सिवनी। मध्य प्रदेश में एक ओर नशे से दूरी 2.0 जैसे जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं तो वही राष्ट्र निर्माता कहलाने वाले शिक्षक जैसे पद पर बैठे गुरू ही शराब पीकर नशे से नजदीकी बढाने का काम कर रहे है बता रहे है कि कल हमने शराब पी थी जिसकी गंध आ रही है जबकि एक दिन पहले पी गई शराब की गंध क्या दूसरे दिन आ सकती है चाहे जो भी हो लेकिन एक तरफ पुलिस प्रशासन समेत सरकार भी युवा जो कि राष्ट्र की नीव कहलाता है उसे नशे से दूर करने का प्रयास करते हुए उसके दुष्प्रभावों से परिचित कराने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है लेकिन दूरदराज वाले क्षेत्रों में देखने सुनने को मिल रहा है कि शिक्षक शराब के नशे मे ही स्कूल पहुॅच रहे है ऐसे में एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना कैसे की जा सकती है आपको बता दें सिवनी जिले के छपारा जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत प्राथमिक शाला देवरी कला से सामने आई एक घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 12.30 बजे जब मीडिया टीम विद्यालय पहुंची तो एक शिक्षक के मुंह से शराब जैसी गंध आने का आरोप लगाया गया। पूछने पर संबंधित शिक्षक ने कथित रूप से कहा कि उन्होंने आज नहीं, कल शराब पी थी।
इसके बाद मामले की जानकारी मीडिया द्वारा बीआरसी कार्यालय में दी गई। उस समय अधिकारियों ने बताया कि जांच के लिए दो सदस्यीय टीम विद्यालय भेजी जाएगी। हालांकि, मीडिया 4.30 तक उपस्थित रही है न तो जांच टीम विद्यालय पहुंची और न ही कोई कार्रवाई होती दिखाई दी।


बाद में मामला जनपद शिक्षा कार्यालय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सिवनी के समक्ष भी रखा गया। मीडिया ने कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे-छोटे बच्चे इस विद्यालय में अध्ययन करते हैं, इसलिए यदि आरोप सही हैं तो यह अत्यंत गंभीर मामला है।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी केवल शिकायतों तक सीमित रहकर फाईलो के नीचे दबकर रह जाएगा?