एक नाली निवासियो के लिए बनी सिरदर्द
सिवनी। एक ओर पूरे देश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को जन-जन का अभियान बनाकर शहरों और गांवों को साफ-सुथरा रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिवनी नगर के कबीर वार्ड स्थित ज्ञानी मोहल्ले में नियम विरुद्ध तरीके से निर्मित एक नाली स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। नाली में गंदा पानी लगातार जमा रहने से क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है, कीड़े-मकोड़े और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।

बारिश में जमा जमा पानी से पैदा हो रहे मच्छर मक्खी
पूरे नगर ने देखा जैसे ही बारिश शुरू हुई वैसे ही नगरपालिका के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई नगर के बुधवारी बाजार एवं मुख्य मार्गो में पानी की निकासी ना होने के कारण नालियों का गंदा पानी सडको पर आ गया जिससे पूरी सडक एक नदी में तब्दील हो गई जिसके बाद नालियो का मलबा सडक किनारे जमा हो गया जिसे सहज रूप से देखा जा सकता है,पूरे साल नगरपालिका को नगर में निवासरत लोगो की चिंता बिल्कुल नही होती और ना ही बरसात पूर्व बरसात में होने वाली परेशानियों से निकलने की व्यवस्था की जाती है।
नाली का निर्माण तकनीकी मानकों के विपरीत किया गया है

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली का निर्माण तकनीकी मानकों के विपरीत किया गया है। उचित ढाल (स्लोप) नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती और गंदा पानी दिनों तक नाली में भरा रहता है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों का घरों के बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। बदबू के कारण लोगों का बैठना और आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
शिकायत के बाद भी नही जागे जिम्मेदार

निवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो नाली की तकनीकी जांच कराई गई और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया गया। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब गंदा पानी सड़क तक फैलने लगता है। निवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो नाली की तकनीकी जांच कराई गई और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया गया। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब गंदा पानी सड़क तक फैलने लगता है।
समय रहते यदि नाली का पुर्ननिर्माण नही हुआ तो होगी गंभीर बीमारियां
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नाली का पुनर्निर्माण अथवा सुधार नहीं कराया गया तो डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने यह भी मांग की है कि नाली निर्माण में यदि किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मौके का निरीक्षण कर नाली की तकनीकी जांच कराई जाए
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर नाली की तकनीकी जांच कराई जाए, रुके हुए गंदे पानी की तत्काल निकासी कराई जाए तथा नाली का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
अधिकारियो और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा
वार्डवासियों ने जिले की बेहद ही संवेदनशील कलेक्टर श्रीमति नेहा मीणा,सांसद श्रीमति भारती पारधी,सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन,भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमति मीना बिसेन नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया से अपेक्षा है से अब देखना यह होगा कि स्वच्छता अभियान की भावना को धरातल पर उतारने का दावा करने वाले जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और कबीर वार्ड के लोगों को इस समस्या से राहत मिल पाती है।







