गौरी रजनीश हरवंशसिंह को स्विटजरलैंड के काॅलेज से मिली हाॅस्पिटेलिटी बिजनेस लीडरशिप की डिग्री
दीक्षांत समारोह में शामिल हुए ठाकुर रजनीश हरवंशसिंह
एमपी का नाम किया रौशन जिससे जिला समेत प्रदेश में खुशी की छाई लहर
जब माता-पिता की आंखों के सामने बच्चे सफल होते हैं, तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता
सिवनी – माता-पिता के जीवन की सबसे बड़ी खुशी शायद वह पल होता है, जब उनके बच्चे अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हैं। बच्चे की सफलता केवल उसकी उपलब्धि नहीं होती, बल्कि उसमें माता-पिता के वर्षों के त्याग, तपस्या, संघर्ष और उम्मीदों की भी जीत छिपी होती है।
बच्चा जब एक दिन अपने पैरों पर खड़ा होकर सफलता हासिल करता है
जिस बच्चे को माता-पिता ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, जिसकी छोटी-सी खुशी के लिए उन्होंने अपनी अनेक इच्छाओं को पीछे रखा, वही बच्चा जब एक दिन अपने पैरों पर खड़ा होकर सफलता हासिल करता है, तो माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ जाते हैं। उस समय शब्द कम पड़ जाते हैं और दिल गर्व से भर जाता है।
पुत्री गौरी सिंह ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर बडी उपलब्धि हासिल कर पूरे सिवनी जिले का नाम रौशन किया
महाकौशल प्रांत के वरिष्ठ नेता व पूर्व त्रिविभागीय मंत्री स्वर्गीय ठाकुर हरवंशसिंह की नातिन तथा केवलारी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक ठाकुर रजनीश हरवंशसिंह की होनहार पुत्री गौरी सिंह ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर बडी उपलब्धि हासिल कर पूरे सिवनी जिले का नाम रौशन किया है। गौरीसिंह ने विश्व के प्रसिद्ध ग्लियान इंस्टीटयूट आॅफ हायर एजुकेशन स्विटजरलैंड से एमएससी इन हाॅस्पिटैलिटी बिजनेस लीडरशिप की डिग्री हासिल की है। इस अवसर पर ठाकुर रजनीश हरवंशंसिह और और उनकी धर्मपत्नि भी स्विटजरलैंड में मौजूद थी इस अवसर पर ठाकुर रजनीशसिंह अपनी पुत्री गौरी को बधाई देते हुए कहा कि यह बेटी की मेहनत ,लगन और समर्पण का परिणाम है।
परिस्थितियां विपरीत होती हैं, लेकिन वे अपने बच्चों का हौसला टूटने नहीं देते।
माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए न जाने कितने सपने देखते हैं। वे अपनी जरूरतों को सीमित कर बच्चों की पढ़ाई, उनकी सुविधाओं और उनके बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास करते हैं। कभी आर्थिक कठिनाइयां आती हैं, कभी परिस्थितियां विपरीत होती हैं, लेकिन वे अपने बच्चों का हौसला टूटने नहीं देते।
जीवन में कोई बड़ी उपलब्धि तो वह क्षण माता-पिता के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता।
बच्चे की सफलता का परिणाम जब माता-पिता के सामने आता है फिर चाहे वह परीक्षा में अच्छे अंक हों, नौकरी की उपलब्धि हो, व्यवसाय में सफलता हो, किसी प्रतियोगिता में जीत हो या जीवन में कोई बड़ी उपलब्धि तो वह क्षण माता-पिता के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता।
सबसे खास बात यह होती है कि माता-पिता बच्चे की सफलता में अपना योगदान तलाशते हैं।
सबसे खास बात यह होती है कि माता-पिता बच्चे की सफलता में अपना योगदान तलाशते हैं। उन्हें लगता है कि उनके वर्षों का संघर्ष सार्थक हो गया। जिस दिन बच्चा कहता है, “मां-पापा, मैंने कर दिखाया”, उस दिन माता-पिता के चेहरे पर जो मुस्कान आती है, उसकी तुलना दुनिया की किसी भी खुशी से नहीं की जा सकती।
बच्चे की उपलब्धि उनके त्याग का सम्मान होती है और उनकी उम्मीदों का जवाब भी।
सफलता के उस पल में बच्चे के साथ-साथ माता-पिता भी सफल होते हैं। बच्चे की उपलब्धि उनके त्याग का सम्मान होती है और उनकी उम्मीदों का जवाब भी।
इसलिए जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी सफलता क्यों न मिले, उस सफलता की खुशी अपने माता-पिता के साथ जरूर बांटनी चाहिए। क्योंकि आपकी सफलता के पीछे उनकी अनगिनत दुआएं, रातों की चिंताएं, दिन-रात की मेहनत और निःस्वार्थ प्रेम शामिल होता है।
बच्चों की सफलता माता-पिता के लिए केवल गर्व का विषय नहीं होती, बल्कि उनके पूरे जीवन की सबसे खूबसूरत कमाई होती है।
और सच तो यह है कि जिस दिन माता-पिता अपने बच्चे को सफल और खुश देखते हैं, उस दिन उनके चेहरे की खुशी देखकर लगता है उनके जीवन की सारी मेहनत सफल हो गई।







