’2000 किलोमीटर पीछा कर 100 से अधिक सीसीटीवी खंगाले, उत्तराखंड-उत्तरप्रदेश के फर्जी खाते होल्ड कराए’
सिवनी – गत दिनों पुलिस ने हुई 35 लाख की ठगी करने वालो को 2 हजार किलोमीटर दूर से आखिर ढूंढकर ले ही आइ्र पुलिस से ऐसा कोई भी काम मुश्किल नही है जो ना कर सके और होता भी है गत दिनो एक करोड के जेवरात की लूट करने वालो को भी पुलिस ने अपनी सूझबूझ और तकनीकी सहायता लेते हुए लूट के आरोपियो समेत लूट का पूरा सामान भी बरामद कर लिया तो आपको बताते है कैसे पुलिस ने ठगी करने वालो को पकडा पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी लखनादौन अपूर्व भलावी के नेतृत्व’ में थाना छपारा पुलिस को सायबर फ्रॉड के मामले में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
पीडित ने 2 करोड में 100 टन सुपारी देने का सौदा किया था
आपको बता दें थाना छपारा क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 27 जुलाई 2026 को पीडित वैभव शिवहरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह इंटरनेशनल एक्सपोर्ट का काम करता है। उसे बांग्लादेश से 100 टन सुपारी का ऑर्डर प्राप्त हुआ था। उक्त ऑर्डर की सप्लाई हेतु उसने ऑनलाइन स्थानीय व्यापारियों से संपर्क किया। इसी दौरान सांगली महाराष्ट्र के बालाजी ट्रेडर्स नामक कंपनी से 100 टन सुपारी 2 करोड़ रुपये में उपलब्ध कराने का सौदा हुआ। प्रार्थी द्वारा व्यापारी के खाते में 35 लाख रुपये एडवांस के रूप में डाले गए। बाद में सैम्पल देखने सांगली महाराष्ट्र जाने पर ज्ञात हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बालाजी ट्रेडर्स के नाम से फर्जी तरीके से उसके साथ 35 लाख रुपये की ठगी की है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना छपारा में ’अपराध क्र. 326/26 धारा 318(4), 319(2) बीएनएस’ के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
’पुलिस की कार्यवाही -’ मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसडीओपी लखनादौन अपूर्व भलावी एवं थाना प्रभारी छपारा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य एकत्रित करने पर ज्ञात हुआ कि आरोपियों द्वारा पीडित की राशि को एक बैंक खाते से दूसरे विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है तथा संदेही खाते उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश में संचालित हो रहे हैं।
पुलिस ने किस तरह से की सफलता हासिल
पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होकर लगभग ’2000 किलोमीटर का सफर तय कर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को चेक’ किया गया। संदेहियों एवं उनके फर्जी खातों की जानकारी एकत्र कर संबंधित बैंकों को नोटिस देकर फर्जी खातों में जमा राशि को होल्ड कराया गया एवं निकासी पर रोक लगवाई गई।
बैंक से उचित पत्राचार एवं वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर होल्ड कराई गई ’सम्पूर्ण 35 लाख रुपये की राशि प्रार्थी के बैंक खाते में वापस ट्रांसफर’ कराने में सफलता प्राप्त की गई।
2000 दूर से ठगी करने वालो को पकडकर लाने वाले जाबाॅज
उक्त कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लखनादौन अपूर्व भलावी, थाना प्रभारी छपारा निरी. खेमेन्द्र कुमार जैतवार, उप निरी. मुकेश डेहरिया, उप निरी. भुजवल सिंह प्रजापति, प्र.आर. मूलसिंह उइके, आर. विनय सेंगर, आर. सूरज गिरारे, सायबर सेल प्रभारी सउनि देवेन्द्र जायसवाल एवं सायबर सेल प्र.आर. अजय बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।