपीसी विधि महाविद्यालय के विधार्थियों ने काव्य पाठ किया कार्यक्रम के संयोजक डॉ रामकुमार चतुर्वेदी व भारत विकास परिषद ने संयोजक गणेश गुप्ता सुनील मालू सुबोध बाझल आकाश नाहर ने सभी कवियों का सम्मान किया इस अवसर पर सांसद नीता पटेरिया अखिलेश यादव अन्नपूर्णा मिश्रा राजेंद्र तिवारी मुकेश मनमौजी संजय जैन संजू सतीश मिश्रा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।







