सिवनी- सरकार के द्वारा बच्चों को पूर्ण पोषण आहार मिल सके कोई भी बच्चा भूखा ना रहे कोई भी बच्चा पढाई से वंचित ना हो जिसके लिए साईकिल किताबे स्कूल यूनिफार्म आदि सरकार की ओर से दिये जाते है जिस पर भी जिन लोगो को काम सौपा जाता वे सरकार जनकल्याणकारी योजनाओ पर पलीता लगाने से नही चूक रहे है इन सब कामो पर निगरानी रखने के लिए प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी होते है जिसके बाद भी भ्रष्टाचार का यह खेला चल रहा है ऐसा ही एक मामला जिले के प्राथमिक शाला कामता में शासकीय मध्याह्न भोजन योजना की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को परोसे गए मिड-डे मील में इल्ली मिलने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद से ही ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शाला कामता में मध्याह्न भोजन वितरण का कार्य रागिनी स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाता है। हमेशा की तरह बच्चे भोजन करने बैठे थे, तभी एक छात्रा की थाली में परोसी गई सब्जी दाल में इल्ली तैरती हुई दिखाई दी। छात्रा ने तुरंत इसकी जानकारी शिक्षकों को दी, जिसके बाद बात पूरे गांव में फैल गई।
मौके पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने रागिनी स्व-सहायता समूह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समूह द्वारा बच्चों को लंबे समय से घटिया और अमानक स्तर का भोजन परोसा जा रहा है। खाना पकाने में स्वच्छता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जाता।

ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से लिखित व मौखिक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं। किसी भी अधिकारी ने समय रहते समूह पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण आज बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत समूह की बढ़ गई है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रागिनी स्व-सहायता समूह का ठेका तुरंत निरस्त नहीं किया गया और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्कूल में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। घटना के बाद से ही क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।








