सिवनी – चंदन के बगीचे के नाम से कभी सिवनी बहुत जाना जाता था चंदन चोरी कांड के नाम पर सिवनी जिला विख्यात हो रहा है। असित गोपाल डीएफओ के घर के सामने से भी चंदन का वृक्ष चोरी हो जाने तक मामला सुर्खियो में खूब छाया रहा है। चंदन के पौधा लगाने से लेकर काटने तक की अनुमति के लिए वन विभाग से लेकर राजस्व विभाग तक में सूचित करने का प्रावधान है जिसमें चंदन के वृक्ष ही नही किसी भी प्रजाति के वृक्ष को यदि आपको काटना है तो विधिवत स्थान वृक्ष की लम्बाई चैाडाई किस प्रजाति का वृक्ष है वृक्ष हरा है या सूख गया है सबके नियम प्रथक – प्रथक है।
इस मामले में सिवनी जिले में नरेन्द्र गुडडु ठाकुर भाजपा युवा नेता के द्वारा 25 मार्च 2015 को एक आवेदन तहसीलदार को चंदन के पौधारोपण दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। जिसकी प्रतिलिपी भू अभिलेख में अधीक्षक व वन परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी को दिया गया था।
अनूप सिंह पुत्र ज्ञान सिंह बगैरह के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज है
आपको जानकारी दे दें भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुडडु ठाकुर के द्वारा ग्राम गोपालगंज पटवारी हल्का नंबर 132 रा.नि.म.सिवनी भाग – 01 में कृषि भूमि खसरा 783 रकबा 2.55 हैक्टेयर जो कि अनूप सिंह पुत्र ज्ञान सिंह बगैरह के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज है। जिसमें नरेन्द्र गुडडु ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया था कि लगभग 9 – 10 वर्षो में मेरे द्वारा उपरोक्त कृषि भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है। तथा खसरा फार्म पी – 2 के क्रमांक 12 कैफियत में नायब तहसीलदार के रा.प.क्र.4304/बी – 121/2012-13 के अनुसार नरेन्द्र सिंह ठाकुर के नाम से कब्जा दर्ज है।
आवेदन में भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुडडु ठाकुर ने यह भी उल्लेख किया था कि लगभग 9 – 10 वर्षो से उपरोक्त कृषि भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है उपरोक्त भूमि पर मेरे द्वारा पाॅच छह वर्षो में चंदन के पोधो का रोपण किया गया है जो कि अब सुरक्षित होकर बडे वृक्ष हो गये है जिनकी संख्या लगभग 500 है। उपरोक्त वर्णित चंदन के वृक्षो की गिनती कर दर्ज करने का आग्रह नरेन्द्र गुडडु ठाकुर के द्वारा किया गया था
चंदन के वृक्षो को सरकारी दस्तावेजो में दर्ज किया गया था कि नही
अब सवाल यह उठता है कि भाजपा युवा नेता नरेन्द्र गुडडु ठाकुर के द्वारा यदि पाॅच सौ चंदन के पौधे लगाये गए थे और वे सुरक्षित बडे हो गए थे उन्हे वन और राजस्व विभाग में सरकारी दस्तावेजो में दर्ज किया था या नही यह पडताल अभी जारी है। सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार चंदन वृक्ष चोरी चले गए थे और कुछ मृत हो गए थे चंदन जैसे कीमती वृक्षो को लेकर सिवनी जिले का वन विभाग कितना गंभीर और संवेदनशील रहा है इसको लेकर विभागीय अधिकारियो से जानकारी ली जा रही है।
नरेन्द्र गुडडु ठाकुर का नाम चढाने पीयूष दुबे ने किया था आदेश
तत्कालीन तहसीलदार पीयूष दुबे का नाम भूमाफिया बहुत अच्छे से जानते और पहचानते है और उनका गुणगान करना नही भूलते वे तारीफ करते थकते नही साथ ही कहते है कि तहसीलदार पीयूष दुबे के समय में हमारा कोई भी काम नही अटकता था ऐसे ही कुछ पीयूष दुबे तहसीलदार ने नरेन्द्र गुडडु ठाकुर का नाम कब्जा के काॅलम में दर्ज कर राजस्व विभाग का नाम रौशन करके दिखाया है। जबकि जानकार बताते है कि कब्जा के काॅलम में नाम दर्ज करने के मामले में पूर्व के तहसीलदारो ने मना कर दिया था किंतु तहसीलदार पीयूष दुबे ने अपने कार्यकाल में उसी काॅलम में कब्जेदार के कालॅम में आदेश कर दिया था।